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मांझे की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की गर्दन लहूलुहान

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 27 Mar 2021 07:29 PM IST
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मांझे की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की गर्दन लहूलुहान
बुगरासी में मांझे की चपेट में आकर घायल हुए युवक - फोटो : Amar Ujala
बुगरासी। चाइनीज प्रतिबंधित पतंग उड़ाने के मांझे की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक की गर्दन लहूलुहान हो गई जबकि दो अंगुली भी बुरी तरह से कट गई। युवक की जान बाल-बाल बची है। एक निजी अस्पताल पर युवक का इलाज चल रहा है।
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शनिवार को कस्बा निवासी युवक देवेंद्र पतंग के मांझे की चपेट में आ गया जिससे उसकी गर्दन बुरी तरह लहूलुहान हो गई। मोहल्ला तकियावाला निवासी देवेंद्र लोधी बाइक से घर जा रहा था। मोहल्ला तकियावाला में ही कटी हुई पतंग का चाइनीज प्रतिबंधित मांझा लटका हुआ था। बाइक पर सवार देवेंद्र की गर्दन मांझे की चपेट में आ गई। मांझे की कांच मिक्स धार की चपेट में आने से देवेंद्र की गर्दन बुरी तरह से लहूलुहान हो गई। देवेंद्र ने तत्काल हाथ से मांझे को गर्दन से जैसे ही दूर किया तभी दो अंगुली भी मांझे की चपेट में आने से बुरी तरस से कट गई। देवेंद्र को आनन-फानन में नजदीकी एक एक निजी अस्पताल पर लाया गया जहां उसका उपचार किया गया। बुरी तरह लहूलुहान हुए देवेंद्र की जान बाल-बाल बची है। चिकित्सक के अनुसार स्थिति गंभीर परंतु खतरे से बाहर है।
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मांझे पर प्रतिबंध फिर भी बिक्री खुलेआम चाइनीज मांझा प्लास्टिक का बना होने के साथ ही वह कांच मिक्स होता है। जैसे ही पतंग कटती है तो मांझा वापस खींचते वक्त इसकी चपेट में आने अक्सर दुर्घटना हो जाती है। पूर्व में बड़े शहरों में हुईं कई घटनाओं को देखते हुए न्यायालय ने भी इसकी बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंधित लगाया हुआ है। बावजूद इसके इसकी बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। कस्बा क्षेत्र में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर आज तक भी सम्बंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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आसानी से नहीं टूटता मांझा बुगरासी। कई वर्ष पूर्व देशी मांझा ही पतंग उड़ाने में प्रयोग में लाया जाता था। पतंग कटने के बाद इसकी चपेट में आने से शरीर में हल्का घाव हो जाता था। किसी बच्चे द्वारा मांझे को लूटने पर भी मांझा बीच मे से ही टूट जाता था जिससे दुर्घटना का भी कोई खतरा नहीं था। कांच मिक्स चाइनीज मांझा आसानी से टूटता भी नहीं है। साथ ही वापस खींचते वक्त जिस किसी के भी शरीर से टच होता है वहीं से शरीर को काट डालता है।
गर्मी में रहता है छत पर जाने में खतरा बुगरासी। अधिकांश लोग गर्मी में ही पतंग उड़ाते हैं। गर्मी के दिनों में शाम के समय काफी लोग छत पर भी घूमते रहते हैं। पतंगबाजी के चलते छत पर घूमना भी खतरे से खाली नहीं है। सबसे ज्यादा बच्चों को लेकर खतरा बना रहता है। कोट प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों को चिंहित किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - अलका सिंह, सीओ स्याना
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