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Ghaziabad News: बिना सत्यापन सुरक्षा गार्ड सप्लाई करने वाला गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
साहिबाबाद। लिंक रोड थानाक्षेत्र में संचालित मीट फैक्टरी में बिना सत्यापन नियुक्त सुरक्षा गार्डों की छानबीन करने के बाद पुलिस ने फर्जी सिक्योरिटी कंपनी के नाम पर सुरक्षा गार्ड सप्लाई करने वाले को गिरफ्तार किया है। आरोपी गौतमबुद्ध नगर के नोएडा सेक्टर 44 स्थित छलैरा का रहने वाला सुरेश चौहान है। पूछताछ में आरोपी ने बिना पंजीकरण सिक्योरिटी कंपनी संचालित करने और बिहार व पश्चिमी यूपी के युवकों को बिना सत्यापन सुरक्षा गार्ड की नौकरी दिलाने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने अभी आरोपी से पूछताछ जारी रखी है।
एसीपी साहिबाबाद रजनीश उपाध्याय ने बताया कि फर्जी सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए बिना सत्यापन युवाओं को नौकरी देने के मामले में सुरेश चौहान को गिरफ्तार किया गया है। बताया कि रविवार को लिंक रोड पुलिस ने मीट फैक्ट्री में तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों की छानबीन की थी। जांच के दौरान पता चला कि उन्हें प्रथम सर्विसेज सिक्योरिटी नाम की कंपनी से नियुक्त कराया गया है। जांच में पता चला कि यह सिक्योरिटी कंपनी कहीं पंजीकृत ही नहीं है और फर्जी तौर पर संचालित हो रही है।
आरोपी इसे वर्तमान में घर से ही संचालित कर रहा था। आरोपी ने कंपनी के जरिए पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, हाथरस समेत अन्य जिलों और बिहार राज्य के कई युवाओं को बिना सत्यापन नौकरी पर लगवा चुका है। अभी तक केवल मीट फैक्टरी में हुई जांच में करीब सात लोग फर्जी सिक्योरिटी कंपनी के जरिए नियुक्त मिले हैं। एसीपी ने बताया कि पूछताछ में कई बातें सामने आई हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही मामले में अन्य कार्रवाई की जाएगी।
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एसीपी साहिबाबाद रजनीश उपाध्याय ने बताया कि फर्जी सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए बिना सत्यापन युवाओं को नौकरी देने के मामले में सुरेश चौहान को गिरफ्तार किया गया है। बताया कि रविवार को लिंक रोड पुलिस ने मीट फैक्ट्री में तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों की छानबीन की थी। जांच के दौरान पता चला कि उन्हें प्रथम सर्विसेज सिक्योरिटी नाम की कंपनी से नियुक्त कराया गया है। जांच में पता चला कि यह सिक्योरिटी कंपनी कहीं पंजीकृत ही नहीं है और फर्जी तौर पर संचालित हो रही है।
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आरोपी इसे वर्तमान में घर से ही संचालित कर रहा था। आरोपी ने कंपनी के जरिए पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, हाथरस समेत अन्य जिलों और बिहार राज्य के कई युवाओं को बिना सत्यापन नौकरी पर लगवा चुका है। अभी तक केवल मीट फैक्टरी में हुई जांच में करीब सात लोग फर्जी सिक्योरिटी कंपनी के जरिए नियुक्त मिले हैं। एसीपी ने बताया कि पूछताछ में कई बातें सामने आई हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही मामले में अन्य कार्रवाई की जाएगी।
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