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देसी तकनीक से ही यमुना के नीचे बनेगी सुरंग
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:48 PM IST
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Delhi-Varanasi bullet train may take 2 hrs 40 mins to cover 782 km distance
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निजामुद्दीन टू मेरठ हाईस्पीड ट्रेन के लिए यमुना नदी के नीचे सुरंग बना कर रेल लाइन बिछाई जाएगी। यह सुरंग खोदने में देशी तकनीक का ही सहारा लिया जाएगा। चूंकि देश में पहली बार ऐसी सुरंग बनेगी इसलिए पहले चर्चा थी कि इसके लिए विदेशी तकनीक आयात की जाएगी।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड सूत्रों ने बताया कि यह तय हो गया है कि देशी तकनीक से ही सुरंग खोदी जाएगी। यमुना नदी 4-5 मीटर गहरी है। यह सुरंग जल सतह से 20 मीटर नीचे खोदी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि नदी से बीस मीटर नीचे की मिट्टी काफी ठोस होती है।
इस ठोस मिट्टी में सुरंग बनाने में कोई रिस्क नहीं होता।देश में वह टनल बोरिंग मशीन उपलब्ध है, जो सुरंग तैयार करेगी। सूत्रों ने बताया कि यहां यमुना की चौड़ाई करीब 40-45 मीटर है।
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अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि इस चौड़ाई में सुरंग बनाने में कितना समय लगेगा लेकिन मेट्रो के लिए टनल बनाने में जितना समय लगता है, उतना ही समय नदी के नीचे भी टनल बनाने में लगेगा।
निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटा होगा हाईस्पीड का स्टेशन: जिस तरह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ठीक सटा मेट्रो स्टेशन है, इसी तरह हाईस्पीड ट्रेन का स्टेशन निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटा होगा। हाईस्पीड का स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। निजामुद्दीन से हाईस्पीड खुलेगी तो आनंद विहार पर रुकेगी। बीच में कोई स्टेशन नहीं होगा।
अगस्त में होगी एनसीआरटीसी की मीटिंग: सूत्रों ने बताया कि हाईस्पीड ट्रेन के लिए बनाई गई नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) की मीटिंग अगस्त में होगी। मीटिंग में हाईस्पीड की डीपीआर पर चर्चा होगी। कास्ट रिवाइज का मुद्दा मुख्य होगा। सूत्रों ने बताया कि 2011 में इसका बजट 21,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 26,000 करोड़ हो जाएगा।
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एनसीआर प्लानिंग बोर्ड सूत्रों ने बताया कि यह तय हो गया है कि देशी तकनीक से ही सुरंग खोदी जाएगी। यमुना नदी 4-5 मीटर गहरी है। यह सुरंग जल सतह से 20 मीटर नीचे खोदी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि नदी से बीस मीटर नीचे की मिट्टी काफी ठोस होती है।
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इस ठोस मिट्टी में सुरंग बनाने में कोई रिस्क नहीं होता।देश में वह टनल बोरिंग मशीन उपलब्ध है, जो सुरंग तैयार करेगी। सूत्रों ने बताया कि यहां यमुना की चौड़ाई करीब 40-45 मीटर है।
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अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि इस चौड़ाई में सुरंग बनाने में कितना समय लगेगा लेकिन मेट्रो के लिए टनल बनाने में जितना समय लगता है, उतना ही समय नदी के नीचे भी टनल बनाने में लगेगा।
निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटा होगा हाईस्पीड का स्टेशन: जिस तरह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ठीक सटा मेट्रो स्टेशन है, इसी तरह हाईस्पीड ट्रेन का स्टेशन निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटा होगा। हाईस्पीड का स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। निजामुद्दीन से हाईस्पीड खुलेगी तो आनंद विहार पर रुकेगी। बीच में कोई स्टेशन नहीं होगा।
अगस्त में होगी एनसीआरटीसी की मीटिंग: सूत्रों ने बताया कि हाईस्पीड ट्रेन के लिए बनाई गई नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) की मीटिंग अगस्त में होगी। मीटिंग में हाईस्पीड की डीपीआर पर चर्चा होगी। कास्ट रिवाइज का मुद्दा मुख्य होगा। सूत्रों ने बताया कि 2011 में इसका बजट 21,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 26,000 करोड़ हो जाएगा।