{"_id":"5f75de1c8ebc3e9b902829d9","slug":"ghaziabad1601560092","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिटिया को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री का फूंका पुतला","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
बिटिया को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री का फूंका पुतला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिटिया को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री का फूंका पुतला
विज्ञापन
- यूपी के बजाए दिल्ली के फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। हाथरस में बिटिया के साथ हुए अमानवीय कृत्य के खिलाफ दिन-प्रतिदिन लोगों में आक्रोश फैलता जा रहा है। अधिवक्ताओं ने बार सभागार से एक जुलूस निकाल कर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने मुख्मंत्री का पुतला फूंक कर नारेबाजी भी की। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर हाथरस के डीएम एवं एसपी के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की। अधिवक्ताओं ने पीड़ित के परिवार को दो करोड़ रुपये का मुआवजा एवं घर के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी व बार के पूर्व अध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है। हाथरस में दलित की बेटी के जिस तरह की अमानवीयता की गई, इससे वीभत्स घटना नहीं हो सकती है। दुष्कर्म के बाद पीड़ित परिवार रिपोर्ट लिखवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाता रहा। जब पीड़िता की मौत हो गई तो परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ रातों-रात अंतिम संस्कार कर दिया गया। मनोज नागवंशी ने कहा कि न तो पीड़िता को सही इलाज मिल सका और न ही उसके मरने के बाद घर वालों को मिलने दिया गया। उन्होंने कहा कि उप्र फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बजाए दिल्ली फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई की जाए। इस मौके पर काफी संख्या में अधिवक्ता शामिल थे।
----------
आशुतोष यादव
विज्ञापन