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दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, चिपकाए रुपये, चेक
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दिन में दान, शाम को पूजा...रात में ‘सर्वनाश’
गाजियाबाद। करोड़ों का नुकसान तले दबा गुलशन कई वर्षों से घाटे से उबरने की जद्दोजहद में जुटा था। लेकिन कुछ दिन पहले कोलकाता की कंपनी में करीब 60 लाख रुपये डूबने का पता लगने पर बुरी तरह टूट गया और आखिरकार परिवार के खात्मे का फैसला ले लिया। सोमवार की रात कयामत की रात थी, लेकिन गुलशन की दिन की शुरूआत चौंकाने वाली थी। दिन में उसने गार्ड, मेड व सोसायटी के अन्य कर्मचारियों को जैकेट व कंबल बांटे। शाम को घर में बने मंदिर में परिवार के साथ पूजा-अर्चना की और रात में सब कुछ खत्म कर डाला।
क्राइम सीन पर गौर करें तो गुलशन नहीं चाहता था कि परिवार का कोई भी सदस्य जिंदा बचे। इसके लिए उसने मौत को गले लगाने के कई तरीके सोच लिए थे। रसोई में मिली सल्फास और तीन गिलास, बाथरूम में मिली सिरींज और बेडरूम में मिले चाकूव रस्सी इस बात की गवाही दे रहे हैं। पुलिस की मानें तो इस हृदयविदारक घटना में सभी चीजों को इस्तेमाल किया गया। रस्सी से बेटी का गला घोंटा, चाकूसे बेटे का गला काटा। तीन गिलासों में कुछ लिक्विड भी मिला। बताया जा रहा है कि हत्या से पहले बच्चों को नशीले इंजेक्शन लगाकर बेसुध किया गया। साथ ही सल्फास का सेवन भी किया गया। पुलिस का कहना है कि किसको क्या चीज दी गई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता लग सकेगा। कमरे से मिली सभी चीजों को फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है।
फंदा एक और लोग तीन... लिहाजा कूदने का फैसला किया
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुताबिक कमरे में पंखे से लटका एक फंदा भी बरामद हुआ। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि बच्चों की हत्या के बाद बाकी तीनों ने फंदा लगाकर लगाकर आत्महत्या करने का फैसला लिया था। लेकिन फंदा लगाने के लिए एक ही जगह होने और आत्महत्या करने वालों की संख्या तीन होने के कारण मौत का तरीका बदल लिया। बालकनी में तीन कुर्सी डाली गईं। जिन पर चढ़कर कारोबारी, उसकी पत्नी व महिला मैनेजर ने छलांग लगा दी।
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एक गेट खुला, दूसरे की कुंडी बंद मिली
दंपती व महिला मैनेजर को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस आठवीं मंजिल पर फ्लैट पर पहुंची। एसएचओ इंदिरापुरम महेंद्र सिंह ने बताया कि एंट्री गेट पर लोहे की जाली का दरवाजा खुला हुआ था। जबकि लकड़ी का दरवाजा बंद था। पुलिस ने कुंडी तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया।
कमरे में लगा था प्रोजेक्टर और होम थिएटर
जिस कमरे में बच्चों की बेड पर शव पड़ा मिला था। उसकी कमरे में परिजनों ने दीवार पर एक बड़ा प्रोजेक्टर लगाया था। साथ ही बड़ा होम थिएटर भी लगा हुआ था। पुलिस को ऐसा प्रतीत हो रहा है कि परिवार डिजिटल सेवाओं का काफी प्रयोग करता रहा होगा।
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गाजियाबाद। करोड़ों का नुकसान तले दबा गुलशन कई वर्षों से घाटे से उबरने की जद्दोजहद में जुटा था। लेकिन कुछ दिन पहले कोलकाता की कंपनी में करीब 60 लाख रुपये डूबने का पता लगने पर बुरी तरह टूट गया और आखिरकार परिवार के खात्मे का फैसला ले लिया। सोमवार की रात कयामत की रात थी, लेकिन गुलशन की दिन की शुरूआत चौंकाने वाली थी। दिन में उसने गार्ड, मेड व सोसायटी के अन्य कर्मचारियों को जैकेट व कंबल बांटे। शाम को घर में बने मंदिर में परिवार के साथ पूजा-अर्चना की और रात में सब कुछ खत्म कर डाला।
क्राइम सीन पर गौर करें तो गुलशन नहीं चाहता था कि परिवार का कोई भी सदस्य जिंदा बचे। इसके लिए उसने मौत को गले लगाने के कई तरीके सोच लिए थे। रसोई में मिली सल्फास और तीन गिलास, बाथरूम में मिली सिरींज और बेडरूम में मिले चाकूव रस्सी इस बात की गवाही दे रहे हैं। पुलिस की मानें तो इस हृदयविदारक घटना में सभी चीजों को इस्तेमाल किया गया। रस्सी से बेटी का गला घोंटा, चाकूसे बेटे का गला काटा। तीन गिलासों में कुछ लिक्विड भी मिला। बताया जा रहा है कि हत्या से पहले बच्चों को नशीले इंजेक्शन लगाकर बेसुध किया गया। साथ ही सल्फास का सेवन भी किया गया। पुलिस का कहना है कि किसको क्या चीज दी गई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता लग सकेगा। कमरे से मिली सभी चीजों को फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है।
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फंदा एक और लोग तीन... लिहाजा कूदने का फैसला किया
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुताबिक कमरे में पंखे से लटका एक फंदा भी बरामद हुआ। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि बच्चों की हत्या के बाद बाकी तीनों ने फंदा लगाकर लगाकर आत्महत्या करने का फैसला लिया था। लेकिन फंदा लगाने के लिए एक ही जगह होने और आत्महत्या करने वालों की संख्या तीन होने के कारण मौत का तरीका बदल लिया। बालकनी में तीन कुर्सी डाली गईं। जिन पर चढ़कर कारोबारी, उसकी पत्नी व महिला मैनेजर ने छलांग लगा दी।
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एक गेट खुला, दूसरे की कुंडी बंद मिली
दंपती व महिला मैनेजर को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस आठवीं मंजिल पर फ्लैट पर पहुंची। एसएचओ इंदिरापुरम महेंद्र सिंह ने बताया कि एंट्री गेट पर लोहे की जाली का दरवाजा खुला हुआ था। जबकि लकड़ी का दरवाजा बंद था। पुलिस ने कुंडी तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया।
कमरे में लगा था प्रोजेक्टर और होम थिएटर
जिस कमरे में बच्चों की बेड पर शव पड़ा मिला था। उसकी कमरे में परिजनों ने दीवार पर एक बड़ा प्रोजेक्टर लगाया था। साथ ही बड़ा होम थिएटर भी लगा हुआ था। पुलिस को ऐसा प्रतीत हो रहा है कि परिवार डिजिटल सेवाओं का काफी प्रयोग करता रहा होगा।