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Gurugram News: मेडिकल कॉलेज में बनेगा कैथ लैब, हृदय से जुड़ी बिमारियों के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
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9 करोड़ की लागत से मिलेगी कार्डियो-थोरैसिक सर्जरी और 10 बिस्तरों की कार्डियक केयर यूनिट की सुविधा
मोहित शुक्ला
नूंह। शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। अब लोगों को हृदय से जुड़ी समस्या के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में 9 करोड़ रुपये की लागत से कार्डियो-थोरैसिक सर्जरी, 10 बिस्तरों वाली कार्डियक केयर यूनिट और सुपर-स्पेशलिटी इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सेवाएं मिलने वाली है। इसमें हार्ट से जुड़ी बीमारियों का ऑपरेशन, स्पेशल केयर यूनिट व हार्ट से जुड़ी अन्य परेशानियों की सुविधा मिलेंगी। कैथ लैब तैयार करने का काम निजी संस्था के साथ मिलकर किया जाएगा। 8 नवंबर को इसके लिए आवेदन मांगे गए है।
नूंह में अरावली के बीच में बना शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यह करीब 94 एकड़ भूमि में बना हुआ है जो करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बना है। मेडिकल कॉलेज में सभी प्रकार के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। यह मेडिकल कॉलेज प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेजों की लिस्ट में शामिल है। उसको और अधिक अपग्रेड करने के लिए 9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अब लोगों को हार्ट अटैक आने व हार्ट से जुड़ी अन्य परेशानियों का समय पर इलाज मिल पाएगा। अभी तक लोगों को हार्ट से जुड़ी बीमारियों के लिए गुरुग्राम व दिल्ली जाना पड़ता है।
हार्ट से जुड़ी समस्याओं में समय पर इलाज न मिलने के कारण कई लोगों की मौत भी हो जाती है। जिले में ही कैथ लैब की सुविधा मिलने से लोगों की जान बचाने में आसानी होगी। इससे मेवात में हार्ट से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को नई जिंदगी मिल पाएगी। हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले में समय पर हार्ट का इलाज मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि कैथ लैब तैयार करने का काम निजी संस्था के साथ मिलकर किया जाएगा। 8 नवंबर को इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। कुछ दिनों में कागजी कार्रावाई पूरी करने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। अनुमान के अनुसार दिसंबर तक इसकी सभी कागजी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद दो से तीन महीने में कैथ लैब का काम हो जाएगा। लोगों को मार्च के आस-पास इसकी सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।
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कैथ लैब बनने से हार्ट के मरीजों को मिलेंगी ये सभी सुविधाएं
कैथ लैब शुरू होने के बाद लोगों को हृदय रोग से संबंधित लगभग सभी समस्याओं का इलाज यहीं पर हो जाएगा। कैथ लैब बनन से कोरोनरी धमनी रोग, दिल की अनियमित धड़कन, महाधमनी से संबंधित समस्याएं जैसे धमनी विस्फार आदि के साथ हृदय प्रत्यारोपण, फेफड़े का प्रत्यारोपण, फेफड़े की बीमारी जैसे कैंसर, एसोफैजियल रोग दिल की धड़कन रुकना आदि समस्या का इलाज मिलना संभव हो पाएगा। इसके साथ ही लोगों को निगलने में समस्या, दुर्घटना के कारण छाती में चोट लगना, जन्मजात (जन्म से ही) हृदय दोष जो हृदय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं, हियाटल हर्नियास , छाती की दीवार से संबंधित समस्याएं जिनमें मांसपेशियां और हड्डियां शामिल होती हैं। छाती की धमनियों में धमनी विस्फार , हृदय के वाल्व ठीक से काम न करना और गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जीईआरडी) आदि का इलाज मिल पाएगा।
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कार्डियक केयर यूनिट में विशेष तकनीक होगी रोगियों की देखभाल
कार्डियक इंटेंसिव केयर यूनिट ( सीआईसीयू ) में दिल के दौरे , अस्थिर एनजाइना, कार्डियक डिसरिद्मिया और विभिन्न अन्य हृदय संबंधी स्थितियों वाले रोगियों की देखभाल करने के लिए विशेष तकनीक उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को काफी सुविधा होगी। 10 बिस्तरों की यूनिट होने के कारण अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।
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बिना ऑपरेशन के भी सही होंगी हार्ट की बीमारियां
शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी भी शुरू होगी हार्ट की क्षतिग्रस्त या कमजोर वाहिकाओं, संकुचित धमनियों या हृदय संरचना के अन्य प्रभावित हिस्सों की मरम्मत के लिए कैथेटर नामक एक छोटी, लचीली ट्यूब का उपयोग करके इलाज किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि बिना इलाज के हार्ट की कई परेशानियां इससे सही हो सकती है।
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इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी तक नूंह जिले में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। कुछ ही दिनों में लोगों को कैथ लैब की सुविधा मिलने लगेगी। हम लोगों ने इसके लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है आने वाले कुछ ही माह में कैथ लैब बनकर तैयार हो जाएगी। - डॉ मुकेश कुमार, निदेशक मेडिकल कॉलेज नूंह
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मोहित शुक्ला
नूंह। शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। अब लोगों को हृदय से जुड़ी समस्या के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में 9 करोड़ रुपये की लागत से कार्डियो-थोरैसिक सर्जरी, 10 बिस्तरों वाली कार्डियक केयर यूनिट और सुपर-स्पेशलिटी इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सेवाएं मिलने वाली है। इसमें हार्ट से जुड़ी बीमारियों का ऑपरेशन, स्पेशल केयर यूनिट व हार्ट से जुड़ी अन्य परेशानियों की सुविधा मिलेंगी। कैथ लैब तैयार करने का काम निजी संस्था के साथ मिलकर किया जाएगा। 8 नवंबर को इसके लिए आवेदन मांगे गए है।
नूंह में अरावली के बीच में बना शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यह करीब 94 एकड़ भूमि में बना हुआ है जो करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बना है। मेडिकल कॉलेज में सभी प्रकार के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। यह मेडिकल कॉलेज प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेजों की लिस्ट में शामिल है। उसको और अधिक अपग्रेड करने के लिए 9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अब लोगों को हार्ट अटैक आने व हार्ट से जुड़ी अन्य परेशानियों का समय पर इलाज मिल पाएगा। अभी तक लोगों को हार्ट से जुड़ी बीमारियों के लिए गुरुग्राम व दिल्ली जाना पड़ता है।
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हार्ट से जुड़ी समस्याओं में समय पर इलाज न मिलने के कारण कई लोगों की मौत भी हो जाती है। जिले में ही कैथ लैब की सुविधा मिलने से लोगों की जान बचाने में आसानी होगी। इससे मेवात में हार्ट से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को नई जिंदगी मिल पाएगी। हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले में समय पर हार्ट का इलाज मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि कैथ लैब तैयार करने का काम निजी संस्था के साथ मिलकर किया जाएगा। 8 नवंबर को इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। कुछ दिनों में कागजी कार्रावाई पूरी करने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। अनुमान के अनुसार दिसंबर तक इसकी सभी कागजी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद दो से तीन महीने में कैथ लैब का काम हो जाएगा। लोगों को मार्च के आस-पास इसकी सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।
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कैथ लैब बनने से हार्ट के मरीजों को मिलेंगी ये सभी सुविधाएं
कैथ लैब शुरू होने के बाद लोगों को हृदय रोग से संबंधित लगभग सभी समस्याओं का इलाज यहीं पर हो जाएगा। कैथ लैब बनन से कोरोनरी धमनी रोग, दिल की अनियमित धड़कन, महाधमनी से संबंधित समस्याएं जैसे धमनी विस्फार आदि के साथ हृदय प्रत्यारोपण, फेफड़े का प्रत्यारोपण, फेफड़े की बीमारी जैसे कैंसर, एसोफैजियल रोग दिल की धड़कन रुकना आदि समस्या का इलाज मिलना संभव हो पाएगा। इसके साथ ही लोगों को निगलने में समस्या, दुर्घटना के कारण छाती में चोट लगना, जन्मजात (जन्म से ही) हृदय दोष जो हृदय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं, हियाटल हर्नियास , छाती की दीवार से संबंधित समस्याएं जिनमें मांसपेशियां और हड्डियां शामिल होती हैं। छाती की धमनियों में धमनी विस्फार , हृदय के वाल्व ठीक से काम न करना और गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जीईआरडी) आदि का इलाज मिल पाएगा।
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कार्डियक केयर यूनिट में विशेष तकनीक होगी रोगियों की देखभाल
कार्डियक इंटेंसिव केयर यूनिट ( सीआईसीयू ) में दिल के दौरे , अस्थिर एनजाइना, कार्डियक डिसरिद्मिया और विभिन्न अन्य हृदय संबंधी स्थितियों वाले रोगियों की देखभाल करने के लिए विशेष तकनीक उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को काफी सुविधा होगी। 10 बिस्तरों की यूनिट होने के कारण अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।
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बिना ऑपरेशन के भी सही होंगी हार्ट की बीमारियां
शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी भी शुरू होगी हार्ट की क्षतिग्रस्त या कमजोर वाहिकाओं, संकुचित धमनियों या हृदय संरचना के अन्य प्रभावित हिस्सों की मरम्मत के लिए कैथेटर नामक एक छोटी, लचीली ट्यूब का उपयोग करके इलाज किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि बिना इलाज के हार्ट की कई परेशानियां इससे सही हो सकती है।
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इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी तक नूंह जिले में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। कुछ ही दिनों में लोगों को कैथ लैब की सुविधा मिलने लगेगी। हम लोगों ने इसके लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है आने वाले कुछ ही माह में कैथ लैब बनकर तैयार हो जाएगी। - डॉ मुकेश कुमार, निदेशक मेडिकल कॉलेज नूंह