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दिनचर्या में स्वच्छता से चर्म रोगों से बचाव सम्भव
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माई सिटी रिपोर्टर
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गाज़ियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में चर्म रोग कारण व निवारण विषय पर ऑनलाइन आर्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ प्रियेश ठाकरान ने कहा कि चर्म रोग के लक्षणों और गंभीरता में काफी भिन्नताएं हैं। यह दर्द रहित या दर्दयुक्त दोनों ही तरह के हो सकते हैं। यदि त्वचा संबंधी समस्या हो तो बिना देर किए अपने चिकित्सक से शीघ्र संपर्क करना चाहिए। साथ हीं दैनिक दिनचर्या में स्वच्छता अपना कर चर्म रोगों से बचाव सम्भव है। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि शरीर की पूर्ण सफाई न करने से त्वचा को बहुत हानि पहुँचती है। त्वचा हमारे शरीर के लिये दर्पण के समान है।
मुख्य अतिथि शिक्षाविद सीमा भाटिया ने कहा कि त्वचा पर अन्य अंगों के रोग का भी प्रभाव पड़ता है,जैसे मधुमेह और पीलिया रोगों में शरीर पर खुजली हो जाती है। इसलिए दवाइयों का प्रयोग बिना चिकित्सक की सलाह के नही करना चाहिए। प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि खानपान में आवश्यक पौष्टिक पदार्थों की कमी के कारण भी त्वचा पर विभिन्न रोगों का प्रभाव पड़ता हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से आचार्य महेन्द्र भाई,आनन्द प्रकाश आर्य,वीरेन्द्र आहूजा, प्रकाशवीर शास्त्री,अभिमन्यु चावला सोहन लाल मुखी,डॉ रचना चावला,डॉ करुणा चांदना, वीना वोहरा,गीता गर्ग,दर्शना मेहता आदि उपस्थित थे।
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