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इंटरलाकिंग सिग्नल सिस्टम शुरू, टूंडला रूट पर बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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टूंडला रूट पर अब ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी। रेलवे ने रविवार को चिपियाना-मारीपत के बीच इंटरलाकिंग सिग्नल सिस्टम शुरू कर दिया। अब ट्रेन के एक सिग्नल पार करते ही पीछे चल रही दूसरी रेलगाड़ी को चलने का सिग्नल मिल जाएगा। इस सिस्टम को लागू करने के लिए रेलवे ने रविवार को चार घंटे ट्रैफिक ब्लॉक लिया।
इससे एक राजधानी समेत चार ट्रेनें थम गईं। गाजियाबाद स्टेशन पर इन्हें 30 मिनट से 75 मिनट तक रोका गया। यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे ने मारीपत से आगे इंटरलाकिंग सिस्टम पहले ही लागू कर दिया था। रविवार सुबह 11:15 बजे से दोपहर 3:15 बजे तक ट्रैफिक ब्लॉक लेकर इस सिस्टम को लागू कर दिया गया।
करीब 15 दिन बाद अंतिम चरण में चिपियाना से गाजियाबाद के बीच यह आधुनिक तकनीक लागू कर दी जाएगी। डिवीजनल ट्रैफिक मैनेजर डीके चोपड़ा के मुताबिक अब ट्रेन का रूट तैयार करने के लिए बार-बार मैनुअल लीवर खींचकर सिग्नल प्वाइंट नहीं बदलना होगा, कंप्यूटर पर माउस के जरिए यह रूट तैयार हो जाएगा।
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चिपियाना रेलवे क्रासिंग पर मैनुअल बैरियर हटाकर बूम बैरियर लगा दिए गए हैं। ये बैरियर भी कंप्यूटर से ही कंट्रोल होंगे। जल्द ही मेरठ रूट पर भी क्रासिंग्स पर बूम बैरियर लगाने की योजना है।
ट्रेनें रुकी, यात्री परेशान
इंटरलाकिंग सिस्टम के लिए रहे चार घंटे के ट्रैफिक ब्लाक के दौरान डिब्रूगढ़ राजधानी 45 मिनट, गोमती एक्सप्रेस 75 मिनट, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 45 मिनट और लिच्छवी एक्सप्रेस 30 मिनट गाजियाबाद स्टेशन और आउटर पर रोकी गई। हालांकि गाजियाबाद से मेरठ और मुरादाबाद की ओर जाने वाली ट्रेनों पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
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इससे एक राजधानी समेत चार ट्रेनें थम गईं। गाजियाबाद स्टेशन पर इन्हें 30 मिनट से 75 मिनट तक रोका गया। यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे ने मारीपत से आगे इंटरलाकिंग सिस्टम पहले ही लागू कर दिया था। रविवार सुबह 11:15 बजे से दोपहर 3:15 बजे तक ट्रैफिक ब्लॉक लेकर इस सिस्टम को लागू कर दिया गया।
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करीब 15 दिन बाद अंतिम चरण में चिपियाना से गाजियाबाद के बीच यह आधुनिक तकनीक लागू कर दी जाएगी। डिवीजनल ट्रैफिक मैनेजर डीके चोपड़ा के मुताबिक अब ट्रेन का रूट तैयार करने के लिए बार-बार मैनुअल लीवर खींचकर सिग्नल प्वाइंट नहीं बदलना होगा, कंप्यूटर पर माउस के जरिए यह रूट तैयार हो जाएगा।
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चिपियाना रेलवे क्रासिंग पर मैनुअल बैरियर हटाकर बूम बैरियर लगा दिए गए हैं। ये बैरियर भी कंप्यूटर से ही कंट्रोल होंगे। जल्द ही मेरठ रूट पर भी क्रासिंग्स पर बूम बैरियर लगाने की योजना है।
ट्रेनें रुकी, यात्री परेशान
इंटरलाकिंग सिस्टम के लिए रहे चार घंटे के ट्रैफिक ब्लाक के दौरान डिब्रूगढ़ राजधानी 45 मिनट, गोमती एक्सप्रेस 75 मिनट, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 45 मिनट और लिच्छवी एक्सप्रेस 30 मिनट गाजियाबाद स्टेशन और आउटर पर रोकी गई। हालांकि गाजियाबाद से मेरठ और मुरादाबाद की ओर जाने वाली ट्रेनों पर कोई फर्क नहीं पड़ा।