{"_id":"5781402a4f1c1b446c7fbe49","slug":"welcome-to-the-troubles-of-the-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुसीबतों के स्टेशन पर आपका स्वागत है... ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुसीबतों के स्टेशन पर आपका स्वागत है...
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Sun, 10 Jul 2016 12:35 AM IST
विज्ञापन
स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे प्रशासन भले ही स्टेशन पर साफ-सफाई और बेहतर सुविधाओं की बात करता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां से प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख यात्री सफर करते हैं। बावजूद इसके पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है। तस्वीरों को देखकर यहां की यात्री सुविधाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया की बात करें तो यहां रिजर्वेशन और अनारक्षित टिकट घर परिसर में आवारा कुत्ते घूमते देखे जा सकते हैं। ये कुत्ते यात्रियाें के बीच में ही जमीन पर लेटे रहते हैं।
विज्ञापन
जगह-जगह दीवारों पर पान गुटखे की पीक देखने को मिल जाएगी। पूछताछ केंद्र पर एक काउंटर होने के चलते भीड़ लगी रहती है, यात्रियों को ट्रेन के आने की जानकारी लेने के लिए 10-10 मिनट तक लाइन में लगना पड़ता है। पीने के पानी के लिए केवल एकमात्र पानी का नल लगा है। इसकी भी सप्लाई टंकी से की जाती है।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन का पुराना पुल शहर और लाइन पार क्षेत्र को जोड़ता है। इस पुल की चौड़ाई बहुत कम है, भीड़ होने से काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। प्लेटफार्म नंबर एक और दो की बात करें तो यह भी कभी अपना बोझ कम नहीं कर सका है। प्लेटफार्म पर पर्याप्त बेंच नहीं होने के कारण यात्री सीढ़ियों पर ही बैठ जाते हैं।
प्लेटफार्म नंबर दो पर वाटर एटीएम एक सप्ताह से है खराब
प्लेटफार्म नंबर दो पर हापुड़ की ओर लगा वाटर एटीएम करीब एक सप्ताह से खराब पड़ा है। इसके चलते यात्रियों को मजबूरन सप्लाई का पानी पीना पड़ रहा है।
बंदरों का है आतंक
पुराने गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बंदरों का जबरदस्त आतंक है। यहां बंदर झुंड बनाकर बैठे रहते हैं। स्टेशन पर आने वाले यात्रियों पर कई बार हमला कर काटा भी है। यात्रियों के हाथ से पॉलिथीन, खाने का सामान, जूस, फल आदि झपट लेना आम बात है। रेलवे प्रशासन की ओर से इन्हें भगाने के लिए एक मशीन लगाई गई है, लेकिन उसका असर इन पर नहीं दिखाई देता है।