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कोरोना संक्रमण बढ़ने से सुस्त हुई न्याय की रफ्तार
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कोरोना संक्रमण बढ़ने से सुस्त हुई न्याय की रफ्तार
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- 15 दिन कोरोना संक्रमित मिलने से बंद हो चुकी है अदालत
- अधिवक्ता अब चुनाव में हुए संक्रिय
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण ने हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। अनलॉक होने के बाद 22 जून से अदालत में कामकाज शुरू हुआ। अदालतों में काम करने वाले कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं के संक्रमण की चपेट में आने के बाद अब तक 15 दिन अदालत बंद हो चुकी है। इन दिनों में होने वाली सुनवाई और फैसले दूसरे महीने के लिए टाल दिए गए। इससे हजारों वादी-प्रतिवादी को तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा। अब बार एसोसिएशन के चुनाव की सरगर्मी तेज होने से अधिकांश अधिवक्ता अदालत में काम के बजाए चुनाव में रुचि लेने लगे हैं। अभी चुनाव की तिथि घोषित नहीं की गई है, लेकिन चुनाव में किस्मत आजमाने में लगे अधिवक्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
अनलॉक होने के बाद अदालत में पहले आनलाइन सुनवाई शुरू हुई। कुछ दिन तक अधिवक्ताओं एवं वादकारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा, लेकिन समय बीतने के साथ ही नियमों की भी धज्जियां उड़ाने लगे। 24 जून को दो अधिवक्ताओं के संक्रमण की चपेट में आने के बाद अदालत को 14 दिन के लिए नौ जुलाई को बंद कर दिया, लेकिन दोबारा संशोधित आर्डर जारी किया गया और पांच दिन बाद 24 जून से अदालत में काम शुरू हो गया। इसके बाद 29 जून को पाक्सो कोर्ट के कर्मचारी के संक्रमण की चपेट में आने के बाद फिर अदालत को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया। इसके बाद एक जुलाई को अदालत का कर्मचारी, छह जुलाई को अधिवक्ता, 14 जुलाई को लाइब्रेरियन, 17 को अदालत का कर्मचारी, छह अगस्त को प्रशासनिक कार्यालय में काम करने वाला कर्मचारी, 18 अगस्त को अदालत का रीडर, 19 अगस्त को अधिवक्ता और 25 अगस्त को अदालत में काम करने वाले रीडर संक्रमण की चपेट में आ गए। इसी दौरान बीच में अधिवक्ताओं की हड़ताल भी रही। जबकि 22 मार्च को लॉक डाउन के होने के बाद से 22 जून तक लगातार अदालतें बंद रहीं। यानि पिछले छह महीने में गिने- चुने दिन ही अदालतों में काम-काज हो सका।
महत्वपूर्ण मामलों में भी नहीं हो पाती सुनवाई
गाजियाबाद में भ्रष्टाचार निवारण सीबीआई की पांच अदालतों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 जिलों के अलावा स्वास्थ्य विभाग में हुए एनआरएचएम घोटाले में पूरे प्रदेश के मामलों में की सुनवाई गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में चल रही है। इसके अलावा सिविल व परिवार न्यायालय में भी सैकड़ों महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई चल रही है। इन पर प्रतिवादी के अलावा वादी भी सैकड़ों किमी से आते हैं, उनके न रहने की व्यवस्था हो पाती है और न ही खाने-पीने की। कोरोना संक्रमण के मामले मिलने के बाद अदालत को 24 घंटे के लिए बंद कर सैनिटाइज कराया जाता है, इसके बाद दोबारा अदालतों में कामकाज शुरू होता है।
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आशुतोष यादव