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सोशल मीडिया का इस्तेमाल नेटवर्क बढ़ाने और संपर्क बनाने के लिए करें : संतोष
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-अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यक्रम में शंभू दयाल कॉलेज की छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के लिए किया गया जागरूक
गाजियाबाद। सोशल मीडिया का उपयोग नेटवर्क बढ़ाने और संपर्क बनाने के लिए करें, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यह जानकारी बाद में आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है।ये बातें अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम में साइबर थाना प्रभारी ने शंभू दयाल पीजी कॉलेज की छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक करते हुए कहीं।
बुधवार को नगर कोतवाली स्थित साइबर थाने में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक संतोष तिवारी ने छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने और जागरूक रहने की जरूरत है। सावधानी बरतकर साइबर अपराधियों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत अकाउंट को अलग रखें। रील आदि के लिए अलग पब्लिक अकाउंट बनाया जा सकता है, ताकि व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न हो और उसका दुरुपयोग न किया जा सके। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से भी बचें। कई बार दोस्ती करने वाला व्यक्ति बाद में व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर ब्लैकमेल कर सकता है। इसलिए अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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उन्होंने छात्राओं को अनजान लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी। बताया कि ऐसे लिंक के जरिये फोन का डाटा साइबर अपराधियों के नियंत्रण में जा सकता है। बैंक खाते से संबंधित ओटीपी भी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी की रकम को रोकने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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छात्राओं ने पूछे सवाल
अकाउंट हैक होने की जानकारी कैसे मिलेगी? -भूमि
इसकी जानकारी तब मिल सकती है, जब अकाउंट में आपकी जानकारी के बिना कोई गतिविधि हो रही हो।
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रुपये निकलने से कैसे बचें? -नंदिनी
अनजान लिंक पर फोन में क्लिक न करें। किसी के लालच में न आएं और बैंक खाते से संबंधित ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
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अपराध का शिकार हो जाने पर क्या करें? -रोशनी खातिम
साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। नंबर नहीं लगने पर नजदीकी थाने में जाकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
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गाजियाबाद। सोशल मीडिया का उपयोग नेटवर्क बढ़ाने और संपर्क बनाने के लिए करें, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यह जानकारी बाद में आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है।ये बातें अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम में साइबर थाना प्रभारी ने शंभू दयाल पीजी कॉलेज की छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक करते हुए कहीं।
बुधवार को नगर कोतवाली स्थित साइबर थाने में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक संतोष तिवारी ने छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने और जागरूक रहने की जरूरत है। सावधानी बरतकर साइबर अपराधियों से बचा जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत अकाउंट को अलग रखें। रील आदि के लिए अलग पब्लिक अकाउंट बनाया जा सकता है, ताकि व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न हो और उसका दुरुपयोग न किया जा सके। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से भी बचें। कई बार दोस्ती करने वाला व्यक्ति बाद में व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर ब्लैकमेल कर सकता है। इसलिए अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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उन्होंने छात्राओं को अनजान लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी। बताया कि ऐसे लिंक के जरिये फोन का डाटा साइबर अपराधियों के नियंत्रण में जा सकता है। बैंक खाते से संबंधित ओटीपी भी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी की रकम को रोकने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए समय रहते कार्रवाई की जा सके।
छात्राओं ने पूछे सवाल
अकाउंट हैक होने की जानकारी कैसे मिलेगी? -भूमि
इसकी जानकारी तब मिल सकती है, जब अकाउंट में आपकी जानकारी के बिना कोई गतिविधि हो रही हो।
रुपये निकलने से कैसे बचें? -नंदिनी
अनजान लिंक पर फोन में क्लिक न करें। किसी के लालच में न आएं और बैंक खाते से संबंधित ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
अपराध का शिकार हो जाने पर क्या करें? -रोशनी खातिम
साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। नंबर नहीं लगने पर नजदीकी थाने में जाकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।