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Gurugram News: नूंह के मॉडल स्कूल की सूरत बिगाड़ रहा गेट पर लगे कूड़े ढेर
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह ।
जिला मुख्यालय स्थित गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के गेट पर लगे कूड़े के ढेर से लोग परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि जब से इन स्कूलों को सरकार को दिया गया, उसी दिन से अव्यवस्था व गंदगी के शिकार हैं। स्कूल के अंदर भी सफाई नहीं हो पा रही है ,वहीं स्कूल के बाहर बुरा हाल है।
बता दें, कि जिले के मेवात मॉडल स्कूल यहां की नाक हुआ करते थे। मेवात की शिक्षा में जो सुधार हुआ है वो इन्हीं स्कूलों की देन है। इन स्कूलों को पहले मेवात विकास अभिकरण द्वारा चलाया जाता था। लेकिन कई साल पहले इन स्कूलों को सरकार ने एजेंसी से लेकर गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बदल दिया। उसी दिन से इन स्कूलों की हालत खराब है। हालात ये हैं कि पढ़ाई से लेकर सफाई तक का ढर्रा खराब हो गया। आसिफ अली, खलील अहमद, रफीक आजाद, दीन मोहम्मद, वेदप्रकाश, रमेश कुमार का कहना है कि गेट के सामने से आला अधिकारी गुजरते हैं और पूरा स्टाफ रोजाना इस गंदगी को देखता है। लेकिन किसी पर कोई असर नहीं है। प्रिंसिपल को तुरंत प्रभाव से यहां सफाई कराकर स्कूल को बेहतर बनवाना चाहिए।
यह प्रिंसिपल को देखना चाहिए, लेकिन हम इस पर ध्यान देंगे। स्कूल के सामने गंदगी नहीं होनी चाहिए। अगर कोई दिक्कत होगी तो उसे दूर कराकर इस ठीक कराएंगे। -सगीर अहमद, डिप्टी डीईओ नूंह।
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नूंह ।
जिला मुख्यालय स्थित गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के गेट पर लगे कूड़े के ढेर से लोग परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि जब से इन स्कूलों को सरकार को दिया गया, उसी दिन से अव्यवस्था व गंदगी के शिकार हैं। स्कूल के अंदर भी सफाई नहीं हो पा रही है ,वहीं स्कूल के बाहर बुरा हाल है।
बता दें, कि जिले के मेवात मॉडल स्कूल यहां की नाक हुआ करते थे। मेवात की शिक्षा में जो सुधार हुआ है वो इन्हीं स्कूलों की देन है। इन स्कूलों को पहले मेवात विकास अभिकरण द्वारा चलाया जाता था। लेकिन कई साल पहले इन स्कूलों को सरकार ने एजेंसी से लेकर गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बदल दिया। उसी दिन से इन स्कूलों की हालत खराब है। हालात ये हैं कि पढ़ाई से लेकर सफाई तक का ढर्रा खराब हो गया। आसिफ अली, खलील अहमद, रफीक आजाद, दीन मोहम्मद, वेदप्रकाश, रमेश कुमार का कहना है कि गेट के सामने से आला अधिकारी गुजरते हैं और पूरा स्टाफ रोजाना इस गंदगी को देखता है। लेकिन किसी पर कोई असर नहीं है। प्रिंसिपल को तुरंत प्रभाव से यहां सफाई कराकर स्कूल को बेहतर बनवाना चाहिए।
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यह प्रिंसिपल को देखना चाहिए, लेकिन हम इस पर ध्यान देंगे। स्कूल के सामने गंदगी नहीं होनी चाहिए। अगर कोई दिक्कत होगी तो उसे दूर कराकर इस ठीक कराएंगे। -सगीर अहमद, डिप्टी डीईओ नूंह।
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