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नारी सम्मानः बाधाओं को बौना साबित कर रहीं महिलाएं

Fri, 09 Sep 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Fri, 09 Sep 2016 12:46 AM IST
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Women were the obstacles proved dwarf
अमर उजाला फांउडेशन - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जरूरत है उन्हें बेहतर वातावरण और प्रोत्साहन देने की। प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
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सरकार की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जो महिलाओं को बेहतर जीवन देने की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभा रही हैं। यह बातें प्रदेश सरकार और अमर उजाला द्वारा संयुक्त रूप से ‘नारी सम्मान’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में डीएम निधि केसरवानी ने कहीं। संगोष्ठी में महिलाएं शासन की योजनाओं का फायदा उठाने के तौर-तरीकों से भी वाकिफ हुईं।
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बृहस्पतिवार को एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ डीएम, जीडीए वीसी, नगर आयुक्त अब्दुल समद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डीएम निधि केसरवानी ने कहा कि अगर मां अपने बेटों को सभी महिलाओं के सम्मान का पाठ पढ़ाए तो महिलाओं के लिए एक सुरक्षित समाज का सपना साकार हो उठेगा।
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डीएम ने कहा कि उन्होंने देखा कि एक छोटे से देश साउथ कोरिया में रात दो बजे तक महिलाएं बेखौफ सड़कों पर घूमती हैं। इससे वहां के समाज की उन्नत सभ्यता और संस्कृति का पता चलता है। ऐसी स्वतंत्रता और ऐसा माहौल यहां भी मिले तो सही मायनों में नारी सम्मान की बात सार्थक होगी।

जीडीए वीसी विजय कुमार यादव ने कहा कि नारी सम्मान पर आयोजित कार्यशालाओं में महिलाओं की मौजूदगी से ज्यादा पुरुषों की उपस्थिति अनिवार्य है। महिला सशक्तिकरण में सबसे बड़ी बाधा पुरुष ही हैं, यह पुरुषों को समझाने की जरूरत है।

जब तक पुरुष महिलाओं को स्वतंत्रता नहीं देंगे, महिलाओं की तरक्की और समाज का उत्थान संभव नहीं है। नगर आयुक्त अब्दुल समद ने कहा कि महाभारत में भी कहा गया है कि जिस समाज में नारियों का सम्मान नहीं है, उस समाज में समृद्धि नहीं आ सकती। नारियों के लिए शिक्षा ही ऐसा साधन है, जिससे महिलाएं अपने आप को हर क्षेत्र में स्थापित कर सकती हैं।

एसएसपी केएस इमेनुएल ने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि वह पुरुषों से कम नहीं, उन्हें समाज से और प्रोत्साहन की जरूरत है।
इस कार्यक्रम में सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सामाजिक संगठन की महिलाएं व छात्राएं शामिल हुईं।

संगोष्ठी में सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग में चल रहे कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया। कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों से संबंधित बुकलेट भी बांटी गई।


सरकार की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए मातृत्व सप्ताह, किशोरी स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए लैपटॉप वितरण, कन्या विद्या धन, रानी लक्ष्मी बाई सम्मान कोष, समाजवादी एंबुलेंस सेवा, पुलिस आधुनिकीकरण से लेकर कृषकों की विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। सबको इन योजनाओं का लाभ लेना चाहिए।  
-निधि केसरवानी,  डीएम
 
महिलाओं को बेहतर माहौल देने के लिए शासन ने कई योजनाएं शुरू की हैं, जिसमें हेल्पलाइन 1090, 100 नंबर सहित गाजियाबाद पुलिस का एसओएस मोबाइल एप ‘शक्ति 100-गाजियाबाद पुलिस’ भी बनाया गया है जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर लाभ उठाया जा सकता है।
-केएस इमेनुएल, एसएसपी  

सरकार ने बेटियों को पढ़ाने के लिए कन्या विद्या धन योजना, निशुल्क लैपटॉप वितरण सहित कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। संशोधित कन्या विद्या धन में मेधावी छात्राओं को 30-30 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी।
राजदेवी चौधरी, राज्य महिला आयोग की सदस्य

अमर उजाला ने ही मुझे पहला मंच दिया था और आज मैं जिस मुकाम पर हूं यह अमर उजाला की ही देन है। महिलाएं काफी दूर तक जा सकती हैं, बस उन्हें जरूरत है प्रोत्साहन और सुरक्षित माहौल की।
माया सिंह, पूर्व मिसेज यूनिवर्स

शासन ने छात्राओं की तरक्की के लिए कई बेहतर कदम उठाए हैं, जो सराहनीय है। छात्राएं हर क्षेत्र में बाजी मार रही हैं लेकिन अभी महिलाओं को काफी आगे जाना है। शिक्षा के क्षेत्र में हमें और काम करने की जरूरत है।
 प्रो. एमके झा, डायरेक्टर, एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज


जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी महेश कंडवाल, स्वास्थ्य विभाग से एसीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल, एबीआरसी पूनम शर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एनजीओ से पूजा पांडे, इबराला से महिला प्रधान सुचेता सिंह, बसंतपुर सैंतली से अरुणिमा त्यागी, जीजीआईसी की प्रिंसिपल सुधारानी कटियार, प्रिंसिपल शादाब कमर, प्रीति शर्मा, सुमन, सरोज शर्मा।

नारी संगठनों ने दर्ज कराई उपस्थिति
गीतांजली वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी की सचिव वंदना चौधरी, न्यू आर्य नगर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और हरित क्रांति से जुड़ी संध्या त्यागी और लक्ष्मी वर्मा, समृद्धि महिला उपभोक्ता समिति की अध्यक्ष नीलू पांडे, सुषमा सिंह, रागिनी मिश्रा, माया, महिला उन्नति विकास संस्थान की अध्यक्ष पूजा चड्ढा, पैराडाइज क्लब से मेघना बंसल।


- नारी सम्मान और रक्षा को लेकर शासन और अमर उजाला की यह मुहिम प्रशंसनीय है। इससे जमीनी स्तर पर महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में पता चलेगा।
सौम्या गोयल, शिक्षिका

 महिला सुरक्षा के लिए जरूरी है कि समाज को जागरूक बनाया जाए। सरकार और अमर उजाला ने जो अभियान शुरू किया है, उससे जागरूकता आएगी।
वंदना चौधरी, समाज सेविका

 महिलाओं का सम्मान करने से समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा। सरकारें और स्वयं सेवी संस्थाएं इस ओर काम कर ही रही हैं। यदि इससे जनता भी जुड़ती है तो आंदोलन सफल होगा।
वाणी शर्मा, शिक्षिका

 उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं यदि सम्मानित होंगी तो समाज में नया संदेश जाएगा। अन्य महिलाएं भी प्रेरित होकर आगे बढ़ेगी।
अरुणिमा त्यागी, प्रधान


 समाज का विकास तभी संभव है जब पुरुष और महिलाएं एक साथ आगे बढ़े। महिलाओं को पीछे धकेलकर विकास की बात करना बेमानी होगा।
 डा. आभा श्रीवास्तव, शिक्षिका  


महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी शासन ने काफी योजनाएं शुरू की हैं। जरूरत है इसके बारे में जागरूक करने की। सरकार इन्हें जागरूक करने का काम कर रही है।
पूजा सक्सेना, स्वास्थ्य विभाग अधिकारी

महिलाएं अब हर क्षेत्र में काम कर रही हैं। सरकार से सम्मान मिलने पर महिलाएं प्रोत्साहित होंगी और समाज की बेहतरी के लिए कार्य करेंगी।  
 संध्या त्यागी, हरित क्रांति से जुड़ी महिला  

महिलाओं का होगा सम्मान, करें आवेदन
 शिक्षा, कला, खेल, उद्यमिता, बहादुरी और सामाजिक कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं/किशोरियां प्रविष्टियां देकर सम्मान के लिए आवेदन कर सकेंगी। कोई दूसरा व्यक्ति भी योग्य महिला के नाम की संस्तुति कर सकेगा।

इसके लिए आवेदन फार्म अमर उजाला के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकेगा और इसे भरने के बाद वहीं पर जमा किया जा सकेगा। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने ये फार्म प्राप्त भी किए।


प्रतिभागी की आयु कम से कम 16 वर्ष होनी चाहिए। प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों में से मंडल स्तर पर मंडलायुक्त के नेतृत्व में गठित पैनल हर श्रेणी से एक-एक नाम का चयन करेंगे। छह श्रेणी में चयनित होने वाली छह महिलाओं को मंडल में आयोजित समारोह में सम्मान किया जाएगा। यूपी के सभी 18 मंडलों में 108 महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री लखनऊ में करेंगे।
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