फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

रुपये दोगुना करने और गेमिंग एप से पैसा कमाने के नाम पर करते थे ठगी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2022 12:48 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
रुपये दोगुना करने और गेमिंग एप से पैसा कमाने के नाम पर करते थे ठगी
विज्ञापन

गाजियाबाद। गेमिंग एप से पैसा कमाने और रुपये दोगुना करने का झांसा देकर ठगी करने वाले नेपाली गिरोह का साइबर सेल व इंदिरापुरम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह लोगों को बड़ी संख्या अपनी साइट का लिंक संदेश के रूप में भेजकर एप डाउनलोड कराकर ठगी करते हैं। इसके लिए गिरोह के सदस्य एप वालेट में लोगों से किस्तों में 50 हजार तक की रकम डलवाकर उनकी एप आईडी बंद कर देते थे। ऐसा करके शातिर अभी तक 10 हजार लोगों से करीब 50 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने इनके पास से 4 लाख की नकदी, 100 डेबिट कार्ड, 37 मोबाइल, 5 लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, एक कार, एक स्कूटी, 2 पासबुक, 13 चेकबुक, 8 चेक, वाई-फाई डिवाइस, दो मोहर, एक पैन कार्ड और एक आधार कार्ड बरामद किया है।
साइबर सेल नोडल अधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी कविनगर निवासी नीरज कुमार सिंह, साहिबाबाद निवासी अवधेश कुमार, इंदिरापुरम निवासी हरिदेव सहाय, सुशांत सहाय, ताराकांत मंडल, दीपेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार व कैलाश कुमार गुप्ता हैं। हरिदेव, सुशांत, ताराकांत, दीपेंद्र और प्रदीप कुमार नेपाल के सबतरी के रहने वाले हैं जबकि कैलाश व अवधेश बिहार और नीरज कुमार सिंह झारखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने इनके कार्यालय पर दबिश देकर गिरफ्तार किया हैं। गिरोह का सरगना रंजीत अभी फरार है वह भी नेपाल का रहने वाला है। उसकी तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

350 में कराते थे पंजीकरण
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि आरोपी इंदिरापुरम में वर्ष 2020 से अपना ऑफिस चला रहे थे। वह लोगों को (एक्सबीईटी डॉट कॉम) से मिलती जुलती साइट का लिंक बड़ी संख्या में भेजते हैं और अधिक पैसा कमाने का लालच देते हैं। एप पर 350 रुपये का लोगों से पंजीकरण कराकर अपने खाते में रुपये मंगवाते हैं और एप पर वालेट बनाकर उसमें रुपये जुड़वाते हैं। एप वालेट में जब एक व्यक्ति द्वारा 50 हजार या उससे अधिक की रकम लगवा लेते थे तो वह उसकी एप आईडी बंद कर देते हैं और उससे संपर्क खत्म कर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलाया चालू खाता
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने फर्जी उद्योग दिखाकर बैंक में चालू खाता खुलवाया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मोटी रकम का लेन-देन करने के लिए उन्होंने चालू खाता खुलवाया। पुलिस ने गिरोह के पास से 130 खातों की जानकारी मिली है। सभी खाते फर्जी दस्तावेज के आधार पर खुलवाए गए हैं।
खाता बंद नहीं होने तक करते थे इस्तेमाल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया वह रंजीत के कहने पर खाते खुलवाते थे और एक खाता खुलवाने और ठगी करने के उन्हें उस रकम का पांच प्रतिशत का हिस्सा मिलता है। साथ ही वह उस खातों को तब तक इस्तेमाल करते थे जब तक पुलिस उस खाते को फ्रीज ना करा दे। फ्रीज कराने तक उस खाते में आई ठगी की रकम का पांच प्रतिशत कमीशन मिलता है।

परास्नातक, बीएड और 8वीं-10वीं पास हैं शातिर
पुलिस के अनुसार नीरज कुमार एमबीए, अवधेश कुमार 8वीं, हरिदेव सहाय 12वीं, सुशांत सहाय 12वीं, ताराकांत मंडल बीएड, दीपेंद्र शर्मा 10वीं, प्रदीप कुमार 10वीं और कैलाश कुमार गुप्ता 12वीं पास हैं। इनमें नीरज कुमार बैंक खाते खुलवाने का काम करता है जबकि अवधेश, हरिदेव, सुशांत, ताराकांत मंडल, दीपेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार, और कैलाश कुमार गुप्ता वेब पेज का संचालन और डेबिट कार्ड से रुपये निकालने का काम करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed