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Gurugram News: नजफगढ़ ड्रेन के किनारे दौलताबाद में बनेगी झील
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बारिश के पानी को एकत्रित करने और जलभराव की समस्या कम करने की संभावनाएं तलाशी जा रहीं
आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के आधार पर हुडा, जीएमडीए और निगम करेंगे काम
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नजफगढ़ ड्रेन के किनारे दौलताबाद में झील बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके माध्यम से बारिश के पानी को एकत्रित करने और जलभराव की समस्या को कम करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस योजना को लेकर आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के आधार पर हुडा, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और नगर निगम संयुक्त रूप से आगे की कार्रवाई करेंगे।
योजना को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, उपायुक्त, जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम आयुक्त और हुडा प्रशासक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में संबंधित विभागों के इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों के स्तर पर जलभराव की समस्या के समाधान और उपलब्ध जमीन के बेहतर इस्तेमाल को लेकर चर्चा की गई।
आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट से होगा सर्वे का मिलान
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जीएमडीए और नगर निगम की ओर से कराए गए सर्वे का आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट से मिलान किया जाएगा। इसके आधार पर जलभराव वाले क्षेत्रों, पानी की निकासी और बारिश के पानी को एकत्रित करने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। दौलताबाद में झील बनाने की योजना को भी इसी व्यापक कार्ययोजना से जोड़कर देखा जा रहा है। सर्वे और रिपोर्ट के मिलान के बाद ही आगे की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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राव इंद्रजीत सिंह ने की थी पहल
शहर में हर साल बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से निपटने के लिए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करने की पहल की थी। इस विषय पर अलग-अलग दौर में बैठकें हो चुकी हैं। अब आईआईटी ुड़की की रिपोर्ट और संबंधित विभागों के सर्वे के आधार पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी है। योजना के तहत संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जाना है, ताकि जलभराव की समस्या के समाधान के लिए एक साझा कार्ययोजना तैयार की जा सके। दौलताबाद में प्रस्तावित झील के निर्माण, पानी के संग्रहण और निकासी से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर, उपायुक्त उत्तम सिंह, सीईओ जीएमडीए पीसी मीणा, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया व हुडा प्रशासक वैशाली सिंह, नगर निगम के चीफ इंजीनियर विजय ढाका आदि रहे।
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आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के आधार पर हुडा, जीएमडीए और निगम करेंगे काम
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नजफगढ़ ड्रेन के किनारे दौलताबाद में झील बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके माध्यम से बारिश के पानी को एकत्रित करने और जलभराव की समस्या को कम करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस योजना को लेकर आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के आधार पर हुडा, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और नगर निगम संयुक्त रूप से आगे की कार्रवाई करेंगे।
योजना को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, उपायुक्त, जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम आयुक्त और हुडा प्रशासक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में संबंधित विभागों के इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों के स्तर पर जलभराव की समस्या के समाधान और उपलब्ध जमीन के बेहतर इस्तेमाल को लेकर चर्चा की गई।
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आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट से होगा सर्वे का मिलान
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जीएमडीए और नगर निगम की ओर से कराए गए सर्वे का आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट से मिलान किया जाएगा। इसके आधार पर जलभराव वाले क्षेत्रों, पानी की निकासी और बारिश के पानी को एकत्रित करने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। दौलताबाद में झील बनाने की योजना को भी इसी व्यापक कार्ययोजना से जोड़कर देखा जा रहा है। सर्वे और रिपोर्ट के मिलान के बाद ही आगे की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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राव इंद्रजीत सिंह ने की थी पहल
शहर में हर साल बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से निपटने के लिए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करने की पहल की थी। इस विषय पर अलग-अलग दौर में बैठकें हो चुकी हैं। अब आईआईटी ुड़की की रिपोर्ट और संबंधित विभागों के सर्वे के आधार पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी है। योजना के तहत संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जाना है, ताकि जलभराव की समस्या के समाधान के लिए एक साझा कार्ययोजना तैयार की जा सके। दौलताबाद में प्रस्तावित झील के निर्माण, पानी के संग्रहण और निकासी से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर, उपायुक्त उत्तम सिंह, सीईओ जीएमडीए पीसी मीणा, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया व हुडा प्रशासक वैशाली सिंह, नगर निगम के चीफ इंजीनियर विजय ढाका आदि रहे।