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गाजियाबाद के न्यायालय में वादकारियों के प्रवेश पर रोक
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गाजियाबाद के न्यायालय में वादकारियों के प्रवेश पर रोक
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर जनपद न्यायाधीश जितेंद्र सिन्हा ने वादाकारियों के अदालत में आने पर रोक लगा दी है। सिर्फ अधिवक्ता ही अदालतों में मुकदमों की पैरवी करने के लिए जाएंगे। यह आदेश हाईकोर्ट के अगले आदेश तक जारी रहेगा। विशेष परिस्थितियों में वादकारी व अन्य लोगों को न्यायालय परिसर में आने के लिए जिला न्यायाधीश से अनुमति लेनी होगी।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जिला न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने यह आदेश जारी किया है। न्यायालय प्रबंधक मनोज मिश्रा ने बताया कि एक दिन में जिला न्यायालय में 50 फीसदी न्यायिक अधिकारी ही मौजूद रहेंगे। इसके लिए जिला न्यायाधीश ने रोस्टर लागू कर दिया है। न्यायिक अधिकारियों को एक दूसरे का लिंक अधिकारी बनाया गया है, जिस दिन जो न्यायिक अधिकारी अवकाश पर रहेंगे। उनकी अदालत से संबंधित मामलों की सुनवाई उनके लिंक अधिकारी करेंगे। रोस्टर प्रणाली के तहत सुनवाई की प्रक्रिया अगले आदेश तक जारी रहेगी। वहीं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे विकास सिंह व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बाल न्यायालय मिलिंद कुमार सिंह प्रतिदिन कार्य करेंगे। इस दौरान जेल से आने वाले बंदियों के पेशी पर भी रोक लगा दी है। सिर्फ वीडियो कांफ्रेसिंग से ही सुनवाई होगी। अदालत में गवाही भी बंद है।
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर जनपद न्यायाधीश जितेंद्र सिन्हा ने वादाकारियों के अदालत में आने पर रोक लगा दी है। सिर्फ अधिवक्ता ही अदालतों में मुकदमों की पैरवी करने के लिए जाएंगे। यह आदेश हाईकोर्ट के अगले आदेश तक जारी रहेगा। विशेष परिस्थितियों में वादकारी व अन्य लोगों को न्यायालय परिसर में आने के लिए जिला न्यायाधीश से अनुमति लेनी होगी।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जिला न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने यह आदेश जारी किया है। न्यायालय प्रबंधक मनोज मिश्रा ने बताया कि एक दिन में जिला न्यायालय में 50 फीसदी न्यायिक अधिकारी ही मौजूद रहेंगे। इसके लिए जिला न्यायाधीश ने रोस्टर लागू कर दिया है। न्यायिक अधिकारियों को एक दूसरे का लिंक अधिकारी बनाया गया है, जिस दिन जो न्यायिक अधिकारी अवकाश पर रहेंगे। उनकी अदालत से संबंधित मामलों की सुनवाई उनके लिंक अधिकारी करेंगे। रोस्टर प्रणाली के तहत सुनवाई की प्रक्रिया अगले आदेश तक जारी रहेगी। वहीं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे विकास सिंह व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बाल न्यायालय मिलिंद कुमार सिंह प्रतिदिन कार्य करेंगे। इस दौरान जेल से आने वाले बंदियों के पेशी पर भी रोक लगा दी है। सिर्फ वीडियो कांफ्रेसिंग से ही सुनवाई होगी। अदालत में गवाही भी बंद है।
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