फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   E-tendering will be done for works costing more than 5 lakhs

5 लाख से अधिक लागत के कार्यों की होगी ई-टेंडरिंग

Wed, 17 Mar 2021 11:29 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Mar 2021 11:29 PM IST
विज्ञापन
E-tendering will be done for works costing more than 5 lakhs
गुरुग्राम। शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों के निर्माण कार्य और मरम्मत कार्यों की ई-टेंडरिंग के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। शौचालय, पेयजल सुविधा, स्कूल की चारदीवारी, रैंप, रसोई घर, स्कूल की मरम्मत का कार्य, स्कूल में पक्का रास्ता कराएं आदि के लिए 5 लाख से अधकि राशि के निर्माण कार्य कराने के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विज्ञापन

5 से 25 लाख रुपये की लागत कार्य को ई-टेंडरिंग प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा। उपमंडल अभियंता तकनीकि स्वीकृति के आधार पर डीएनआईटी तैयार करेगा, जोकि राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा तैयार की गाइडलाइन के अनुसार बनाया जाएगा और इसके लिए निविद निकाली जाएगी। जिस भी ठेकेदार का वित्तीय मूल्यांकन सबसे कम होगा, उसी से निर्माण कार्य कराया जाएगा। ऐसे में संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा स्कूल भवन निर्माण समिति अध्यक्ष की स्वीकृति के उपरांत निर्माण कार्य करने के लिए अनुमति देंगे।
विज्ञापन

वहीं 5 लाख तक के निर्माण कार्य स्कूली स्तर पर स्कूल प्रबंधन समिति के सहयोग से किए जाएंगे। 5 लाख की लागत के लिए कनिष्ठ अभियंता से नक्शे के अनुसार प्रस्तावित कार्य का एचएसआर के अनुुसार निर्माण कार्य अनुसार विवरण बनवाया जाएगा। उस कार्य पर निर्माण संबंधी मजदूरी एवं सामग्री की अनुुमानित लागत का अनुमान भी बनाएगा। कनिष्ठ अभियंता द्वारा अनुमान विवरण को उपमंडल अभियंता के पास जांच व सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया के उपरांत तीन कुटेशन ली जाएंगी, जिनपर समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर भी होंगे। सप्लायर का रेट कम व गुणवत्ता का सामान होगा, उसी से निर्माण सामग्री खरीदी जाएगी। यही प्रक्रिया मिस्त्री-मजदूूरों लिए होगी। वहीं
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
सरकारी स्कूलों में सभी निर्माण या मरम्मत कार्य स्कूल के स्टाफ, स्कूल प्रबंधन समिति आदि की टीम द्वारा सत्यापित करके कराए जाते थे। लेकिन अब 5 लाख से अधिक लागत का निर्माण कार्य ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराया जाएगा। जिसके लिए शिक्षा निदेशालय ने नई गाइडलाइन जारी की हैं, जबकि 5 लाख से कम लागत का निर्माण कार्य स्कूली स्तर पर ही कराया जाएगा। - संगीता चौधरी, जिला परियोजना संयोजक, गुरुग्राम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed