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चेक नहीं ले रहा अस्पताल, कैश के लिए ऑटो रखा गिरवी
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 10 Dec 2016 09:12 PM IST
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अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी में कैश की किल्लत से मेरठ रोड स्थित बाबा नगर निवासी शैलेश पर आफत आ गई है। आपरेशन से पत्नी की डिलीवरी हुई है और उनके पास अस्पताल का बिल चुकाने के लिए कैश नहीं है। आरोप है कि अस्पताल ने चेक लेने से इंकार दिया है और डिस्चार्ज नहीं कर रहे हैं। कैश के लिए उसने पत्नी के कुंडल बेचे दिया और अपना ऑटो भी गिरवी रखा दिया
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है लेकिन फिर भी पूरी रकम कैश में नहीं आ सकी है, जिससे दिक्कत बढ़ गई है। उधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पहले कई मरीजों से चेक लिए थे, जो बाउंस हो गए। ऐसे में चेक लेने से इंकार किया है। साथ ही डिस्चार्ज नहीं करने के आरोप को भी बेबुनियाद बताया है, उनका कहना है कि मां और बच्चे को आब्जर्वेशन में रखा गया है।
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कैश की कमी से समाज का हर वर्ग परेशान है। बैंकों के पास कैश नहीं और एटीएम भी खाली पड़े हैं। पीड़ित शैलेश ने बताया कि उसने पत्नी नीरज को राजनगर स्थित गार्गी अस्पताल में आठ दिसंबर को भर्ती कराया था, उसी दिन पत्नी का ऑपरेशन कर बेटी की डिलीवरी हुई।
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शुरुआत में 10 हजार रुपये कैश अस्पताल में जमा करा दिए लेकिन बाद में और रकम मांगने पर अस्पताल को कैश की दिक्कत बताई गई। इसे साथ ही चेक देने की पेशकश की गई लेकिन अस्पताल ने चेक लेने से इंकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि कैश जुटाने के लिए ऑटो गिरवी रखा और पत्नी के कुंडल तक बेचे, फिर भी अस्पताल की पूरी फीस नकद में इकट्ठा नहीं हो कर सके। अब अस्पताल चेक लेने से इंकार कर रहा है।
उधर, गार्गी अस्पताल की डा. किरण गर्ग ने बताया कि कई मरीजों से चेक पूर्व में लिए गए थे लेकिन बाउंस हो गए, जिसकी वजह से चेक नहीं लेने का फैसला अस्पताल प्रबंधन ने लिया है। फिलहाल मां और बच्चा ऑब्जर्वेशन में हैं। मरीज डेबिट कार्ड के जरिए कैशलेस ट्रांजेक्शन कर सकते हैं, सिर्फ चेक लेने से ही इंकार किया गया है।
शहर के 90 प्रतिशत से ज्यादा एटीएम हैं बंद, कैश के लिए लोग लगा रहे दौड़ बैंक में लगातार तीन दिन तक छुट्टी है। शनिवार को छुट्टी के पहले दिन ही शहर के 90 प्रतिशत से ज्यादा एटीएम बंद मिले। कुछ जगहों पर ही एटीएम से कैश निकल रहा था, लेकिन वहां पर लंबी लाइन लगी रही।
लोगों का आरोप है कि जब बैंक तीन दिन तक बंद रहेंगे तो बैंक प्रबंधन को एटीएम की व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए था।बता दें कि नोटबंदी हुए एक माह से ज्यादा का समय बीत चुका है पर बैंकिंग व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। शनिवार से बैंक तीन दिन के लिए बंद हो गए। बीते शुक्रवार को भी बैंकों से लोगों को पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं मिला।
अगले दिन जब लोग कैश निकालने के लिए एटीएम पहुंचे तो उन्हें निराशा ही हाथ लगी। नवयुग मार्केट स्थित पीएनबी और एसबीआई के एटीएम से ही कैश निकल रहा था। पीएनबी के बाहर लोगों की लंबी लाइन लगी थी, लेकिन यहां भी पौने तीन बजे तक एटीएम खाली हो गया। लोगों का कहना था कि एटीएम में दो घंटे में ही कैश खत्म हो गया।