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आरडब्ल्यूए के लिए बनी कमेटी नहीं करा रही काम
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गुरुग्राम। रेजीडेंसियल वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके अधिकारों को वार्ड कमेटी लिए बैठी है, इसके बाद भी सोसाइटियों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। पार्क, कम्यूनिटी सेंटरों की हालत बदतर होती जा रही है। सड़कों पर भी समय से सफाई नहीं होती। अधिकार न होने की वजह से अब सफाई कर्मी और ठेेकेेदार आरडब्ल्यूए सदस्यों की नहीं सुनते। अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी अधिकार वापस नहीं किए जा रहे हैं।
एड्री सिटी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रवीण यादव ने बताया कि उनके सहित दो दर्जन से अधिक आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी अपने अधिकारों की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आरडब्ल्यूए से वार्ड कमेटी के पास अधिकारों के स्थानांतरण को साल भर से ज्यादा का समय हो गया है। इतने समय में समस्याएं दिनोंदिन बढ़ती ही गई हैं। सोसाइटी के लोग सफाई, रखरखाव, सुविधाओं के लिए सदस्यों के पास आते हैं, लेकिन अधिकार न होने की वजह से सदस्य उनकी कोई मदद नहीं कर पाते।
ये अधिकार छीने गए
सेक्टर-चार आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी केएल वासन ने बताया कि इलाके में होने वाले नगर निगम व हुड्डा के कामों के पूरा होने पर पहले ठेकेदारों को आरडब्ल्यूए पदाधिकरियों से संतुष्टी प्रणाम पत्र लेना होता था, अब इसकी जरूरत नहीं रही। पार्क, सड़क, कम्यूनिटी सेंटर के रखरखाव व साफ-सफाई का जिम्मा पहले आरडब्ल्यूए के पास था, अब यह वार्ड कमेटी के पास है। नगर निगम से सोसाइटियों में साफ-सफाई के लिए मिलने वाला तीन रुपये प्रति वर्ग मीटर का फंड भी अब वार्ड कमेटी को मिलता है। वहीं सोसाइटियों में होने वाले कार्यक्रमों का किराए का रुपया भी वार्ड कमेटी के पास जाता है।
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सेक्टर-9 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रशांत चौहान ने बताया कि शहर के सेक्टर-10ए, सेक्टर-9, सेक्टर-10, सेक्टर-9ए, सेक्टर-4, सेक्टर-7, एड्री सिटी, हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-सात सहित दो दर्जन से ज्यादा सोसाइटियों में वार्ड कमेटी को अधिकार दे दिए गए हैं। वहीं वार्ड कमेटी का गठन भी संतुष्टि भरा नहीं है। इसमें पार्षदों के मनपसंद लोग शामिल हैं, जिनको स्थानीय लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। नीतियां ऐसी बनाई गई हैं कि आने वाले समय में वार्ड कमेटी सोसाइटियों पर और हावी होगी।
वर्जन-
वार्ड कमेटी में भी चुने हुए पदाधिकारी हैं, अगर कहीं वार्ड कमेटी काम नहीं कर रही है तो इसकी शिकायत हमें दें, हम उन पर कार्रवाई करेंगे। - मधु आजाद, मेयर, नगर निगम, गुरुग्राम
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एड्री सिटी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रवीण यादव ने बताया कि उनके सहित दो दर्जन से अधिक आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी अपने अधिकारों की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आरडब्ल्यूए से वार्ड कमेटी के पास अधिकारों के स्थानांतरण को साल भर से ज्यादा का समय हो गया है। इतने समय में समस्याएं दिनोंदिन बढ़ती ही गई हैं। सोसाइटी के लोग सफाई, रखरखाव, सुविधाओं के लिए सदस्यों के पास आते हैं, लेकिन अधिकार न होने की वजह से सदस्य उनकी कोई मदद नहीं कर पाते।
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ये अधिकार छीने गए
सेक्टर-चार आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी केएल वासन ने बताया कि इलाके में होने वाले नगर निगम व हुड्डा के कामों के पूरा होने पर पहले ठेकेदारों को आरडब्ल्यूए पदाधिकरियों से संतुष्टी प्रणाम पत्र लेना होता था, अब इसकी जरूरत नहीं रही। पार्क, सड़क, कम्यूनिटी सेंटर के रखरखाव व साफ-सफाई का जिम्मा पहले आरडब्ल्यूए के पास था, अब यह वार्ड कमेटी के पास है। नगर निगम से सोसाइटियों में साफ-सफाई के लिए मिलने वाला तीन रुपये प्रति वर्ग मीटर का फंड भी अब वार्ड कमेटी को मिलता है। वहीं सोसाइटियों में होने वाले कार्यक्रमों का किराए का रुपया भी वार्ड कमेटी के पास जाता है।
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सेक्टर-9 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रशांत चौहान ने बताया कि शहर के सेक्टर-10ए, सेक्टर-9, सेक्टर-10, सेक्टर-9ए, सेक्टर-4, सेक्टर-7, एड्री सिटी, हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-सात सहित दो दर्जन से ज्यादा सोसाइटियों में वार्ड कमेटी को अधिकार दे दिए गए हैं। वहीं वार्ड कमेटी का गठन भी संतुष्टि भरा नहीं है। इसमें पार्षदों के मनपसंद लोग शामिल हैं, जिनको स्थानीय लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। नीतियां ऐसी बनाई गई हैं कि आने वाले समय में वार्ड कमेटी सोसाइटियों पर और हावी होगी।
वर्जन-
वार्ड कमेटी में भी चुने हुए पदाधिकारी हैं, अगर कहीं वार्ड कमेटी काम नहीं कर रही है तो इसकी शिकायत हमें दें, हम उन पर कार्रवाई करेंगे। - मधु आजाद, मेयर, नगर निगम, गुरुग्राम