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Gurugram News: पौधे बच रहे या नहीं... अब निगरानी भी रखेगा वन विभाग
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शुरू किया पौधे बांटने का अभियान, संगठन भी लगवाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वन विभाग ने शहर में पौधरोपण के लिए पौधे देने शुरू कर दिए हैं। इस साल मानसून में वन विभाग जिले में करीब दो लाख 20 हजार पौधे लगवाने जा रहा है। गुरुग्राम वन मंडल की ओर से वन क्षेत्र में 31 हजार पौधे लगाए जाएंगे जबकि एक लाख 89 हजार पौधे विभिन्न संगठनों की ओर से लगवाएगा।
जिला वन मंडल अधिकारी राजकुमार ने बताया कि पौधरोपण के लिए संगठन वन विभाग से पौधे लेकर जा रहे हैं। इस साल पौधरोपण की अच्छी मांग आ रही है। इस बार यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि जो पौधे लगाए गए वे बचे हुए हैं या नहीं। वहीं पौधे ले जाने वाले लोगों व संगठनों को जहां वे पौधे लगाने जा रहे हैं, उसकी लोकेशन देनी होगी। साथ ही पौधों की अपडेट रिपोर्ट भी उनसे ली जाएगी कि पौधे जीवित बचे हैं और बढ़ रहे हैं। वन विभाग को यह रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होती है, पौधों के पेड़ बनने तक सुरक्षित बने रहने की रिपोर्ट वे पौधा लेकर जाने वालों से प्राप्त करेंगे।
वन विभाग की चार नर्सरियों में पौधे तैयार हो रहे हैं। बरगद, पीपल, नीम, कनेर, पापड़ी, अमरूद, गुड़हल आदि के पौधे तैयार किए गए हैं। उधर निकोबार प्रतिपूर्ति योजना के तहत हरियाणा के गुरुग्राम नूंह, रेवाड़ी, नारनौल, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में 24 हजार हेक्टेयर जमीन पर करीब 2.5 करोड़ पौधे लगाए जाने हैं। इस योजना की डीपीआर केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के पास भेजी है।
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इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर तीन जुलाई को बैठक होगी। डीएफओ राज कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत अरावली और उनके साथ लगे गांवों के वन क्षेत्रों में पौधे लगाए जाएंगे। इसके तहत अरावली में मूल पौधे और देशी पौधे लगाए जाने पर जोर रहेगा। ये पौधे अरावली में बड़े पैमाने पर मौजूद विदेशी कीकर की जगह लेंगे। चूंकि कीकर की बहुत देखभाल की जरूरत नहीं होती इसलिए अरावली को हरा-भरा रखने के उद्देश्य से हेलिकॉप्टर से इसके बीज फेंके गए थे, जो व्यापक स्तर पर फैल गए हैं मगर निकोबार प्रतिपूर्ति योजना के तहत देसी और अरावली मूल के पौधे लगाए जाने जरूरी है।
हरित दीवार योजना में भी लगेंगे पौधे
अरावली के दोनों ओर पांच किमी के दायरे में हरित दीवार बनाई जानी हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में अरावली क्षेत्र के 29 जिलों में पांच किमी की हरित दीवार बनाई जाएगी। हरियाणा के चार जिले गुरुग्राम, रेवाड़ी, भिवानी और महेंद्रगढ़ इसका हिस्सा हैं। इसके तहत भी अरावली के साथ पांच किमी के दायरे में देशी मूल के पौधे लगाए जाने हैं। मानसून में इस क्षेत्र में सघन पौधरोपण पर वन विभाग का जोर रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वन विभाग ने शहर में पौधरोपण के लिए पौधे देने शुरू कर दिए हैं। इस साल मानसून में वन विभाग जिले में करीब दो लाख 20 हजार पौधे लगवाने जा रहा है। गुरुग्राम वन मंडल की ओर से वन क्षेत्र में 31 हजार पौधे लगाए जाएंगे जबकि एक लाख 89 हजार पौधे विभिन्न संगठनों की ओर से लगवाएगा।
जिला वन मंडल अधिकारी राजकुमार ने बताया कि पौधरोपण के लिए संगठन वन विभाग से पौधे लेकर जा रहे हैं। इस साल पौधरोपण की अच्छी मांग आ रही है। इस बार यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि जो पौधे लगाए गए वे बचे हुए हैं या नहीं। वहीं पौधे ले जाने वाले लोगों व संगठनों को जहां वे पौधे लगाने जा रहे हैं, उसकी लोकेशन देनी होगी। साथ ही पौधों की अपडेट रिपोर्ट भी उनसे ली जाएगी कि पौधे जीवित बचे हैं और बढ़ रहे हैं। वन विभाग को यह रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होती है, पौधों के पेड़ बनने तक सुरक्षित बने रहने की रिपोर्ट वे पौधा लेकर जाने वालों से प्राप्त करेंगे।
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वन विभाग की चार नर्सरियों में पौधे तैयार हो रहे हैं। बरगद, पीपल, नीम, कनेर, पापड़ी, अमरूद, गुड़हल आदि के पौधे तैयार किए गए हैं। उधर निकोबार प्रतिपूर्ति योजना के तहत हरियाणा के गुरुग्राम नूंह, रेवाड़ी, नारनौल, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में 24 हजार हेक्टेयर जमीन पर करीब 2.5 करोड़ पौधे लगाए जाने हैं। इस योजना की डीपीआर केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के पास भेजी है।
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इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर तीन जुलाई को बैठक होगी। डीएफओ राज कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत अरावली और उनके साथ लगे गांवों के वन क्षेत्रों में पौधे लगाए जाएंगे। इसके तहत अरावली में मूल पौधे और देशी पौधे लगाए जाने पर जोर रहेगा। ये पौधे अरावली में बड़े पैमाने पर मौजूद विदेशी कीकर की जगह लेंगे। चूंकि कीकर की बहुत देखभाल की जरूरत नहीं होती इसलिए अरावली को हरा-भरा रखने के उद्देश्य से हेलिकॉप्टर से इसके बीज फेंके गए थे, जो व्यापक स्तर पर फैल गए हैं मगर निकोबार प्रतिपूर्ति योजना के तहत देसी और अरावली मूल के पौधे लगाए जाने जरूरी है।
हरित दीवार योजना में भी लगेंगे पौधे
अरावली के दोनों ओर पांच किमी के दायरे में हरित दीवार बनाई जानी हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में अरावली क्षेत्र के 29 जिलों में पांच किमी की हरित दीवार बनाई जाएगी। हरियाणा के चार जिले गुरुग्राम, रेवाड़ी, भिवानी और महेंद्रगढ़ इसका हिस्सा हैं। इसके तहत भी अरावली के साथ पांच किमी के दायरे में देशी मूल के पौधे लगाए जाने हैं। मानसून में इस क्षेत्र में सघन पौधरोपण पर वन विभाग का जोर रहेगा।