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बसपा से पार्षद का टिकट दिलाने के नाम पर 5.50 लाख लेने का आरोप

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 05:45 PM IST
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बसपा से पार्षद का टिकट दिलाने के नाम पर 5.50 लाख लेने का आरोप
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- पीड़ित को पति बनाकर कराया 17 लाख का बैंक लोन आशुतोष यादव गाजियाबाद। बसपा से पार्षद का टिकट दिलाने के नाम पर एक महिला नेत्री पर 5.50 लाख लेने व पीड़ित को पति बनाकर 17 लाख रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने अदालत में अर्जी लगाकर गुहार लगाई है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपी महिला फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देती है। अदालत ने मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता परविंदर नागर ने बताया कि टीला मोड़ थाना क्षेत्र के भौपुरा निवासी पप्पू कसाना 2017 में भोपुरा से पार्षद का चुनाव लड़ना चाहते थे। उनके एक मित्र कृपाल ने बताया कि तत्कालीन शालीमार गार्डन निवासी शीला नामक की महिला के फूफा बहुजन समाज पार्टी में उच्च पद पर हैं। वह टिकट दिलवा देगी। इसके बावत वह कृपाल के साथ शीला से मिले तो टिकट दिलाने के नाम पर पचास हजार रुपये लिए। पप्पू ने आरोप लगाया कि महिला शराब पीने की आदी थी। टिकट दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये दोबारा भी लिया। टिकट न मिलने पर पप्पू ने शीला से दिए गए रुपये वापस मांगे। आरोप है कि महिला ने फर्जी मुकदमें में जेल भिजवाने की धमकी दी। आरोप है कि बाद में शीला अपने बेटे गोलू उर्फ मयंक के साथ मिलकर धमकी देकर चार लाख रुपये का चेक लिया और अपने खाते में भुगतान करा लिया। आरोप है कि फर्जी मुकदमे का भय दिखाकर पैसे वसूलते रहे। वर्ष 2019 में भजनपुरा दिल्ली के गली नंबर आठ में एक मकान खरीदा। आरोप है कि मकान लेने के लिए शीला ने आधार कार्ड में शीला कसाना और पति राजकुमार के स्थान पर पप्पू कसाना लिखाकर 17 लाख रुपये का लोन ले लिया। इसकी एक साल से हर महीने से किश्त कटने लगी तो अंबेडकर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक से मामले की जानकारी ली। बैंक अधिकारी ने बताया कि क्लिक्स हाउसिंग फाइनेंस से  होम लोन कराया गया है। उसमें हाउसिंग किस्त कट रही है। इस मामले में फाइनेंस कंपनी में संपर्क किया तो पता चला कि फर्जी तरीके से हस्ताक्षर करके लोन पास कराया गया है। पप्पू का आरोप है कि इस मामले में कटी हुई किस्त के पैसे वापस मांगे तो मां-बेटे द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई। पप्पू ने अदालत को बताया कि आठ सितंबर को तीन लोगों के साथ घर पर आकर एक लाख रुपये और देने की मांग की जाने लगी। पैसे न देने पर फर्जी मुकदमें फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रत्नेश दीप कमल आनंद ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अगर इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं है तो रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जाए।
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---------- आशुतोष यादव
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