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7 हत्याएं, 9 साल चली सुनवाई... 11 को फैसले की उम्मीद

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 01:27 AM IST
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7 हत्याएं, 9 साल चली सुनवाई... 11 को फैसले की उम्मीद
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गाजियाबाद। एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या के चर्चित मामले में सुनवाई अब पूरी हो गई है। 21 मई 2013 को हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद करीब 9 साल कोर्ट में सुनवाई चली। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों से लेकर परिवार से जुड़े अन्य लोगों समेत 30 लोगों की गवाही हुई। अब 110 महीने बाद 11 जुलाई को इस मामले में सुनवाई होनी है। सात हत्या के इस मामले में पैरवी कर रहे कारोबारी के दामाद को उम्मीद है कि 11 जुलाई को फैसला आ सकता है और उन्हें न्याय मिलेगा।
शहर के बीचोंबीच बसी अनाज मंडी में खल-चूरी का कारोबार करने वाले सतीश गोयल के परिवार के सात सदस्यों को 21 मई 2013 की रात एक-एक करके मौत के घाट उतार दिया गया था। हत्याओं का खुलासा अगले दिन उस वक्त हुआ था जब अगले दिन सुबह सतीश गोयल को इंसुलिन का इंजेक्शन लगाने के लिए एक कंपाउंडर उनके घर पहुंचा। इस हत्याकांड के मुकदमे के वादी सतीश गोयल के दामाद सचिन मित्तल बताते हैं कि घर के दरवाजे खुले होने पर कंपाउंडर अंदर दाखिल हुआ तो हर तरफ लाश और खून देख चीख निकल गई। उन्हें सूचना मिली तो वह भी पहुंचे, लेकिन घर का मंजर देख दिल बैठ गया। पुलिस ने इन सात हत्या के आरोप में सतीश गोयल के पूर्व ड्राइवर बजरिया निवासी राहुल को गिरफ्तार किया था। राहुल अभी जेल में है।
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किडनी का ऑपरेशन कराना था, परिवार ही हो गया खत्म
सचिन मित्तल का कहना है कि उनके ससुर सतीश गोयल की किडनी खराब हो चुकी थी। उन्हें डायलिसिस करानी पड़ती थी। सतीश गोयल की पत्नी मंजू ने पति को एक किडनी देने का फैसला किया था, सारी तैयारी हो चुकी थी, लेकिन जिंदगी की चाह पूरी न हो सकी। गोयल परिवार खुशी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन क्या पता था कि पूरा परिवार एक साथ इस दुनिया को अलविदा करके चला जाएगा।
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चाकू बेचने वाले से लेकर डॉक्टर तक की हुई गवाही
हत्या के इस मामले की गुत्थी को सुलझाने के लिए अदालत के समक्ष चाकू बेचने वाले दुकानदार से लेकर राहुल का इलाज करने वाले डॉक्टर तक की गवाही हो चुकी है। हत्या में इस्तेमाल किया गए चाकू को डासना गेट के एक दुकानदार ने पहचान लिया था। यह चाकू उसने 80 रुपये में बेचा था। सात हत्याओं के आरोप में गिरफ्तार राहुल ने कालका गढ़ी के पास स्थित एक अस्पताल में इलाज कराया था। अदालत ने इलाज करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ की है। वहीं सतीश गोयल की बेटी शैली मित्तल ने अपने भाई सचिन गोयल की अंगूठी की शिनाख्त की थी। यह अंगूठी पुलिस ने वारदात के बाद राहुल से बरामद करने का दावा किया था।
इनकी हुई थी हत्या
सतीश गोयल, खल-चूरी कारोबारी।
मंजू गोयल, कारोबारी की पत्नी।
सचिन गोयल कारोबारी का बेटा।
रेखा गोयल, सचिन की पत्नी।
मेघा गोयल, सचिन की बेटी।
हनी गोयल, सचिन का बेटा।
अमन गोयल, सचिन का बेटा।
अब परिवार में दो बेटियां बचीं
सतीश गोयल के परिवार के सात लोगों की हत्या के बाद अब सिर्फ उनकी शादीशुदा दो बेटियां और एक दामाद बचे हैं। उनकी एक बेटी शैली गाजियाबाद में ही रहती हैं और उनके पति सचिन मित्तल केस की पैरवी कर रहे हैं। दूसरी बेटी सपना सिंघल गुड़गांव रहती हैं, तीन साल पहले उनके पति का बीमारी से निधन हो चुका है।
फॉरेसिंक जांच ने भी खोले कई राज
एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या के इस मामले में हत्यारे तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कई फॉरेंसिक जांच भी कराई हैं। इसकी रिपोर्ट भी अदालत में प्रस्तुत की गई हैं। वादी सचिन मित्तल का कहना है कि फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट भी पुलिस की चार्जशीट में किए गए दावों का समर्थन कर रही हैं। घटना के दिन राहुल के घटनास्थल पर मौजूद होने की पुष्टि भी हुई है। अदालत ने इसका संज्ञान लिया है।

9 साल से मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है। परिवार के 7 लोगों की मौत के इस जघन्य हत्याकांड में न्याय का इंतजार है। अब सुनवाई पूरी हो गई है, 11 जुलाई को इस मामले में सुनवाई होनी है। उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा। - सचिन मित्तल, वादी (सतीश गोयल के दामाद)
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