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महज १० फीसदी मिला भुगतान, वार्डों में अटके विकास के काम
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महज 10 फीसदी मिला भुगतान, शुरू नहीं होंगे 60 करोड़ के अटके काम
गाजियाबाद। शहर के 100 वार्डों में नाली, सड़क निर्माण के लिए जनता का इंतजार इस वित्तीय वर्ष में भी पूरा नहीं हो पाएगा। नगर निगम ने हर वार्ड में 60-60 लाख के काम के वर्क ऑर्डर तो जारी कर दिए, लेकिन ठेकेदारों ने काम करने से इनकार कर दिया। नगर निगम अधिकारियों ने उनके अटकी रकम में से महज 10 फीसदी भुगतान किया, लेकिन उन्हें जीएसटी भरना पड़ गया 12.5 फीसदी, कमीशन दिया अपनी जेब से। ऐसे में ठेकेदारों ने काम करने से इनकार कर दिया है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में नगर निगम सदन ने हर वार्ड में एक-एक करोड़ के निर्माण कार्य कराने का प्रस्ताव पास किया था। पहले चरण में दीपावली से पहले 60-60 लाख के विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई। निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कार्यों के वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए, लेकिन पुराना भुगतान न होने की वजह से ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। अब नगर निगम ने ठेकेदारों को बकाया रकम में से 10 फीसदी भुगतान कर काम शुरू करने को कहा है, लेकिन ठेकेदारों ने इनकार कर दिया। नगर निगम कांट्रेक्टरों का कहना है कि 10 फीसदी रकम मिलते ही उन्हें पूरी रकम पर 12.5 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना पड़ा। मसलन किसी ठेकेदार का एक करोड़ रुपया बकाया था तो उसे सिर्फ 10 लाख रुपये मिले और 12.5 लाख रुपये जीएसटी के रूप में जमा करना पड़ा। इसके साथ-साथ लेबर और मेटेरियल का भी भुगतान करना पड़ा। इससे ठेकेदार नुकसान में ही रहा, उसे इस 10 फीसदी रकम का कोई फायदा नहीं हुआ।
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पहले कमीशन दिया, फिर आगे बढ़ी फाइल
ठेकेदारों का कहना है कि 10 फीसदी भुगतान पाने के लिए उन्हें निर्माण विभाग के बाबू, अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता से फाइल पास करानी पड़ी। इसके लिए उन्हें हर पटल पर पहले कमीशन देना पड़ा। इसके बाद फाइल अकाउंट विभाग में पहुंची। इसका बोझ भी उनकी जेब पर पड़ा। उनका कहना है कि निर्माण विभाग का एक सहायक अभियंता जीएसटी की रकम पर भी कमीशन वसूल रहा है। न देने पर फाइल पास नहीं करता है।
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बयान
10 फीसदी रकम के भुगतान के बाद सिर्फ 10-15 फीसदी निर्माण कार्य शुरू हुए हैं। 85 फीसदी ठेकेदारों ने पूरा भुगतान न होने की वजह से काम शुरू न करने का फैसला लिया है। फिलहाल सिर्फ 15वें वित्त आयोग के फंड से होने वाले निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। बोर्ड फंड के काम नहीं किए जा रहे हैं। - जयवीर गुर्जर, अध्यक्ष, कांट्रेक्टर एसोसिएशन
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अधिकारी बोले
धीरे-धीरे निर्माण कार्य शुरू होने लगे हैं। ठेकेदारों से वार्ता करके काम शुरू कराए जा रहे हैं। जिन निर्माण कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं। इसी माह में वह सभी शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। - देशराज सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
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गाजियाबाद। शहर के 100 वार्डों में नाली, सड़क निर्माण के लिए जनता का इंतजार इस वित्तीय वर्ष में भी पूरा नहीं हो पाएगा। नगर निगम ने हर वार्ड में 60-60 लाख के काम के वर्क ऑर्डर तो जारी कर दिए, लेकिन ठेकेदारों ने काम करने से इनकार कर दिया। नगर निगम अधिकारियों ने उनके अटकी रकम में से महज 10 फीसदी भुगतान किया, लेकिन उन्हें जीएसटी भरना पड़ गया 12.5 फीसदी, कमीशन दिया अपनी जेब से। ऐसे में ठेकेदारों ने काम करने से इनकार कर दिया है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में नगर निगम सदन ने हर वार्ड में एक-एक करोड़ के निर्माण कार्य कराने का प्रस्ताव पास किया था। पहले चरण में दीपावली से पहले 60-60 लाख के विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई। निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कार्यों के वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए, लेकिन पुराना भुगतान न होने की वजह से ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। अब नगर निगम ने ठेकेदारों को बकाया रकम में से 10 फीसदी भुगतान कर काम शुरू करने को कहा है, लेकिन ठेकेदारों ने इनकार कर दिया। नगर निगम कांट्रेक्टरों का कहना है कि 10 फीसदी रकम मिलते ही उन्हें पूरी रकम पर 12.5 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना पड़ा। मसलन किसी ठेकेदार का एक करोड़ रुपया बकाया था तो उसे सिर्फ 10 लाख रुपये मिले और 12.5 लाख रुपये जीएसटी के रूप में जमा करना पड़ा। इसके साथ-साथ लेबर और मेटेरियल का भी भुगतान करना पड़ा। इससे ठेकेदार नुकसान में ही रहा, उसे इस 10 फीसदी रकम का कोई फायदा नहीं हुआ।
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पहले कमीशन दिया, फिर आगे बढ़ी फाइल
ठेकेदारों का कहना है कि 10 फीसदी भुगतान पाने के लिए उन्हें निर्माण विभाग के बाबू, अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता से फाइल पास करानी पड़ी। इसके लिए उन्हें हर पटल पर पहले कमीशन देना पड़ा। इसके बाद फाइल अकाउंट विभाग में पहुंची। इसका बोझ भी उनकी जेब पर पड़ा। उनका कहना है कि निर्माण विभाग का एक सहायक अभियंता जीएसटी की रकम पर भी कमीशन वसूल रहा है। न देने पर फाइल पास नहीं करता है।
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बयान
10 फीसदी रकम के भुगतान के बाद सिर्फ 10-15 फीसदी निर्माण कार्य शुरू हुए हैं। 85 फीसदी ठेकेदारों ने पूरा भुगतान न होने की वजह से काम शुरू न करने का फैसला लिया है। फिलहाल सिर्फ 15वें वित्त आयोग के फंड से होने वाले निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। बोर्ड फंड के काम नहीं किए जा रहे हैं। - जयवीर गुर्जर, अध्यक्ष, कांट्रेक्टर एसोसिएशन
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अधिकारी बोले
धीरे-धीरे निर्माण कार्य शुरू होने लगे हैं। ठेकेदारों से वार्ता करके काम शुरू कराए जा रहे हैं। जिन निर्माण कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं। इसी माह में वह सभी शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। - देशराज सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम