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लगातार खराब स्तर पर बनी हुई है शहर की आबोहवा, एक्यूआई ञ्च152
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गुरुग्राम। मौसम में बदलाव व तापमान में गिरावट के बीच शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर बरकरार है। स्थिति यह है कि पिछले एक सप्ताह से शहर का एक्यूआई 150 के पार बना हुआ है। सोमवार को भी एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 152 एसपीएम (सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर) दर्ज किया गया। इसमें भी पीएम-2.5 व पीएम-10 सरीखे हा निकारक कणों की मात्रा काफी ज्यादा है।
सीपीसीपी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को भी शहर का सेक्टर-51 इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां पर एक्यूआई सर्वाधिक 239 एसपीएम दर्ज किया गया और उसमें भी पीएम-2.5 कणों की औसत मात्रा 223 माइक्रोग्राम प्रति घर मीटर तक दर्ज की गई। वहीं, पीएम-10 की मात्रा 239 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। स्वास्थ्य के लिहाज से यह स्थिति ठीक नहीं है। यह स्थिति तब है जब अभी धुंध का असर बिल्कुल नहीं है और दिन में धूप भी तेज हो रही है। आम तौर पर धूप न होने पर प्रदूषण और भी बढ़ जाता है क्योंकि हानिकारक कण सतह पर ही रह जाते हैं।
सेक्टर-51 इलाके में प्रदूषण ज्यादा
पिछले एक सप्ताह के एक्यूआई के आंकड़ों पर गौर करें तो गुरुग्राम में सेक्टर-51 इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित है, जहां प्रतिदिन एक्यूआई पर प्रदूषण का स्तर 200 एसपीएम से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। वायु गुणवत्ता मानकों पर यह खराब की श्रेणी में आता है। सोमवार को पहाड़ी इलाके ग्वाल पहाड़ी में प्रदषण सबसे कम रहा और यहां पर प्रदूषण का स्तर 103 एसपीएम दर्ज किया गया। वहीं, टेरी ग्राम में एक्यूआई 117 एसपीएम दर्ज किया गया।
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ऐक्शन प्लान लागू पर अमल नहीं
पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने करीब सप्ताह भर पहले ही ऐक्शन प्लान लागू कर दिया है, बावजूद इसके धूल भरी सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। सेक्टर-10, महावीर चौक, सोहना रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे समेत शहर की कई सड़कें ऐसी हैं, जहां नियमित रूप से रोजाना पानी का छिड़काव किए जाने की जरूरत है। प्रदूषण बढ़ने के बावजूद ऐसा नहीं किया जा रहा है।
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सीपीसीपी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को भी शहर का सेक्टर-51 इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां पर एक्यूआई सर्वाधिक 239 एसपीएम दर्ज किया गया और उसमें भी पीएम-2.5 कणों की औसत मात्रा 223 माइक्रोग्राम प्रति घर मीटर तक दर्ज की गई। वहीं, पीएम-10 की मात्रा 239 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। स्वास्थ्य के लिहाज से यह स्थिति ठीक नहीं है। यह स्थिति तब है जब अभी धुंध का असर बिल्कुल नहीं है और दिन में धूप भी तेज हो रही है। आम तौर पर धूप न होने पर प्रदूषण और भी बढ़ जाता है क्योंकि हानिकारक कण सतह पर ही रह जाते हैं।
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सेक्टर-51 इलाके में प्रदूषण ज्यादा
पिछले एक सप्ताह के एक्यूआई के आंकड़ों पर गौर करें तो गुरुग्राम में सेक्टर-51 इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित है, जहां प्रतिदिन एक्यूआई पर प्रदूषण का स्तर 200 एसपीएम से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। वायु गुणवत्ता मानकों पर यह खराब की श्रेणी में आता है। सोमवार को पहाड़ी इलाके ग्वाल पहाड़ी में प्रदषण सबसे कम रहा और यहां पर प्रदूषण का स्तर 103 एसपीएम दर्ज किया गया। वहीं, टेरी ग्राम में एक्यूआई 117 एसपीएम दर्ज किया गया।
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ऐक्शन प्लान लागू पर अमल नहीं
पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने करीब सप्ताह भर पहले ही ऐक्शन प्लान लागू कर दिया है, बावजूद इसके धूल भरी सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। सेक्टर-10, महावीर चौक, सोहना रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे समेत शहर की कई सड़कें ऐसी हैं, जहां नियमित रूप से रोजाना पानी का छिड़काव किए जाने की जरूरत है। प्रदूषण बढ़ने के बावजूद ऐसा नहीं किया जा रहा है।