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प्रताप विहार में बसेगी ‘मिनी टाउनशिप’
आदर्श त्रिपाठी/ गाजियाबाद
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:20 AM IST
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जीडीए
- फोटो : अमर उजाला
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लाइनपार के प्रताप विहार में भी लोगों को बिल्डरों के अवैध फ्लैटों में घर खरीदने की मजबूरी से राहत मिलेगी। शहर में लागू हुए संशोधित बिल्डिंग बायलॉज का लाभ यहां सेक्टर-12 में स्थित केए ब्लॉक को भी मिलेगा।
यहां करीब 40 से अधिक एकल यूनिटों पर चार मंजिला इमारतें बन सकेंगी। इस ‘मिनी टाउनशिप’ के लिए नक्शा जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले जीडीए ने लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
आपत्तियों के निराकरण के बाद जीडीए यहां 112 वर्गमीटर तक वाले प्लाट पर भी चार मंजिला इमारतों के नक्शे पास करेगा। लोगों को पार्किंग समेत कई सुविधाओं वाले फ्लैट मिलेंगे।
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एकल यूनिट पर कई-कई मंजिल तक बने अवैध निर्माणों के चलन को रोकने के लिए 2014 में प्रदेश सरकार ने शहर में संशोधित बिल्डिंग बायलॉज को मंजूरी दी थी। इसके मुताबिक विकसित कालोनियों में 112 वर्गमीटर से लेकर 2000 वर्गमीटर तक के प्लाट पर बिल्डर अधिकतम 15 मीटर ऊंचाई तक की चार मंजिल इमारत बना सकेंगे।
शर्त होगी कि प्रत्येक फ्लैट के लिए पार्किंग का इंतजाम करना होगा। जीडीए भी इन इमारतों में बसने वाली आबादी को ध्यान में रखकर सीवर, पानी, सड़क, बिजली आदि सुविधाओं को बेहतर करने के बाद ही नक्शे पास कर सकेगा। इसके लिए लोगों की आपत्तियां और सुझाव का निराकरण भी अनिवार्य शर्त है।
जीडीए सीएटीपी इश्तियाक अहमद ने बताया कि प्राधिकरण दिवस में इस संबंध में कई आवेदन मिले थे। इसके बाद प्रताप विहार के केए ब्लॉक में संशोधित बायलॉज के अंतर्गत नक्शे पास करने के लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इनके निराकरण केबाद नियमानुसार यहां करीब 40 से अधिक प्लाटों पर निजी बिल्डर चार मंजिला इमारतें बना सकेंगे।
सर्वे में हो चुका था पास
बीते दिनों विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की कालोनियों का सर्वे जीडीए ने कराया था। पहले चरण में राजेंद्र नगर, इंदिरापुरम (नीति खंड, शक्तिखंड, न्यायखंड, अहिंसाखंड, ज्ञानखंड), गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, प्रताप विहार और शालीमार गार्डन के कई सेक्टरों में नए बायलॉज के मुताबिक विकास की संभावनाएं मिलीं थीं।
इन क्षेत्रों केलिए नक्शे पास किए जा रहे हैं। अब इसमें प्रताप विहार भी शामिल हो गया है।
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यहां करीब 40 से अधिक एकल यूनिटों पर चार मंजिला इमारतें बन सकेंगी। इस ‘मिनी टाउनशिप’ के लिए नक्शा जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले जीडीए ने लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
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आपत्तियों के निराकरण के बाद जीडीए यहां 112 वर्गमीटर तक वाले प्लाट पर भी चार मंजिला इमारतों के नक्शे पास करेगा। लोगों को पार्किंग समेत कई सुविधाओं वाले फ्लैट मिलेंगे।
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एकल यूनिट पर कई-कई मंजिल तक बने अवैध निर्माणों के चलन को रोकने के लिए 2014 में प्रदेश सरकार ने शहर में संशोधित बिल्डिंग बायलॉज को मंजूरी दी थी। इसके मुताबिक विकसित कालोनियों में 112 वर्गमीटर से लेकर 2000 वर्गमीटर तक के प्लाट पर बिल्डर अधिकतम 15 मीटर ऊंचाई तक की चार मंजिल इमारत बना सकेंगे।
शर्त होगी कि प्रत्येक फ्लैट के लिए पार्किंग का इंतजाम करना होगा। जीडीए भी इन इमारतों में बसने वाली आबादी को ध्यान में रखकर सीवर, पानी, सड़क, बिजली आदि सुविधाओं को बेहतर करने के बाद ही नक्शे पास कर सकेगा। इसके लिए लोगों की आपत्तियां और सुझाव का निराकरण भी अनिवार्य शर्त है।
जीडीए सीएटीपी इश्तियाक अहमद ने बताया कि प्राधिकरण दिवस में इस संबंध में कई आवेदन मिले थे। इसके बाद प्रताप विहार के केए ब्लॉक में संशोधित बायलॉज के अंतर्गत नक्शे पास करने के लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इनके निराकरण केबाद नियमानुसार यहां करीब 40 से अधिक प्लाटों पर निजी बिल्डर चार मंजिला इमारतें बना सकेंगे।
सर्वे में हो चुका था पास
बीते दिनों विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की कालोनियों का सर्वे जीडीए ने कराया था। पहले चरण में राजेंद्र नगर, इंदिरापुरम (नीति खंड, शक्तिखंड, न्यायखंड, अहिंसाखंड, ज्ञानखंड), गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, प्रताप विहार और शालीमार गार्डन के कई सेक्टरों में नए बायलॉज के मुताबिक विकास की संभावनाएं मिलीं थीं।
इन क्षेत्रों केलिए नक्शे पास किए जा रहे हैं। अब इसमें प्रताप विहार भी शामिल हो गया है।