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इंस्पेक्टर को रिश्तेदार बता पुलिस में नौकरी के नाम पर ठगी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 06:14 PM IST
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- तीन आरोपियों ने पोते की पुलिस में नौकरी लगवाने की बात कह बुजुर्ग को झांसे में लिया
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- पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो पीडि़त ने ली कोर्ट की शरण, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। विजयनगर पुलिस ने पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लाख रुपये ठगने के मामले में कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इस संबंध में शिवपुरी कॉलोनी में रहने वाले यादराम (87) ने कोर्ट में अर्जी डाली थी। पीडि़त का आरोप है कि आरोपियों ने गाजियाबाद में तैनात इंस्पेक्टर को रिश्तेदार बताते हुए पोते की नौकरी लगवाने का झांसा दिया।............... बुजुर्ग यादराम का कहना है कि उनके छोटे बेटे व पुत्रवधु की वर्ष 2010 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनकी देखभाल के लिए उनके पास पोता ईतेश रह गया। वर्ष 2016 में गांव कनोरा बुलंदशहर निवासी पवन उनके पास किराए पर रहने लगा। उसके माध्यम से उनकी जान-पहचान थाना बन्ना देवी, अलीगढ़ के नई बस्ती निवासी रुपेश कुमार से हुई। एक दिन रुपेश व पवन ने कहा कि उनके एक रिश्तेदार इंस्पेक्टर गाजियाबाद में तैनात हैं। उनके जरिये वह उनके पोते की पुलिस में नौकरी लगवा देंगे। इसके लिए उन्होंने उनसे 3 लाख 51 हजार रुपये का इंतजाम करने को कहा। पीडि़त का कहना है कि पोते के भविष्य को देखते हुए उन्होंने आरोपियों को पैसे दे दिए। आरोपियों ने उन्हें स्टांप पर लिखकर दिया था कि वह रकम रुपये उधार ले रहे हैं और एक महीने में वापस कर देंगे।
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पहले टरकाया फिर देने लगे हत्या की धमकी.........….. कई महीने बाद भी नौकरी न लगने पर उन्होंने रकम मांगी तो आरोपी टरकाने लगे। पुलिस में शिकायत करने पर आरोपियों ने सी-ब्ल़क सिद्धार्थ विहार बागू निवासी बिजेंद्र के जरिये 50 हजार रुपये वापस कर दिए और बाकी रकम 30 अक्तूबर 2019 तक वापस करने का आश्वासन दिया। तगादा करने पर आरोपियों ने एक चेक दिया जो बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी धमकी देने लगे कि पैसे मांगने पर उनकी व उनके पोते की हत्या कर दी जाएगी। पीडि़त यादराम का कहना है कि उन्होंने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। एसएचओ महावीर सिंह का कहना है कि पवन, रुपेश व बिजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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