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गुरुग्राम विश्वविद्यालय को एआईसीटीई से मिली मान्यता
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गुरुग्राम। गुरुग्राम विश्वविद्यालय (जीयू) के इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के सभी पाठ्यक्रमों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त हो गई है। विवि के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने बताया कि एआईसीटीई नई दिल्ली ने मान्यता प्रदान करके जीयू की गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक व्यावसायिक तकनीकी शिक्षा पर मुहर लगाई है। विवि को कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से शैक्षणिक एवं वित्तीय संसाधन प्राप्त हो सकेंगे। इससे विवि के विद्यार्थियों को देश-विदेश में उच्च शिक्षा एवं नौकरी के लिए आसानी होगी।
कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने बताया कि जीयू के इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग में नए सत्र से चार एआईसीटीई मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। जिनमें बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (साइबर सिक्योरिटी) और बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी) शुरू किए गए हैं। सभी पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों को एआईसीटीई ने मान्यता दी है। कुलपति ने इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के डीन डॉ. अशोक खन्ना व स्टाफ को शुभकामनाएं दी हैं।
कुलपति ने बताया कि गुरुग्राम विवि में नए शैक्षणिक सत्र 2022-2023 के तहत स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है। स्नातक कोर्सों में आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई शाम 4 बजे तक की है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की स्थापना नवंबर 1945 में एक राष्ट्रीय स्तर की सर्वोच्च सलाहकार संस्था के रूप में की गई थी, जोकि तकनीकी शिक्षा के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर सर्वेक्षण करने और देश में समन्वित और एकीकृत तरीके से विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थी। एआईसीटीई क्वालिटी एजुकेशन, एकेडमिक परफॉर्मेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी फैकल्टी आदि मापदंडों के आधार पर इंजीनियरिंग कोर्स को मान्यता प्रदान करती है।
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कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने बताया कि जीयू के इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग में नए सत्र से चार एआईसीटीई मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। जिनमें बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (साइबर सिक्योरिटी) और बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी) शुरू किए गए हैं। सभी पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों को एआईसीटीई ने मान्यता दी है। कुलपति ने इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के डीन डॉ. अशोक खन्ना व स्टाफ को शुभकामनाएं दी हैं।
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कुलपति ने बताया कि गुरुग्राम विवि में नए शैक्षणिक सत्र 2022-2023 के तहत स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है। स्नातक कोर्सों में आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई शाम 4 बजे तक की है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की स्थापना नवंबर 1945 में एक राष्ट्रीय स्तर की सर्वोच्च सलाहकार संस्था के रूप में की गई थी, जोकि तकनीकी शिक्षा के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर सर्वेक्षण करने और देश में समन्वित और एकीकृत तरीके से विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थी। एआईसीटीई क्वालिटी एजुकेशन, एकेडमिक परफॉर्मेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी फैकल्टी आदि मापदंडों के आधार पर इंजीनियरिंग कोर्स को मान्यता प्रदान करती है।
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