फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   ED searches realty major DLF in money laundering case against Supertech

Gurugram: सुपरटेक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में डीएलएफ ऑफिस में ईडी का छापा

Sat, 25 Nov 2023 02:46 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 25 Nov 2023 02:46 PM IST
सार

प्रवर्तन निदेशालय ने रियल एस्टेट फर्म सुपरटेक और उसके प्रमोटरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत गुरुग्राम में रियल्टी कंपनी डीएलएफ के परिसरों की तलाशी ली है।

विज्ञापन
ED searches realty major DLF in money laundering case against Supertech
प्रवर्तन निदेशालय। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट फर्म सुपरटेक और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुग्राम स्थित रियल्टी कंपनी डीएलएफ के परिसरों की तलाशी ली। अधिकारियों ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी। 

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि ईडी पिछले कुछ दिनों से कार्रवाई कर रही थी, इस दौरान कई दस्तावेज जब्त किए गए। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई दिल्ली, हरियाणा और यूपी पुलिस विभागों द्वारा सुपरटेक लिमिटेड और उसके ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ 670 घर खरीदारों से 164 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज 26 एफआईआर से जुड़ी है। हालांकि, इस बारे में डीएलएफ की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। बता दें कि ईडी ने इस मामले में सुपरटेक के प्रमोटर राम किशोर (आरके अरोड़ा) अरोड़ा को जून में गिरफ्तार किया था। उन पर धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन


समय पर पूरी नहीं की गईं परियोजनाएं
ईडी के अनुसार, सुपरटेक ग्रुप के माध्यम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। समूह ग्राहकों को समय पर फ्लैट का कब्जा देने की जिम्मेदारी का पालन करने में विफल रहा। सुपरटेक ग्रुप ने 2013-14 में गुरुग्राम में जमीन खरीदने के लिए ग्राहकों और घर खरीदारों से मिले 440 करोड़ रुपये का इस्तेमाल भी अधिक लाभ कमाने के लिए गलत तरीके से अन्य परियोजनाओं में कर दी, जबकि नोएडा में उनकी पहले से वादा की गई परियोजनाएं पूरी नहीं हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


100 मीटर ऊंचा ट्विन टावर्स हुआ था ध्वस्त
अगस्त 2022 में, सुपरटेक को एक बड़ा झटका तब लगा था, जब नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्थित 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ध्वस्त कर दिया गया था। एमराल्ड कोर्ट परिसर के भीतर उनके निर्माण को मानदंडों का उल्लंघन पाया गया था। दोनों टावरों को ध्वस्त करने के लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। अरोड़ा ने तब कहा था कि नोएडा में अपने ट्विन टावरों के विध्वंस के कारण कंपनी को निर्माण और ब्याज लागत सहित लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।


बैंक के 432 करोड़ बकाया राशि का नहीं हुआ भुगतान
कंपनी को पिछले साल एक और झटका तब लगा, जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की दिल्ली पीठ ने मार्च में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 432 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान न करने को लेकर दायर याचिका पर सुपरटेक लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed