{"_id":"574de3204f1c1b0a46108d9c","slug":"street-vendors-are-withdrawn-from-the-indirapuram-track","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदिरापुरम से हटीं रेहड़ी-पटरी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदिरापुरम से हटीं रेहड़ी-पटरी
ब्यूरो/अमर उजाला, इंदिरापुरम।
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
अतिक्रमण हटाती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीडीए ने मंगलवार को इंदिरापुरम में करीब साढ़े तीन घंटे तक रेहड़ी-पटरी को हटाने की कार्रवाई की। खास बात यह है कि जीडीए ने रेहड़ी-पटरी वालों को उनकी समस्याओं पर मीटिंग करने के लिए जीडीए कार्यालय बुला लिया था। बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी वाले जीडीए पहुंच गए और उधर उनकी दुकानों को उजाड़ दिया गया।
इंदिरापुरम रेहड़ी-पटरी खोखा एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशाद अली ने कहा कि हमें धोखा देकर बुलाया गया और हमारे पीठ पीछे पुलिस ने हमारे सामान पर ‘डाका’ डाला। इस कार्रवाई के खिलाफ हम एफआईआर दर्ज करवाएंगे जबकि हाईकोर्ट में हमारा मामला पहले से चल रहा है और वहां भी यह घटना रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने करीब पांच सौ रेहड़ी-पटरी को उजाड़कर लाखों का नुकसान पहुंचाया है।
मंगलवार दोपहर करीब एक बजे रेहड़ी-पटरी वाले जीडीए गेट पर पहुंच गए थे। इनके एसोसिएशन को 27 मई को एक पत्र लिखकर जीडीए बुलाया गया था। पत्र में लिखा गया है कि हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका संख्या 11965/2016 में पारित आदेश के अनुपालन में प्रत्यावेदन निस्तारण के संबंध में जीडीए के वीसी बैठक करेंगे।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने स्थायी दुकान देने की मांग को लेकर यह याचिका दायर की थी। इनकी याचिका पर 16 मई को हाईकोर्ट ने इन्हें नियमानुसार सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि मंगलवार को वे जीडीए से यह मांग करने वाले थे कि जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती तब तक रेहड़ी-पटरी को इसी तरह चलने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि उक्त कार्रवाई के बारे में जब उन्होंने जीडीए के अधिकारियों से बात की तो उन्हें बस यही जवाब मिला कि यह कार्रवाई जीडीए ने नहीं, डीएम ने की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनका बहुत सारा सामान जब्त कर लिया है। फिर भी वे कल भी दुकान लगाएंगे क्योंकि नहीं लगाएंगे तो पेट कैसे पालेंगे।
दूसरी तरफ जीडीए के प्रवर्तन प्रभारी वाईएन चौधरी ने बताया कि आरडब्ल्यूए व लोगों की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। इन रेहड़ी-पटरी वालों ने सड़क और फुटपाथ को घेर लिया था। इस वजह से जाम लगता था, जिन्हें ध्वस्त किया गया है।
जयपुरिया मॉल से हैबिटेट सेंटर तक सड़क किनारे से रेहड़ी-पटरी वालों को हटाया गया है। साथ ही नीति खंड इलाके में खाली प्लॉट पर बनीं 35 झुग्गियों को भी तोड़ा गया। महागुन मेंशन, शिप्रा कृष्णा विस्टा आदि सोसायटी के आसपास हुए अतिक्रमण को भी हटाया गया।
यहां अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क किनारे पौधे लगाए गए। इस मौके पर सीओ इंदिरापुरम सीओ अतुल यादव, सिटी मजिस्ट्रेट ब्रह्मदेव सिंह, एसएचओ इंदिरापुरम गोरखनाथ यादव, जीडीए पुलिस के इंस्पेक्टर रणधीर सिंह आदि मौजूद रहे।
मीटिंग में बनाई कमेटी: रेहड़ी-पटरी वालों के साथ हुई बैठक में जीडीए के अधिकारी दयानंद प्रसाद की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई। यह कमेटी फेरी एक्ट 2014 के तहत रेहड़ी-पटरी वालों के सहायतार्थ काम करेगी। दुकानों को लगाने की जगह यह कमेटी तय करेगी।
जीडीए और पुलिस के जाने के बाद विरोध करने पहुंचे लोग
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी होने के बाद महागुन मेंशन सोसायटी से जीडीए और पुलिस चली गई। जिसके बाद शाम को महागुन मेंशन सोसायटी के बाहर अतिक्रमण करने वाले लोग पहुंच गए।
आरडब्ल्यूए के अनुसार कुछ लोगों के हाथ में पत्थर भी थे और अतिक्रमण हटाकर लगाए जा रहे पौधरोपण का विरोध करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना आरडब्ल्यूए ने पुलिस को दी। सीओ अतुल यादव समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिन्हें देकर विरोध करने आए लोग भाग गए। सीओ ने चौकी इंचार्ज को वहीं खड़े होकर पौधरोपण कराने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
इंदिरापुरम रेहड़ी-पटरी खोखा एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशाद अली ने कहा कि हमें धोखा देकर बुलाया गया और हमारे पीठ पीछे पुलिस ने हमारे सामान पर ‘डाका’ डाला। इस कार्रवाई के खिलाफ हम एफआईआर दर्ज करवाएंगे जबकि हाईकोर्ट में हमारा मामला पहले से चल रहा है और वहां भी यह घटना रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने करीब पांच सौ रेहड़ी-पटरी को उजाड़कर लाखों का नुकसान पहुंचाया है।
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर करीब एक बजे रेहड़ी-पटरी वाले जीडीए गेट पर पहुंच गए थे। इनके एसोसिएशन को 27 मई को एक पत्र लिखकर जीडीए बुलाया गया था। पत्र में लिखा गया है कि हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका संख्या 11965/2016 में पारित आदेश के अनुपालन में प्रत्यावेदन निस्तारण के संबंध में जीडीए के वीसी बैठक करेंगे।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने स्थायी दुकान देने की मांग को लेकर यह याचिका दायर की थी। इनकी याचिका पर 16 मई को हाईकोर्ट ने इन्हें नियमानुसार सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि मंगलवार को वे जीडीए से यह मांग करने वाले थे कि जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती तब तक रेहड़ी-पटरी को इसी तरह चलने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि उक्त कार्रवाई के बारे में जब उन्होंने जीडीए के अधिकारियों से बात की तो उन्हें बस यही जवाब मिला कि यह कार्रवाई जीडीए ने नहीं, डीएम ने की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनका बहुत सारा सामान जब्त कर लिया है। फिर भी वे कल भी दुकान लगाएंगे क्योंकि नहीं लगाएंगे तो पेट कैसे पालेंगे।
दूसरी तरफ जीडीए के प्रवर्तन प्रभारी वाईएन चौधरी ने बताया कि आरडब्ल्यूए व लोगों की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। इन रेहड़ी-पटरी वालों ने सड़क और फुटपाथ को घेर लिया था। इस वजह से जाम लगता था, जिन्हें ध्वस्त किया गया है।
जयपुरिया मॉल से हैबिटेट सेंटर तक सड़क किनारे से रेहड़ी-पटरी वालों को हटाया गया है। साथ ही नीति खंड इलाके में खाली प्लॉट पर बनीं 35 झुग्गियों को भी तोड़ा गया। महागुन मेंशन, शिप्रा कृष्णा विस्टा आदि सोसायटी के आसपास हुए अतिक्रमण को भी हटाया गया।
यहां अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क किनारे पौधे लगाए गए। इस मौके पर सीओ इंदिरापुरम सीओ अतुल यादव, सिटी मजिस्ट्रेट ब्रह्मदेव सिंह, एसएचओ इंदिरापुरम गोरखनाथ यादव, जीडीए पुलिस के इंस्पेक्टर रणधीर सिंह आदि मौजूद रहे।
मीटिंग में बनाई कमेटी: रेहड़ी-पटरी वालों के साथ हुई बैठक में जीडीए के अधिकारी दयानंद प्रसाद की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई। यह कमेटी फेरी एक्ट 2014 के तहत रेहड़ी-पटरी वालों के सहायतार्थ काम करेगी। दुकानों को लगाने की जगह यह कमेटी तय करेगी।
जीडीए और पुलिस के जाने के बाद विरोध करने पहुंचे लोग
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी होने के बाद महागुन मेंशन सोसायटी से जीडीए और पुलिस चली गई। जिसके बाद शाम को महागुन मेंशन सोसायटी के बाहर अतिक्रमण करने वाले लोग पहुंच गए।
आरडब्ल्यूए के अनुसार कुछ लोगों के हाथ में पत्थर भी थे और अतिक्रमण हटाकर लगाए जा रहे पौधरोपण का विरोध करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना आरडब्ल्यूए ने पुलिस को दी। सीओ अतुल यादव समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिन्हें देकर विरोध करने आए लोग भाग गए। सीओ ने चौकी इंचार्ज को वहीं खड़े होकर पौधरोपण कराने का निर्देश दिया।