फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Three times the resolution, there was still a number of houses

तीन बार प्रस्ताव पास, मकानों को फिर भी न मिला नंबर

Mon, 01 Aug 2016 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद Updated Mon, 01 Aug 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
Three times the resolution, there was still a number of houses
हाउस टैक्स - फोटो : DEMO Pics
नगर निगम बोर्ड बैठक में तीन बार प्रस्ताव पास होने के बावजूद पुराने शहर के मकानों को स्थायी पता न मिल सका। नगर निगम न तो गलियों को नंबर दे पाया और न ही मकानों को। निगम के गठन के करीब 20 साल बाद भी मकान मालिकों को अपने मकान का परमानेंट एड्रेस नहीं पता। इसको लेकर मालीवाड़ा के पार्षद और लोगों में रोष है।
विज्ञापन


मालीवाड़ा के पार्षद राजेंद्र तितोरिया ने सदन में तीन बार यह मामला उठाया और तीनों बार सदन ने प्रस्ताव पास कर मकानों और गलियों को नंबर देने की बात कही। यह प्रस्ताव अभी तक फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया। 14 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में फिर से यह प्रस्ताव पास कर दिया गया था। इसके बाद भी योजना पर काम शुरू नहीं हुआ।
विज्ञापन


मालीवाड़ा के पार्षद राजेंद्र तितौरिया का कहना है कि मकानों को स्थायी पता न मिलने की वजह से चिट्ठियां, परीक्षाओं के प्रवेश पत्र और एप्वाइंटमेंट लैटर भी वापस लौट जाते हैं। रिश्तेदारों को भी पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जल्द ही गलियों और मकानों को नंबर देने की योजना पर काम शुरू न हुआ तो आगामी बैठक में वह इस मुद्दे पर अफसरों से जवाब मांगेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed