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Ghaziabad News: लग्जरी कार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
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गाजियाबाद। लग्जरी कार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार शातिर चोरों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने दावा किया है कि ये दिल्ली एनसीआर समेत आसपास के इलाके से लग्जरी कारों को चुराते थे और उनकी नंबर प्लेट व चेसिस नंबर बदल दिया करते थे। इसके बाद उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर ग्राहक की तलाश कर सस्ते दामों में बेच देते थे।
एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर हापुड़ के गांव खड़खड़ी निवासी राहुल त्यागी, बुलंदशहर सिकंदराबाद के मोहल्ला बकर कसावन निवासी तौसीफ कुरैशी, मेरठ सरधना के खारी कुआं निवासी इरफान मलिक, गाजियाबाद राजनगर एक्सटेंशन के मीडोज विस्टा सोसायटी निवासी मधु अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। मधु मूलरूप से लखनऊ के इंदिरानगर की रहने वाली है।
गिरोह का सरगना राहुल त्यागी है। इनके दो साथी इस्माइल और आदिल फरार हैं। सभी आठवीं, 10वीं व 12वीं पास हैं। इनके पास से चार फॉच्र्यूनर, एक क्रेटा, एक स्कॉर्पियो, एक निशान और एक स्विफ्ट कार समेत, तीन फर्जी आरसी, दो बिना छपी आरसी, दो मुहर, 10 नंबर प्लेट, 29 लग्जरी कारों की चाभी बरामद की गई है।
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सरगना के खिलाफ दर्ज हैं 14 मुकदमे
एडीसीपी क्राइम ने बताया कि राहुल त्यागी के खिलाफ गाजियाबाद में पांच वाहन चोरी, एक लूट और आठ वाहन चोरी के केस दिल्ली में दर्ज हैं। इसके अलावा तौसीफ कुरैशी के खिलाफ दिल्ली में आठ वाहन चोरी और एक केस गाजियाबाद में, इरफान के खिलाफ दिल्ली में दो वाहन चोरी, मेरठ में तीन व गाजियाबाद में दो केस दर्ज हैं। मधु अग्रवाल के खिलाफ हरियाणा में एक, दिल्ली में तीन और गाजियाबाद में तीन मुकदमे वाहन चोरी के दर्ज हैं। मधु व इसके साथी पूर्व में जेल जा चुके हैं।
ओएलएक्स पर भी बेच रहे थे चोरी की कार
एडीसीपी क्राइम ने बताया कि गिरोह के सरगना राहुल ने पूछताछ में बताया मधु व इरफान उन्हें बाजार में कारों की डिमांड बताते थे। इसी आधार पर ये कारों को चोरी करते थे और उनके नंबर प्लेट व चेसिस नंबर बदलकर लोगों को बेचते थे। इसके अलावा उन्होंने ओएलएक्स पर एक आईडी बना रखी है। जिस पर कारों की फोटो डालकर लोगों को संपर्क करके बेचते थे।
50 लाख की कार को 20 लाख में बेचते थे
महंगी लग्जरी कारों को गिरोह के शातिर सात लाख से 22 लाख तक की कीमत तक बेचते थे। कई बार लोगों को फाइनेंस की कार बताकर बेचते थे। इतना ही नहीं शातिर खुद ही चेसिस नंबरों के आधार पर कार के कागज बना लेते थे।
गिरोह ने बांट रखा था काम
पूछताछ में सरगना ने बताया कि मधु और इरफान बाजार में कारों की डिमांड बताते हैं। इसके बाद उस कार को तौसीफ, आदिल, इस्माइल इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस की मदद से चाभी बनाकर चुराते हैं। पहचान छिपाने के लिए कुछ दूर कार ले जाकर नंबर प्लेट बदल लेते हैं। बाद में मौका देखकर पुरानी कारों के चेसिस नंबर व इंजन नंबर बदलकर दस्तावेज तैयार कर लेते थे।
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एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर हापुड़ के गांव खड़खड़ी निवासी राहुल त्यागी, बुलंदशहर सिकंदराबाद के मोहल्ला बकर कसावन निवासी तौसीफ कुरैशी, मेरठ सरधना के खारी कुआं निवासी इरफान मलिक, गाजियाबाद राजनगर एक्सटेंशन के मीडोज विस्टा सोसायटी निवासी मधु अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। मधु मूलरूप से लखनऊ के इंदिरानगर की रहने वाली है।
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गिरोह का सरगना राहुल त्यागी है। इनके दो साथी इस्माइल और आदिल फरार हैं। सभी आठवीं, 10वीं व 12वीं पास हैं। इनके पास से चार फॉच्र्यूनर, एक क्रेटा, एक स्कॉर्पियो, एक निशान और एक स्विफ्ट कार समेत, तीन फर्जी आरसी, दो बिना छपी आरसी, दो मुहर, 10 नंबर प्लेट, 29 लग्जरी कारों की चाभी बरामद की गई है।
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सरगना के खिलाफ दर्ज हैं 14 मुकदमे
एडीसीपी क्राइम ने बताया कि राहुल त्यागी के खिलाफ गाजियाबाद में पांच वाहन चोरी, एक लूट और आठ वाहन चोरी के केस दिल्ली में दर्ज हैं। इसके अलावा तौसीफ कुरैशी के खिलाफ दिल्ली में आठ वाहन चोरी और एक केस गाजियाबाद में, इरफान के खिलाफ दिल्ली में दो वाहन चोरी, मेरठ में तीन व गाजियाबाद में दो केस दर्ज हैं। मधु अग्रवाल के खिलाफ हरियाणा में एक, दिल्ली में तीन और गाजियाबाद में तीन मुकदमे वाहन चोरी के दर्ज हैं। मधु व इसके साथी पूर्व में जेल जा चुके हैं।
ओएलएक्स पर भी बेच रहे थे चोरी की कार
एडीसीपी क्राइम ने बताया कि गिरोह के सरगना राहुल ने पूछताछ में बताया मधु व इरफान उन्हें बाजार में कारों की डिमांड बताते थे। इसी आधार पर ये कारों को चोरी करते थे और उनके नंबर प्लेट व चेसिस नंबर बदलकर लोगों को बेचते थे। इसके अलावा उन्होंने ओएलएक्स पर एक आईडी बना रखी है। जिस पर कारों की फोटो डालकर लोगों को संपर्क करके बेचते थे।
50 लाख की कार को 20 लाख में बेचते थे
महंगी लग्जरी कारों को गिरोह के शातिर सात लाख से 22 लाख तक की कीमत तक बेचते थे। कई बार लोगों को फाइनेंस की कार बताकर बेचते थे। इतना ही नहीं शातिर खुद ही चेसिस नंबरों के आधार पर कार के कागज बना लेते थे।
गिरोह ने बांट रखा था काम
पूछताछ में सरगना ने बताया कि मधु और इरफान बाजार में कारों की डिमांड बताते हैं। इसके बाद उस कार को तौसीफ, आदिल, इस्माइल इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस की मदद से चाभी बनाकर चुराते हैं। पहचान छिपाने के लिए कुछ दूर कार ले जाकर नंबर प्लेट बदल लेते हैं। बाद में मौका देखकर पुरानी कारों के चेसिस नंबर व इंजन नंबर बदलकर दस्तावेज तैयार कर लेते थे।