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Ghaziabad News: जन्मदिन से पहले लापता बच्ची का मिला शव, हत्या की आशंका
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साहिबाबाद। टीलामोड़ थानाक्षेत्र के इरशाद गार्डन में तीन अक्तूबर की शाम से लापता छह वर्षीय बच्ची का शव एक पानी से भरे गड्ढे में पड़ा मिला। बच्ची के लापता होने के बाद से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। शव की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब बच्ची के परिवार वालों को बुलाया तब शिनाख्त हुई। परिजनों ने बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या कर फेंकने की आशंका जताई है। छह नवंबर को बच्ची का सातवां जन्मदिन था। दूसरी तरफ टीलामोड़ पुलिस पर भी बड़ी लापरवाही के आरोप लगे हैं। शव मिलने के बाद बच्ची के अपहरण का मुकदमा पुलिस ने दर्ज किया। डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है।
बच्ची तीन नवंबर को गुस्से में आकर घर से बाहर निकल गई थी। परिजनों का कहना है कि पढ़ाई को लेकर मां ने उसे डांट दिया था। काफी देर तक परिवार वाले इंतजार करते रहे लेकिन जब वह वापस नहीं लौटी तब तलाश शुरू की। खोजबीन में रात बीत गई और सुबह करीब सात बजे परिवार वाले थाने पहुंचे।
बच्ची के मामा ने बताया कि सुबह पुलिसकर्मियों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि 11 बजे आकर लिखित शिकायत देना और तब तक तलाश करके देख लो। 11 बजे परिजन दोबारा पहुंचे और लिखित तौर पर बच्ची की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद भी उन्हें जवाब मिला कि हम लोग देखते हैं आप लोग भी खोजिए। इसके बाद न तो कोई पीड़ित के घर पहुंचा और न ही बच्ची को तलाशने का कोई प्रयास किया गया।
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शाम करीब पांच बजे घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक खाली प्लॉट में बने करीब ढाई फीट गहरे पानी के गड्ढे में बच्ची का शव स्थानीय लोगों को दिखाई दिया। पूरे इलाके में हल्ला मचा और जब शव को निकाला गया तब वह लापता बच्ची का निकला। बच्ची का पूरा शरीर अकड़ा था उसके हाथ की मुट्ठी बंद थीं। यहां तक कि घुटने से भी पैरों में अकड़न थी।
पुलिस ने शाम को ही शव मोर्चरी भिजवा दिया और परिवार को भी बताया कि पोस्टमॉर्टम के दस्तावेज पूरे हो चुके हैं। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिवार वाले दोपहर करीब दो बजे तक मोर्चरी पर बैठे रहे लेकिन पोस्टमार्टम के कागजात कई घंटों बाद पूरे हुए और तब बच्ची का शव परिजनों को मिला। परिजनों ने बताया कि बच्ची तीन भाई-बहन में सबसे बड़ी थी। वह कक्षा तीन की छात्रा थी।
गड्ढे की गहराई कम फिर कैसे डूब सकती है बच्ची
स्थानीय लोगों ने जब बच्ची का शव गड्ढे में पड़ा देखा तब लोगों ने उस गड्ढे की गहराई को भी नापा। बताया कि गड्ढा करीब दो-ढाई फीट गहरा है। आसपास बने मकानों का पानी उस गड्ढे में जाता है। इसलिए वहां कचरा और कीचड़ रहता हैं। बच्ची की ऊंचाई करीब चार फीट थी। ऐसे में बच्ची कैसे डूब सकती है। परिवार वालों का आरोप है कि अगर पुलिस सूचना मिलते ही अपने प्रयास शुरू करती तो शायद अनहोनी नहीं होती। परिवार वालों से लेकर स्थानीय व्यक्तियों तक ने हत्या की आशंका जताई है। क्षेत्र के ही रहने वाले यूनुस बालियान ने बताया कि जब वह और उनका बेटा पीड़ित के साथ थाने पहुंचे तब पुलिस कर्मियों ने हाथ से मोबाइल छीनकर सभी को थाने से बाहर भेज दिया।
डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चल पाएगा। परिजनों ने जो भी आरोप लगाए हैं उन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बच्ची तीन नवंबर को गुस्से में आकर घर से बाहर निकल गई थी। परिजनों का कहना है कि पढ़ाई को लेकर मां ने उसे डांट दिया था। काफी देर तक परिवार वाले इंतजार करते रहे लेकिन जब वह वापस नहीं लौटी तब तलाश शुरू की। खोजबीन में रात बीत गई और सुबह करीब सात बजे परिवार वाले थाने पहुंचे।
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बच्ची के मामा ने बताया कि सुबह पुलिसकर्मियों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि 11 बजे आकर लिखित शिकायत देना और तब तक तलाश करके देख लो। 11 बजे परिजन दोबारा पहुंचे और लिखित तौर पर बच्ची की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद भी उन्हें जवाब मिला कि हम लोग देखते हैं आप लोग भी खोजिए। इसके बाद न तो कोई पीड़ित के घर पहुंचा और न ही बच्ची को तलाशने का कोई प्रयास किया गया।
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शाम करीब पांच बजे घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक खाली प्लॉट में बने करीब ढाई फीट गहरे पानी के गड्ढे में बच्ची का शव स्थानीय लोगों को दिखाई दिया। पूरे इलाके में हल्ला मचा और जब शव को निकाला गया तब वह लापता बच्ची का निकला। बच्ची का पूरा शरीर अकड़ा था उसके हाथ की मुट्ठी बंद थीं। यहां तक कि घुटने से भी पैरों में अकड़न थी।
पुलिस ने शाम को ही शव मोर्चरी भिजवा दिया और परिवार को भी बताया कि पोस्टमॉर्टम के दस्तावेज पूरे हो चुके हैं। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिवार वाले दोपहर करीब दो बजे तक मोर्चरी पर बैठे रहे लेकिन पोस्टमार्टम के कागजात कई घंटों बाद पूरे हुए और तब बच्ची का शव परिजनों को मिला। परिजनों ने बताया कि बच्ची तीन भाई-बहन में सबसे बड़ी थी। वह कक्षा तीन की छात्रा थी।
गड्ढे की गहराई कम फिर कैसे डूब सकती है बच्ची
स्थानीय लोगों ने जब बच्ची का शव गड्ढे में पड़ा देखा तब लोगों ने उस गड्ढे की गहराई को भी नापा। बताया कि गड्ढा करीब दो-ढाई फीट गहरा है। आसपास बने मकानों का पानी उस गड्ढे में जाता है। इसलिए वहां कचरा और कीचड़ रहता हैं। बच्ची की ऊंचाई करीब चार फीट थी। ऐसे में बच्ची कैसे डूब सकती है। परिवार वालों का आरोप है कि अगर पुलिस सूचना मिलते ही अपने प्रयास शुरू करती तो शायद अनहोनी नहीं होती। परिवार वालों से लेकर स्थानीय व्यक्तियों तक ने हत्या की आशंका जताई है। क्षेत्र के ही रहने वाले यूनुस बालियान ने बताया कि जब वह और उनका बेटा पीड़ित के साथ थाने पहुंचे तब पुलिस कर्मियों ने हाथ से मोबाइल छीनकर सभी को थाने से बाहर भेज दिया।
डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चल पाएगा। परिजनों ने जो भी आरोप लगाए हैं उन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।