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चाऊमीन नहीं.... ये है साइलेंट जहर

Fri, 22 Jul 2016 01:10 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Fri, 22 Jul 2016 01:10 AM IST
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.... This is not Chaumin Silent poison
अन्य - फोटो : अमर उजाला
जिस मोनो सोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) की वजह से मैगी लोगों की किचन से बाहर हो गई, वही एमएसजी चाऊमीन और अन्य चाइनीज फूड्स में धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रही है। गली-मोहल्लों में वैन और दुकानों पर चाइनीज और फास्ट फूड बेचने वाले इस स्वाद बढ़ाने वाले केमिकल का धड़ल्ले से प्रयोग कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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इनके पास खाने में डालने के लिए न इसकी मात्रा का अंदाजा है और न ही कोई गाइडलाइन। विशेषज्ञों की मानें तो बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए इसका ज्यादा इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है।
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एमएसजी के इस्तेमाल से आने वाले घातक परिणामों की वजह से ही देश में मैगी को प्रतिबंधित कर दिया गया था। एमएसजी की खपत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिनोंदिन शहर में चाइनीज फूड वैन की संख्या लगातार बढ़ रही है। करीब एक दशक पहले शहर में इक्का-दुक्का दिखने वालीं चाइनीज फूड वैन अब 500 से ज्यादा हो गई हैं।
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फूड सेफ्टी विभाग भी नहीं कर रहा सैंपलिंग
फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट बड़े होटल्स, रेस्तरां, स्वीट्स शॉप में तो खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच कराता है, लेकिन चाइनीज फूड वैन से कभी सैंपलिंग नहीं की जाती। इन वैन का खाना लोगों के लिए कितना सेफ है इसका अंदाजा न तो खाने वालों को हैं और न ही इसकी निगरानी के लिए जिम्मेदार विभाग के पास।
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साइलेंट किलर है एमएसजी
डॉक्टर्स एमएसजी को साइलेंट किलर भी मानते हैं। इसके लगातार इस्तेमाल से शॉर्ट टर्म और लांग टर्म के लिए कई बीमारियां हो सकती हैं। सीनियर फिजिशियन डॉ. अंशुल वार्ष्णेय का कहना है कि एमएसजी के प्रयोग से शार्ट टर्म में एसिडिटी, हार्ट बर्न, गैस, लीवर प्राब्लम और लंबे समय तक प्रयोग से मेमोरी लॉस, नर्वस सिस्टम डैमेज, ब्रेन डैमेज हो सकता है। इससे आंखों पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है।


चाइनीज फूड्स में एमएसजी के प्रयोग की अनुमति है, लेकिन इसकी मात्रा 1 पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पैकेट बंद फूड के ऊपर इसकी मात्रा लिखा होना अनिवार्य है। सामान्यत: चाइनीज फूड वैन से सैंपल नहीं लिए जाते लेकिन एमएसजी की मात्रा जानने को लिए जाएंगे। सभी फूड इंस्पेक्टरों को इसके लिए निर्देश दिए जाएंगे। - अजय जायसवाल, फूड सेफ्टी अफसर 
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