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Gurugram News: गुरुग्राम-नूंह-पलवल ड्रेन परियोजना की बन रही रूपरेखा
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जापानी कंपनी तैयार कर रही डीपीआर, दो माह के अंदर मिल सकती है रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बारिश के दौरान शहर में होने वाले जलभराव को लेकर सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। आम लोग भी जलभराव और पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने गुरुग्राम-नूंह-पलवल नई ड्रेन परियोजना को गति देने के निर्देश दिए हैं। परियोजना के लिए नियुक्त कंसल्टेंट जापानी कंपनी निप्पॉन कोइ ने सर्वे और तकनीकी अध्ययन का काम तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि दो माह के अंदर एजेंसी प्रस्तावित ड्रेन का खाका तैयार कर जीएमडीए को सौंप सकती है।
कनीकी पहलुओं का अध्ययन कर रही कंपनी
परियोजना का उद्देश्य गुरुग्राम के बरसाती पानी की निकासी के लिए नजफगढ़ ड्रेन पर निर्भरता कम करना है। इसके लिए वैकल्पिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गुरुग्राम का बरसाती पानी सोहना, नूंह और पलवल होते हुए आगे यमुना नदी तक पहुंचाया जाएगा। इससे मानसून के दौरान शहर से पानी की निकासी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। निप्पॉन कोइ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को परियोजना की फिजिबिलिटी स्टडी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। एजेंसी प्रस्तावित ड्रेन के संभावित रूट, भू-आकृति, जल प्रवाह, भूमि की उपलब्धता और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बारिश के दौरान शहर में होने वाले जलभराव को लेकर सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। आम लोग भी जलभराव और पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने गुरुग्राम-नूंह-पलवल नई ड्रेन परियोजना को गति देने के निर्देश दिए हैं। परियोजना के लिए नियुक्त कंसल्टेंट जापानी कंपनी निप्पॉन कोइ ने सर्वे और तकनीकी अध्ययन का काम तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि दो माह के अंदर एजेंसी प्रस्तावित ड्रेन का खाका तैयार कर जीएमडीए को सौंप सकती है।
कनीकी पहलुओं का अध्ययन कर रही कंपनी
परियोजना का उद्देश्य गुरुग्राम के बरसाती पानी की निकासी के लिए नजफगढ़ ड्रेन पर निर्भरता कम करना है। इसके लिए वैकल्पिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गुरुग्राम का बरसाती पानी सोहना, नूंह और पलवल होते हुए आगे यमुना नदी तक पहुंचाया जाएगा। इससे मानसून के दौरान शहर से पानी की निकासी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। निप्पॉन कोइ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को परियोजना की फिजिबिलिटी स्टडी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। एजेंसी प्रस्तावित ड्रेन के संभावित रूट, भू-आकृति, जल प्रवाह, भूमि की उपलब्धता और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर रही है।
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