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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Government balm heals the wounds of displaced people in Jammu and Kashmir; income and property will no longer be a barrier to relief.

Delhi NCR News: जम्मू-कश्मीर के विस्थापितों के जख्मों पर सरकारी मरहम, अब आय और संपत्ति नहीं बनेगी राहत में बाधा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 09:03 PM IST
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1,832 पंजीकृत परिवारों को मिलेगा एड-हॉक मंथली रिलीफ का सीधा लाभ
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पुरानी तकनीकी गलतियों पर नहीं होगी रिकवरी, रिकॉर्ड सुधारने का मिला मौका


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दशकों पहले अपनी जड़ों से उखड़कर दिल्ली की गलियों में आसरा खोजने वाले जम्मू-कश्मीर के विस्थापित परिवारों के लिए सरकार एक नई उम्मीद और सम्मान लेकर आई है। दिल्ली कैबिनेट ने वन टाइम एमनेस्टी योजना को मंजूरी दी है, जो न केवल आर्थिक सहायता सुनिश्चित करेगी, बल्कि सरकारी नियमों की उन बेड़ियों को भी काट देगी जो अब तक उनके हक के आड़े आ रही थीं। विस्थापित परिवारों के लिए अब तक राहत राशि प्राप्त करने में आय और अचल संपत्ति की शर्तें एक बड़ी बाधा थीं। मुख्यमंत्री ने इन शर्तों को पूरी तरह हटाने का निर्णय लिया है। अब दिल्ली में रह रहे इन परिवारों की आय कितनी भी हो या उनके पास कोई अचल संपत्ति हो, उन्हें मिलने वाली सहायता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार का मानना है कि विस्थापन का दर्द संपत्ति से कम नहीं होता और यह सहायता उनके सम्मान का प्रतीक है। इस योजना के तहत एक परिवार के अधिकतम चार सदस्यों तक को राहत राशि प्रदान की जाएगी।


एमनेस्टी योजना से रिकॉर्ड में होगा सुधार : अक्सर तकनीकी गड़बड़ियों या जानकारी के अभाव में लाभार्थियों के रिकॉर्ड अधूरे रह जाते हैं। इस वन टाइम एमनेस्टी योजना के जरिए सरकार ने इन परिवारों को अपने सदस्यों की जानकारी और आधार विवरण अपडेट करने का एक और मौका दिया है। सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि यदि अतीत में अनजाने में या किसी तकनीकी त्रुटि के कारण किसी परिवार को निर्धारित राशि से अधिक पैसा मिल गया था, तो सरकार उस पैसे की वसूली (रिकवरी) नहीं करेगी। इस पहल का उद्देश्य डराना नहीं, बल्कि सरकारी डेटा को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है, ताकि भविष्य में सहायता बिना किसी रुकावट के सही हाथों तक पहुंच सके।
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अधिक लोगों को जोड़ने की कोशिश : सरकार ने ये तय किया है कि प्रक्रिया की जल्दबाजी में कोई भी पात्र परिवार छूट न जाए। इसीलिए, एमनेस्टी योजना की कट-ऑफ तिथि को 1 अक्तूबर 2025 से बढ़ाकर अब 1 अप्रैल 2026 किया गया है। इसके साथ ही, बकाया राहत राशि (एरियर) के भुगतान की समय-सीमा भी बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई है। परिवारों के विभाजन (बाइफरकेशन) और नए सदस्य जोड़ने की सुविधा भी पहले की तरह जारी रहेगी, ताकि बढ़ते परिवारों की जरूरतों को पूरा किया जा सके। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन (एसडीएम और तहसीलदार) द्वारा सत्यापन भी किया जाएगा।
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भुगतान केवल डीबीटी से होगा : मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब सभी भुगतान आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से होंगे, जिससे बिचौलियों की गुंजाइश खत्म होगी और पैसा सीधे पीड़ितों के खाते में पहुंचेगा। साल 2026-27 के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये का विशेष बजटीय प्रावधान किया है। पिछले कुछ साल (2019 से 2025 तक) के अनुभवों और आधार वेरिफिकेशन के बाद अब लाभार्थियों का डेटा पहले से कहीं अधिक सटीक हो गया है, जिससे योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।
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