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आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल की तर्ज पर दी जाएगी शिक्षा
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गुरुग्राम। जिले के 1033 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 104 को प्ले स्कूल में बदला गया है। अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों को भी प्ले स्कूलों में बदलने की योजना है। प्रदेश सरकार ने इन केंद्रों पर 30 अक्तूबर तक बच्चों को नहीं बुलाने के आदेश किए हैं। लेकिन वर्कर्स इन केंद्रों में काम करती रहेंगी।
पिछले साल से कोरोना महामारी के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पका हुआ खाना नहीं दिया जा रहा है। उनके घरों पर सूखा राशन गेहूं, चावल, तेल, दूध पाउडर प्रत्येक महीने पहुंचाया जा रहा है। बीते दिनों बच्चों के लिए 15 सितंबर से 5 अक्तूबर तक 20 दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें बच्चों को खेल-खेल में पढ़ना सिखाया गया, हालांकि कोरोना महामारी को देखते हुए सभी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष तक के 5 से 10 बच्चे ही बुलाए गए।
जेबीटी और स्नातक पास लड़कियों को मिलेगी जिम्मेदारी
आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों में बदलने के बाद बच्चों को पढ़ाने एवं गतिविधियों से जोड़ने की जिम्मेदारी जेबीटी और स्नातक पास लड़कियों को मिलेगी। सीडीपीओ नेहा दहिया ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को शिक्षा का अच्छा माहौल मिल सके। वहीं कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से जिले के 104 केंद्रों को प्ले स्कूल में बदला जा चुका है। अन्य को भी इसी तर्ज पर जोड़ा जाना है। सरकार के आदेशानुसार 30 अक्तूबर तक बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र नहीं बुलाया जाएगा, सिर्फ कार्यकर्ता विभागीय कार्य के लिए केंद्रों पर आएंगी।
- सुनैना, जिला कार्यक्रम अधिकारी, गुरुग्राम।
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पिछले साल से कोरोना महामारी के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पका हुआ खाना नहीं दिया जा रहा है। उनके घरों पर सूखा राशन गेहूं, चावल, तेल, दूध पाउडर प्रत्येक महीने पहुंचाया जा रहा है। बीते दिनों बच्चों के लिए 15 सितंबर से 5 अक्तूबर तक 20 दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें बच्चों को खेल-खेल में पढ़ना सिखाया गया, हालांकि कोरोना महामारी को देखते हुए सभी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष तक के 5 से 10 बच्चे ही बुलाए गए।
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जेबीटी और स्नातक पास लड़कियों को मिलेगी जिम्मेदारी
आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों में बदलने के बाद बच्चों को पढ़ाने एवं गतिविधियों से जोड़ने की जिम्मेदारी जेबीटी और स्नातक पास लड़कियों को मिलेगी। सीडीपीओ नेहा दहिया ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को शिक्षा का अच्छा माहौल मिल सके। वहीं कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से जिले के 104 केंद्रों को प्ले स्कूल में बदला जा चुका है। अन्य को भी इसी तर्ज पर जोड़ा जाना है। सरकार के आदेशानुसार 30 अक्तूबर तक बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र नहीं बुलाया जाएगा, सिर्फ कार्यकर्ता विभागीय कार्य के लिए केंद्रों पर आएंगी।
- सुनैना, जिला कार्यक्रम अधिकारी, गुरुग्राम।