फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   oovictims-of-encroachment-market

अतिक्रमण का शिकार हुए बाजार

Thu, 20 Oct 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद Updated Thu, 20 Oct 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
oovictims-of-encroachment-market
जाम - फोटो : अमर उजाला
अतिक्रमण के चलते बाजार बेजार हो गए हैं। तुराबनगर समेत कई भीड़भाड़ वाले बाजारों में सड़कें संकरी व फुटपाथ गुम-से हो गए हैं। अतिक्रमणकारियों ने रोड ही नहीं नाले तक पर दुकानें बना ली हैं। ऐसे में वाहन तो दूर, पैदल निकलना भी मुश्किल है। गलियों में बिजली के तारों का इस कदर जाल फैला हुआ है कि अगर आग लगने की घटना हो जाए तो दमकल गाड़ियां पहुंच ही नहीं पाएंगी।
विज्ञापन


अतिक्रमण की समस्या बीते एक दशक में ज्यादा भयावह हुई है। इसी का नतीजा है कि तुराबनगर, घंटाघर, गोल मार्केट, चौपला मार्केट, अग्रसेन बाजार, दिल्ली गेट, डासना गेट के बाजार में गलियों की चौड़ाई 6-7 मीटर रह गई है। आग लग जाए तो इन गलियों में दमकल की गाड़ियां घुस भी नहीं सकतीं।
विज्ञापन


बजरिया, मालीवाड़ा, गांधीनगर, रमते राम रोड की चौड़ाई इनसे थोड़ा ज्यादा है, लेकिन इनके रास्ते भी दमकल के लिए पर्याप्त नहीं। वहीं, अधिकांश दुकानों में अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगे हैं। अग्निशमन विभाग भी इस बाबत कोई अभियान नहीं चलाता है।इन बाजारों के साथ-साथ आवासीय मोहल्ले भी हैं, जिनकी गलियां भी अतिक्रमण से अटी पड़ी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डासना गेट बाजार से एक गली नगर निगम कार्यालय की ओर जाती है। यह जटवाड़ा मोहल्ले की गली है। इस गली की चौड़ाई तो मात्र 4-5 मीटर है। यहां दमकल छोड़िये, रिक्शा घुसने तक की जगह नहीं है। यही हाल कल्लूपुरा का है। दरअसल जीडीए से इन इलाकों का कोई नक्शा नहीं पास था, लोगों ने खुलकर अवैध निर्माण किया।

दुकानदारों ने रोड का रास्ता घेर लिया तो दो मंजिल के मकान पांच मंजिल तक पहुंच गए। इन इलाकों में पार्किंग तक का इंतजाम नहीं है, ऐसे में दुकानदारों व ग्राहकों की गाड़ियां मेन रोड पर ही खड़ी होती हैं। इससे दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। जीडीए, नगर निगम और प्रशासन के कर्मी अपनी जेब गर्म करने के चक्कर में चुप्पी साधे रहते हैं।

ये हैं नियम
दौ सौ वर्गगज जमीन पर तीन मंजिल तक ही दुकान बनाने के नियम हैं। दुकानें वहीं हो सकती हैं जहां की रोड नौ मीटर चौड़ी हो। आवासीय मामले में 50 वर्गमीटर से दो हजार वर्गमीटर जमीन पर ढाई मंजिल तक ही आवासीय भवन बनाने का प्रावधान है। पुराने इलाकों में हजारों मकान व दुकान इन नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं।

फायर ब्रिगेड के पास नहीं आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम
 फायर ब्रिगेड के पास आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। गलियां इतनी संकरी हो गई हैं कि फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियां वहां तक पहुंच ही नहीं पाएंगी। एक छोटी गाड़ी है, जो पहुंच सकती है, मगर वह सिर्फ ढाई हजार लीटर क्षमता की है, यानी बड़ी आग को वह काबू नहीं कर पाएगी। ऐसे में सावधानी ही बचाव है।

इस संबंध में फायर स्टेशन ऑफिसर आरके यादव का कहना है कि संकरे बाजारों और गलियों में छोटे वाटर टेंडर केअलावा फायर इंस्टिग्यूशर और बड़ी गाड़ियों के पाइपों की मदद से आग बुझाई जा सकती है।

पुरानी आबादी में नक्शा ही नहीं पास
जीडीए के ओएसडी डीपी सिंह ने बताया कि पुरानी आबादी के मोहल्ले-बाजारों में बने घरों-दुकानों का जीडीए से नक्शा पास नहीं हुआ है। जब अनधिकृत निर्माण की शिकायत आती है तो जीडीए निर्माण रुकवाने या सील करने की कार्रवाई करता है। उन्होंने बताया कि जीडीए में आठ प्रवर्तन जोन हैं और प्रति महीने इन सभी जोन से अनधिकृत निर्माण की करीब सौ शिकायतें आती हैं।

सबसे अधिक शिकायतें तुराबनगर क्षेत्र से आती हैं। पिछले दिनों इसी क्षेत्र में पीपलेश्वर वाली गली में अवैध निर्माण की शिकायत आई थी जिस पर कार्रवाई करते हुए निर्माण रुकवा दिया गया।


मार्च तक अंडरग्राउंड और बदली जाएंगी बिजली लाइनें
पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता एसबी यादव का कहना है कि पुराने शहर में पुरानी बिजली की लाइनों को बदलने और अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है।


इसमें नवयुग मार्केट, तुराबनगर, गांधी मार्केट, मालीवाड़ा, अंबेडकर रोड, चौपला सहित विभिन्न बाजार और कालोनियां शामिल हैं। बिजली लाइनों को बदलने और अंडरग्राउंड किए जाने का काम मार्च तक  पूरा होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed