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सहकारी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों का डाटा होगा ऑनलाइन
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गुरुग्राम। सहकारी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों और सहकारी हाउस बिल्डिंग सोसाइटियों के सदस्यों का डाटा अब ऑनलाइन किया जाएगा। इस बारे में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने आदेश जारी किए हैं।
जिले में कुल 302 ग्रुप हाउसिंग तथा हाउस बिल्डिंग सोसाइटियां हैं। इन सभी सोसाइटियों के सदस्यों के नाम, मालिकाना हक के दस्तावेज, फोटो, कन्वेयन्स डीड आदि का डाटा ऑनलाइन होगा। यह कार्य समिति के सदस्य को स्वयं करना होगा। वह अपना डाटा अपनी समिति की मैनेजमेंट कमेटी के पास ऑनलाइन अपलोड करके फारवर्ड करेगा। जो उस डाटा को सहकारी समितियों के सहायक रजिस्ट्रार को भेजेगी। फिर यह डाटा सहायक रजिस्ट्रार के पोर्टल पर प्रदर्शित होगा।
सहायक रजिस्ट्रार सहकारिता समितियां इस डाटा को अपने कार्यालय के निरीक्षक से सत्यापित करवाएंगे। पूरा डाटा सही होने पर उसे फ्रीज कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होने से ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों तथा सहकारी हाउस बिल्डिंग सोसाइटियों में फ्लैट तथा अपार्टमेंट की खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी होने की संभावनाएं कम होगी। इससे सोसाइटियों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार सतीश रोहिला ने बताया कि अब जिले की 75 समितियों का डाटा ऑनलाइन होना बाकी है। जिले में सभी समितियों को अपने सदस्यों का डाटा ऑनलाइन करने के लिए लॉगइन आईडी तथा पासवर्ड सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय से दिया जा चुका है।
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गुरुग्राम के उप रजिस्ट्रार कार्यालय के अंतर्गत जिला फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी तथा नूंह भी आते हैं। इनमें से फरीदाबाद की 215 सहकारी ग्रुप हाउसिंग या हाउस बिल्डिंग समितियों में से अब तक 153 का डाटा फ्रीज किया जा चुका है। 22 अन्य समितियों का डाटा ऑन लाइन करने की प्रक्रिया जारी है।
पलवल में 29 सोसाइटियों में से 26 का डाटा फ्रीज हो चुका है। एक अन्य समिति का डाटा ऑनलाइन होने की प्रक्रिया में है। रेवाड़ी की कुल 44 सहकारी ग्रुप हाउसिंग समितियों में से 43 का डाटा फाइनल होकर फ्रीज किया जा चुका है। एक समिति बंद हालत में है। नूंह की दोनों सहकारी हाउस बिल्डिंग समितियों का डाटा फ्रीज किया जा चुका है। अपना डाटा ऑनलाइन नहीं भेजा है और किसी सदस्य को डाटा ऑन लाइन करवाने में परेशानी या समस्या आ रही हो तो वह अपने क्षेत्र के निरीक्षक सहकारी समितियां या सहायक रजिस्ट्रार के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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जिले में कुल 302 ग्रुप हाउसिंग तथा हाउस बिल्डिंग सोसाइटियां हैं। इन सभी सोसाइटियों के सदस्यों के नाम, मालिकाना हक के दस्तावेज, फोटो, कन्वेयन्स डीड आदि का डाटा ऑनलाइन होगा। यह कार्य समिति के सदस्य को स्वयं करना होगा। वह अपना डाटा अपनी समिति की मैनेजमेंट कमेटी के पास ऑनलाइन अपलोड करके फारवर्ड करेगा। जो उस डाटा को सहकारी समितियों के सहायक रजिस्ट्रार को भेजेगी। फिर यह डाटा सहायक रजिस्ट्रार के पोर्टल पर प्रदर्शित होगा।
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सहायक रजिस्ट्रार सहकारिता समितियां इस डाटा को अपने कार्यालय के निरीक्षक से सत्यापित करवाएंगे। पूरा डाटा सही होने पर उसे फ्रीज कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होने से ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों तथा सहकारी हाउस बिल्डिंग सोसाइटियों में फ्लैट तथा अपार्टमेंट की खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी होने की संभावनाएं कम होगी। इससे सोसाइटियों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार सतीश रोहिला ने बताया कि अब जिले की 75 समितियों का डाटा ऑनलाइन होना बाकी है। जिले में सभी समितियों को अपने सदस्यों का डाटा ऑनलाइन करने के लिए लॉगइन आईडी तथा पासवर्ड सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय से दिया जा चुका है।
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गुरुग्राम के उप रजिस्ट्रार कार्यालय के अंतर्गत जिला फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी तथा नूंह भी आते हैं। इनमें से फरीदाबाद की 215 सहकारी ग्रुप हाउसिंग या हाउस बिल्डिंग समितियों में से अब तक 153 का डाटा फ्रीज किया जा चुका है। 22 अन्य समितियों का डाटा ऑन लाइन करने की प्रक्रिया जारी है।
पलवल में 29 सोसाइटियों में से 26 का डाटा फ्रीज हो चुका है। एक अन्य समिति का डाटा ऑनलाइन होने की प्रक्रिया में है। रेवाड़ी की कुल 44 सहकारी ग्रुप हाउसिंग समितियों में से 43 का डाटा फाइनल होकर फ्रीज किया जा चुका है। एक समिति बंद हालत में है। नूंह की दोनों सहकारी हाउस बिल्डिंग समितियों का डाटा फ्रीज किया जा चुका है। अपना डाटा ऑनलाइन नहीं भेजा है और किसी सदस्य को डाटा ऑन लाइन करवाने में परेशानी या समस्या आ रही हो तो वह अपने क्षेत्र के निरीक्षक सहकारी समितियां या सहायक रजिस्ट्रार के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।