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फैक्ट्रियों ने हिंडन के जीवन में घोला ‘जहर’

Sun, 29 May 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sun, 29 May 2016 01:53 AM IST
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Hindon factories mixes in life 'poison'
पर्यावरण - फोटो : अमर उजाला
किसी भी नदी-झील को अगर पक्षी और जलीय जीव छोड़ दें तो समझ लीजिए उसका पानी ‘जहरीला’ हो चुका है। उसके पानी में अब जीवन नहीं बचा। हिंडन नदी भी अब ऐसी ही हो चुकी है। वेस्ट यूपी की गन्ना, पेपर मिलों, अवैध कट्टीघरों और अन्य औद्योगिक इकाइयों ने हिंडन में ‘जहर’ घोल दिया।
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टीसीओ (टोटल कोलीफार्म आर्गेनिज्म) की मात्रा हिंडन में सबसे ज्यादा है। कभी जीवनदायिनी कही जाने वाली इस नदी के पानी में ऑक्सीजन का लेवल शून्य तक पहुंच गया है। यही वजह है कि अब इसके पानी में जलीय जीवों का अस्तित्व भी नहीं बचा।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो हिंडन सबसे मैली है। हिंडन अब नदियों के जल के मानक की अंतिम श्रेणी में आती है। सरकारी विभाग भी वाटर टेस्टिंग कर ही इतिश्री कर लेते हैं, हिंडन मैली व जहरीली न हो इसके लिए ठोस कार्य योजना नहीं बनाई गई।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल की फटकार के बावजूद कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। ट्रिब्युनल को दिए गए एफिडेविट में शुगर मिल, पेपर मिल, कट्टीघर और केमिकल फैक्ट्रियों का पानी हिंडन में मिलने की बात मानी गई है।

हिंडन जल बिरादरी के संयोजक विक्रांत शर्मा का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हिंडन नदी को बचाने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक पारस नाथ ने बताया कि बिना ट्रीट किए पानी डालने वाली फैक्ट्रियों को नोटिस भेजकर कार्रवाई की जाती है।

मछलियां जीवित नहीं रह सकती हैं हिंडन में
हिंडन में डिजॉल्व ऑक्सीजन नहीं है। इसके चलते नदी के पानी से मछलियां मर चुकी हैं। नगर निगम ने वर्ष 2007-08 में हिंडन में एक लाख मछलियां छोड़ी थीं। ऑक्सीजन न होने की वजह से सभी मर गईं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार हिंडन का पानी प्रदूषण की अंतिम श्रेणी ई में आता है। इस पानी का प्रयोग सिर्फ खेती के लिए किया जा सकता है।


खतरे की घंटी है टोटल कोलीफॉर्म ऑर्गेनिज्म
टोटल कोलीफॉर्म आर्गेनिज्म खतरे की घंटी है। यह बैक्टीरिया पानी में संक्रमण का कारक होता है। इस पानी को पीने पर डिसेंट्री, हेपेटाइटिस, टॉयफायड फीवर, डिहाइड्रेशन जैसी बीमारियां हो सकती हैं। टोटल कोलीफॉर्म की मात्रा पीने के पानी की योग्यता को बताती है।

हिंडन में प्रदूषण का ताजा आंकड़ा
प्रदूषण श्रेणी- ई
टीसीओ, एमपीएन/100एम या 5000एम से कम         
पीएच 6.0-8.5 के बीच
इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी 25 डिग्री सेल्सियस पर माइक्रो एमएचओएस/सीएम अधिकतम 2250
सोडिएम अब्जार्वशन अनुपात अधिकतम 26
बोरोन 2 मिलीग्राम/लीटर
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