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Gurugram News: वन कर्मियों की मांग, हथियार मुहैया करवाए सरकार
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वन कर्मचारी संघ हरियाणा ने बैठक में कहा सरकार का रुख वन एवं पर्यावरण विरोधी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। वन कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी की बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार पर वन एवं पर्यावरण विरोधी होने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि वन कर्मियों को हथियार उपलब्ध कराए जाएं। सरकार ने निहत्थे वन कर्मियों को मरने के लिए मजबूर कर रखा है।
खंड अधिकारी ओम पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जोगेन्द्र करौंथा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने निहत्थे वन कर्मचारियों को मरने के लिए मजबूर कर रखा है। वन विभाग में पुलिस पैटर्न लागू है, लेकिन पुलिस की तरह हथियार उपलब्ध नहीं कराए गए हैं और 24 घंटे की ड्यूटी के बदले अतिरिक्त एक माह का वेतन भी वन कर्मचारियों को नहीं दिया जाता है। उसके बावजूद हर रोज वन कर्मचारी जिंदगी और मौत से खेल रहे हैं । पिछले दिनों पानीपत के बहरामपुर गांव में वन राजिक अधिकारी पर तेंदुए द्वारा हमला किया गया था। यह पहली घटना नहीं थी । पलवल में भी वर्षों पहले वन दरोगा को तेंदुए ने बुरी तरह घायल कर दिया था ।
ओमपाल ने कहा कि वन रक्षकों की ऑनलाइन तबादलों की सूची चार महीने पहले जारी हुई थी लेकिन विभाग प्रशासन द्वारा चार महीने से एचआरएमएस डाटा ट्रांसफर नहीं किया गया है। बैठक में विरेन्द्र सिंह, हरिकिशन, कृष्ण कुमार, नवीन कुमार, राहुल शर्मा आदि कर्मचारी मौजूद थे। संचालन लोकेश राव ने किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। वन कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी की बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार पर वन एवं पर्यावरण विरोधी होने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि वन कर्मियों को हथियार उपलब्ध कराए जाएं। सरकार ने निहत्थे वन कर्मियों को मरने के लिए मजबूर कर रखा है।
खंड अधिकारी ओम पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जोगेन्द्र करौंथा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने निहत्थे वन कर्मचारियों को मरने के लिए मजबूर कर रखा है। वन विभाग में पुलिस पैटर्न लागू है, लेकिन पुलिस की तरह हथियार उपलब्ध नहीं कराए गए हैं और 24 घंटे की ड्यूटी के बदले अतिरिक्त एक माह का वेतन भी वन कर्मचारियों को नहीं दिया जाता है। उसके बावजूद हर रोज वन कर्मचारी जिंदगी और मौत से खेल रहे हैं । पिछले दिनों पानीपत के बहरामपुर गांव में वन राजिक अधिकारी पर तेंदुए द्वारा हमला किया गया था। यह पहली घटना नहीं थी । पलवल में भी वर्षों पहले वन दरोगा को तेंदुए ने बुरी तरह घायल कर दिया था ।
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ओमपाल ने कहा कि वन रक्षकों की ऑनलाइन तबादलों की सूची चार महीने पहले जारी हुई थी लेकिन विभाग प्रशासन द्वारा चार महीने से एचआरएमएस डाटा ट्रांसफर नहीं किया गया है। बैठक में विरेन्द्र सिंह, हरिकिशन, कृष्ण कुमार, नवीन कुमार, राहुल शर्मा आदि कर्मचारी मौजूद थे। संचालन लोकेश राव ने किया।
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