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मेयर-पार्षद के खिलाफ डूंडाहेड़ा के लोगों ने दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 19 May 2016 01:12 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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डूंडाहेड़ा के लोग बुधवार को स्थानीय पार्षद के खिलाफ एनएच-24 किनारे धरने पर बैठ गए। उन्होंने पार्षद पर गांव के मुख्य मार्ग का काम बीच में रुकवाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी शिकायत मेयर अशु वर्मा से की गई, मगर उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
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ग्रामीणों का कहना है कि पार्षद की तानाशाही और मेयर की अनदेखी के चलते उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। डूंडाहेड़ा निवासी राजेंद्र त्यागी का कहना है कि गांव के मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य पास होने के बाद इसका शिलान्यास भी कर दिया गया, लेकिन अब रास्ते की खुदाई कराकर छोड़ दिया गया।
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इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि स्थानीय पार्षद नरेश जाटव ने जानबूझकर सिर्फ इसलिए काम रुकवा दिया कि इस मोहल्ले के लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिए थे।
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नकुल त्यागी का कहना है कि पार्षद गांव के ही कुछ लोगों पर झूठा आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने लेबर को काम नहीं करने दिया। जबकि इससे परेशान लोग खुद निगम मुख्यालय जाकर महापौर से मिले थ, मगर उन्होंने भी इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया।
उनका कहना है कि पार्षद की मनमानी और महापौर की अनदेखी के विरोध में धरना शुरू किया गया है। उधर, स्थानीय पार्षद नरेश जाटव का कहना है कि ग्रामीणों के आरोप गलत हैं। डूंडाहेड़ा में निर्माण कार्य चल रहा है। राजनीति के चलते वह धरना देकर मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
आर्य नगर में गंदे पानी की सप्लाई
गाजियाबाद। आर्य नगर कालोनी में खराब ट्यूबवेल को रिपेयर तो करा दिया, लेकिन पानी अभी भी गंदा आ रहा है। आर्य नगर निवासी दयाराम का कहना है कि ट्यूबवेल ठीक होने के बाद घरों में पानी का पूरा प्रेशर नहीं मिल रहा है। जहां पानी पहुंच रहा है वहां गंदा और रेतीला है। इस पानी का इस्तेमाल करना मुश्किल हो रहा है। पीने के लिए बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है।