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रेरा पास होने का बाद भी नहीं मिल रहा लाभ

Mon, 08 May 2017 11:47 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Mon, 08 May 2017 11:47 PM IST
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Not getting profit even after Rare Pass
फ्लैट - फोटो : amar ujala

एक मई से प्रदेश में रीयल एस्टेट बिल तो लागू कर दिया गया, लेकिन इसका लाभ आवंटियों को नहीं मिल रहा है। बिल लागू होने से पहले रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन होना था, जो अब तक नहीं हुआ। सरकार ने आधी-अधूरी तैयारी के साथ ही बिल को लागू कर दिया।

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इस मामले में फेडरेशन ऑफ एओए ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली है। फेडरेशन ऑफ एओए का कहना है कि रीयल एस्टेट बिल के अंतर्गत हर राज्य सरकार को बिल लागू करने से पहले अपने यहां रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (आरईआरए) का गठन करना था।
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रीयल एस्टेट से जुड़ा सारा बड़ा काम इस अथॉरिटी की निगरानी में होना है। साथ ही अथॉरिटी की वेबसाइट पर हर प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी बिल्डर को देनी थी। लेकिन यह व्यवस्थाएं अब तक शुरू नहीं हो पाईं।
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आवंटी अशोक कुमार और राजीव गुप्ता ने बताया कि बिल पास होने के बाद खुशी हुई लेकिन अब अपनी शिकायत कहां करें, इस बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। फेडरेशन ऑफ एओए के संरक्षक आलोक कुमार ने बताया कि आवंटी रोजाना एओए कार्यालय में आकर पूछ रहे हैं कि बिल्डर या प्रोजेक्ट  से जुड़ी शिकायत कहां करें।


यही हाल बिल्डर का भी है। बिल्डरों का कहना है कि अथॉरिटी की वेबसाइट बनी ही नहीं। ऐसे में प्रोजेक्ट संबंधी जानकारी कहां दें। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली गई है। इसमें आवास और शहरी विकास मंत्रालय के प्रमुख सचिव को पार्टी बनाया गया है। इसकी सुनवाई शुक्रवार को होगी।            

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