Farmer Protest: कंटीले तार, कील वाले फ्रेम और बड़े-बड़े बोल्डर... बॉर्डर पर सात फुट के गड्ढे खोदकर रोका रास्ता
Kisan Andolan News: किसानों को रोकने लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट है। किसानों के आने की सूचना पर यूपी गेट बॉर्डर, लोनी बॉर्डर पर कंक्रीट डालकर, कंटीले बैरियर लगाकर रास्ता रोका गया। इसके अलावा दिल्ली की सभी सीमाओं पर भारी भरकम बैरिकेडिंग की हुई है।
विस्तार
न्यूनतम समर्थन मूल्य और अन्य मुद्दों पर किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए यूपी बॉर्डर, लोनी बॉर्डर पर कंक्रीट डालकर एवं कंटीले बैरियर लगाकर रास्ता रोका गया है, लेकिन किसनों की राह में बिछाए यह शूल दिनभर वाहनों चालकों को चुभते रहे। एनएच नौ बंद होने और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, लोनी बॉर्डर बैरियर लगे होने से मंगलवार सुबह से जाम जैसे हालात रहे।
वाहन चालक व लोगों को दिल्ली जाने में पसीने छूट रहे। डायवर्जन के कारण टीएचए के लिंक रेाड, सीआइएसएफ, जीटी रोड पर आनंद विहार प्वाइंट पर वाहनों का लंबा जाम लगा रहा।
यूपीगेट गाजीपुर लेन बंद होने से मंगलवार सुबह से ही वाहन की लंबी कतार लगी रहीं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर बैरियर लगे होने से एक बार में एक दो वाहन निकाले गए। इससे नोएडा सेक्टर 62 तक वाहनों का जाम लगा रहा। वाहन चालकों को आनंद विहार बॉर्डर, मोहननगर तिराहा होते हुए दिल्ली जाना पड़ा।
यूपी गेट पर दिल्ली पुलिस की ओर से गाजीपुर वाले रास्ते पर साढ़े तीन फीट चौड़ी कंक्रीट बनाई गई है। कंक्रीट के ऊपर कंटीले तार भी लगाए गए हैं। इसी के बराबर के कच्चे रास्ते को खोद दिया गया। किसानों को दिल्ली की सीमा मब जाने सेरोकने के लिए 7 से 8 फुट का गड्डा भी खोदा गया है।
#WATCH | Security heightened at Tikri Border in view of the march declared by farmers towards the national capital today. pic.twitter.com/FRv0CqJMob
— ANI (@ANI) February 13, 2024
यूपी बॉर्डर बंद होने असर खाने पीने के सामान की आवक पर भी पड़ा। दिल्ली और यूपी में दूध,पानी, ब्रेड, सब्जी समेत अन्य जरुरी चीजों के वाहन चालकों को दिक्कत हुई। इन वाहनों के चालक को करीब पांच-से सात किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर कौशांबी-आनंद विहार, अप्सरा बॉर्डर-दिलशाद गार्डन या तुलसीनिकेतन के रास्ते यूपी-दिल्ली में आवागमन करना पड़ा।
एडीसीपी यातायात वीरेंद्र कुमार ने बताया कि यूपीगेट बॉर्डर समेत सभी बिंदुओं पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। तड़के से पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भी यूपीगेट, तुलसीनिकेतन बॉर्डर, लोनी बॉर्डर पर तैनात रहे। किसानों की अपडेट लेने के लिए उच्च अधिकारी के फोन भी आते रहे। बॉर्डर पर तैनात अधिकारियों के फोन दिनभर घनघनाते रहे। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी किसान संगठनों से भी संपर्क साधते रहे। वहीं सुबह से ही अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जाम खुलवाने में लगे रहे।
मोदी की देश के अन्नदाताओं से नफ़रत का सबसे बड़ा प्रमाण हैं ये कीलें-बैरिकेडिंग‼️
— AAP (@AamAadmiParty) February 13, 2024
जो अन्नदाता किसान देश का पेट भरने के लिए ज़मीन पर फसल उगाते हैं
कायर Modi ने किसानों को रोकने के लिए रास्ते में कीलों का जाल बिछाया है।#KisanVirodhiKhattarModi #FarmersProtest… pic.twitter.com/drkV0u7wYR