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Ghaziabad News: संयुक्त अस्पताल में ठप हुई जांच, मरीजों की बढ़ी परेशानी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 05 Sep 2025 01:46 AM IST
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Investigations at the Joint Hospital came to a halt, increasing problems for patients
जिला अस्पताल की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
गाजियाबाद। संजयनगर के संयुक्त जिला अस्पताल में बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन खराब होने से लिवर, गुर्दा और अन्य जरूरी जांचें पूरी तरह ठप हो गई। इससे जांच कराने आए मरीजों को परेशानी हुई। कई मरीज बिना जांच कराए वापस हुए, जबकि कईयों ने निजी लैब में जांच कराई। बृहस्पतिवार को पूरे दिन लैब में जांच संबंधी सैंपल नहीं लिए गए। सामान्य दिनों में 250 से 300 लोगों की खून संबंधित जांचें होती हैं।
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वहीं, एमएमजी अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन खराब होने से एक घंटे तक जांच बंद रही। बाद में तकनीकी परेशानी दूर होने से जांच दोबारा शुरू की गई।
संयुक्त अस्पताल की पैथोलॉजी विभाग में दो बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीनें लगी हैं। इनसे रोजाना लगभग 250 से 300 मरीजों की जांच होती है। इनमें लिवर फंक्शन, किडनी फंक्शन, लिपिड प्रोफाइल, यूरिया, प्रोटीन, यूरिक एसिड समेत करीब 30 प्रकार की जांचें शामिल हैं। बुधवार दोपहर मशीन खराब हो गई थी, तब से लेकर बृहस्पतिवार तक कोई सैंपल नहीं लिया गया।
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मशीन खराब है, बाद में आना
गोविंदपुरम से आए 55 वर्षीय सुरेश कुमार को डॉक्टर ने लिवर जांच के लिए भेजा था। सुरेश सुबह साढ़े नौ बजे अस्पताल पहुंचे और लंबी कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। जब उनकी बारी आई तो लैब टेक्नीशियन ने उन्हें लौटा दिया और बताया कि मशीन खराब है। सुरेश ने बताया कि वह पहले ही तीन दिन से छुट्टी लेकर आए हैं और अब उन्हें प्राइवेट लैब में जाकर जांच करानी पड़ेगी जो कि काफी महंगी है।
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निजी लैब में 500 रुपये में कराई जांच
कृष्णा कालोनी से आईं 60 वर्षीय शकुंतला देवी को गुर्दे की समस्या है। डॉक्टर ने तुरंत जांच कराने को कहा था लेकिन अस्पताल में मशीन खराब होने की वजह से उनका सैंपल नहीं लिया गया। उनके बेटे राजीव ने बताया कि जांच रिपोर्ट में देरी की वजह से मां का इलाज भी रुका हुआ है। अब मजबूरी में निजी लैब में जाकर पांच सौ रुपये में जांच कराई।


जल्द शुरू होगी जांच, मरम्मत के लिए बुलाया इंजीनियर

अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि मशीन को ठीक कराने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। जल्द ही जांच प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी जाएगी लेकिन जब तक मशीन चालू नहीं होती, तब तक मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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