फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   defeat corona working health worker

हारेगा कोरोना: किसी की नींद नहीं पूरी हो रही तो कोई कर्तव्य मानकर कर रहा है सेवा 

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2020 05:56 PM IST
विज्ञापन
defeat corona working health worker
फोटो भी लगाएं
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद। इस समय पूरे देश के साथ गाजियाबाद भी कोरोना के संभावित संक्रमण को लेकर परेशान है। हर कोई अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। इन सबके बीच स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। अपने सुरक्षा की चिंता किए बिना ही यह कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं। महामारी के बीच स्वास्थ्य कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।  मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही नहीं पूरी हो रही है नींद  टीबी विभाग में सीनियर लैबोटेरी सुपरवाइजर संजय यादव मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद से नींद भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। दस दिन के भीतर वह शहर के अलग अलग क्षेत्रों से कोरोना के पचास संदिग्ध मरीजाें को एंबुलेंस में घर से लाकर एमएमजी, संयुक्त अस्पताल, संतोष अस्पताल और सुंदरदीप अस्पताल में भर्ती करवा चुके है। मार्च के आरंभ में कोरोना के मरीजों की संख्या बहुत कम थी लेकिन जैसे ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या पांच और संदिग्धों की संख्या सौ पर पहुंची तो 20 मार्च को संजय यादव को टीबी विभाग से मलेरिया विभाग में बनाई गई रैपिड रेस्पांस टीम से अटैच कर दिया गया। सबसे पहले उनकी डयूटी शालीमार गार्डन के पॉजिटिव मरीज को अस्पताल लाने के लिए लगाई गई।
विज्ञापन
पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अलावा जीडीए की टीमों के साथ समन्वय बनाते हुए संजय यादव  मरीज के साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों को भी एमएमजी ले आए। इतना ही नहीं उसके बाद सीज फायर कंपनी में कार्यरत महिला एवं उसके पति के आते ही खलबली मच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनके संपर्क में आए करीब तीस लोगों को अब तक संजय यादव द्वारा ही आइसाेलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है। संजय बताते हैं कि उनके पास आठ एंबुलेंस है। दिन-रात दौड़ रहीं हैं। जमात में भाग लेकर लौटे 136 लोगों को शहर के चार अस्पतालों में अलग-अलग जगह आइसोलेट किया जा चुका है।  राजनगर एक्सटेंशन निवासी संजय  के दो बच्चे भव्या और सूर्यप्रताप सिहं हैैं। उन्होंने पिछले एक महीने से कोई अवकाश नहीं लिया है।
मरीजों को लाने और ले जाने में पूरी सावधानी बरतते है। जरूरत पड़ने पर पीपीई किट का इस्तेमाल करते हैं। खुद सीएमओ एन के गुप्ता का कहना है कि संजय यादव के रहते उन्हे कोई टेंशन नहीं हैं। दरअसल जो मरीज अस्पताल आने के नाम पर विरोध करता है उसे पुलिस के सहयोग से संजय यादव आसानी से आइसोलेट करवा रहे हैं।  जीवन में पहली बार हासिल हो रहा है इस तरह काअनुभव  कोरोना महामारी है, लेकिन हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस महामारी के बीच भी यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं दें। अपने कर्तव्य का पालन करना प्रत्येक प्राणी का धर्म है। यह कहना है  एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत स्टाफ नर्स कुसुमलता का। उनका कहना है कि हमारी जिम्मेदारी है कि बीमारों की देखभाल करें। किसी भी महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग को तो अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। यदि हम नहीं तो फिर बीमारों की देखभाल कौन करेगा।
कुसुम लता जिला एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों का उसी तरह से इलाज कर रही हैं, जिस तरह से सामान्य मरीजों का उपचार करती हैं। कुसुम का कहना है कि जीवन में इस तरह के अवसर कभी-कभी आते हैं। उनका कहना है कि कोरोना का संक्रमण बहुत दिन नहीं चलेगा, लेकिन यह जीवन में एक यादगार पल के रूप में जाना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed