फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Standards are set aside, the sword captive Slater House

मानकों को कर रहे दरकिनार, स्लाटर हाउस पर बंदी की तलवार

Sun, 10 Apr 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sun, 10 Apr 2016 12:41 AM IST
विज्ञापन
Standards are set aside, the sword captive Slater House
एनजीटी - फोटो : अमर उजाला
गिरते भूजल स्तर और दूषित होते ग्राउंड वाटर पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के तेवर कड़े हो गए हैं। मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे स्लाटर हाउस को बंद कराने का निर्णय लिया जा सकता है। इसके लिए चीफ सेक्रेटरी से रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन


अब सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।  स्लाटर हाउस में जहां रोजाना हजारों लीटर भूजल का अवैध रूप से दोहन हो रहा है, वहीं दूषित पानी को फिर से ग्राउंड वाटर में मिलाया जा रहा है। इससे कई शहरों में ग्राउंड वाटर पीने योग्य नहीं रहा।
विज्ञापन


एनजीटी ने इस मामले पर रिपोर्ट मांगी थी कि कितने स्लाटर हाउस चल रहे हैं। सात अप्रैल को एनजीटी में दी गई रिपोर्ट में इनके आंकड़े अलग-अलग हैं।  केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण (सीपीसीबी) ने जहां सूबे में 126 स्लाटर हाउस चलते दिखाए हैं, वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने 179 बताए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्लाटर हाउस के जल दोहन के बारे में केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के पास रिकार्ड ही नहीं है। इसको गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने संबंधित एजेंसियों से नाराजगी जताई है। चीफ सेक्रेटरी से पूछा गया है कि मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे स्लाटर हाउस को क्यों न बंद करा दिया जाए? उन्होंने चीफ सेक्रेटरी को इनकी संख्या और जल दोहन के आंकड़ों के साथ 27 अप्रैल को तलब किया है।


स्लाटर हाउस में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्लाटर हाउस भूजल का दोहन और प्रदूषण दोनोें कर रहे हैं। एनजीटी को साक्ष्य दिए गए हैं। यह सब अफसरों की मिलीभगत से चल रहा है। - शैलेश चौहान, याचिका कर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता।

एनजीटी ने स्लाटर हाउस पर रिपोर्ट तलब की थी। बोर्ड के रिकार्ड केसाथ एनजीटी में पक्ष रखा जाएगा।
 रोहित सचान, अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed