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लाइन पार, मांग रहा एक सीडब्ल्यूआर

Fri, 22 Apr 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Fri, 22 Apr 2016 01:04 AM IST
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Crossing the line, seeking a C WR
बूंद-बूंद को तरसती जिंदगी और बत्तर होते हालात - फोटो : सौतिक बिश्वास
पानी की किल्लत शहर भर में है, लेकिन लाइनपार क्षेत्र इस समस्या से ज्यादा जूझ रहा है। करीब पांच लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र में नगर निगम 20 साल में एक सीडब्ल्यूआर (क्लीयर वाटर रिजर्वायर) तक नहीं बना पाया।
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सीडब्ल्यूआर न होने की वजह से विजयनगर जोन के ओवरहेड टैंक नहीं भर पा रहे। इसके चलते पानी का प्रेशर इतना कम है कि कालोनी के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच रहा। इससे क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार है।
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 कालोनी के लोग तीन साल से सीडब्ल्यूआर बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन निगम अफसर सुनवाई ही नहीं कर रहे। लाइनपार क्षेत्र में छोटे बड़े करीब 60 से ज्यादा ट्यूबवेल हैं। विजयनगर, प्रताप विहार, रोजी कालोनी, राहुल विहार, शिवपुरी, कैलाश नगर, ओल्ड विजयनगर समेत लाइन पार की इन कालोनियों में पानी की आपूर्ति के लिए निगम ने आठ ओवरहेड टैंक बनाए हुए हैं।
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इन ओवरहेड टैंकों को पूर्व में सीधे ट्यूबवेलों से भरा जाता था, लेकिन अब आबादी ज्यादा होने की वजह से ओवरहेड टैंक में पानी देने की बजाय सीधे कालोनियों में सप्लाई दी जाती है। ऐसे में लाइट जाते ही पानी की आपूर्ति भी ठप हो जाती है। लोगों को पानी का प्रेशर भी नहीं मिल पाता। सीडब्ल्यूआर बन जाने से आसपास के ट्यूबवेलों से इसमें पानी इकट्ठा कर ओवरहेड टैंकों को भरा जा सकता है।

पानी के लिए लगती हैं लाइनें
प्रेशर कम होने की वजह से कालोनी के अंतिम छोर पर रहने वाले रेजिडेंट्स को पानी नहीं मिल पाता। ट्यूबवेल के आसपास के क्षेत्र में ही लोगों को पानी मिल पाता है। ऐसे में ट्यूबवेल चलते ही अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों को मजबूरन पानी के लिए ऐसे क्षेत्रों में जाना पड़ता है, जहां पानी आसानी से मिल जाता है। बाल्टियां भरकर लोग पानी घरों में ले जाते हैं।


 कालोनी में पानी सिर्फ थोड़ी देर के लिए आता है। बीच में लोग मोटरें चला लेते हैं, इससे प्रेशर कम हो जाता है। पार्षद से कई बार शिकायत की गई, सुनवाई नहीं हुई। - वीरमती देवी
ज्यादातर ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। पानी का प्रेशर इतना नहीं होता कि सभी घरों में पहुंच जाए। ऐसे में ट्यूबवेल के पास लगी टंकी से पानी भर कर ले जाना पड़ता है। - आशा

कालोनी में लगे दो ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। सिर्फ एक ट्यूबवेल से पानी मिलता है। इस पर ज्यादा बोझ होने की वजह से आवश्यकता अनुसार पानी नहीं मिल पाता। - मुनेश


दो मंजिला मकान भी में ऊपरी मंजिल में पानी नहीं पहुंचता। इसके लिए मोटर लगनी पड़ रही है। - सीमा

विजयनगर जोनल कार्यालय के पास सीडब्ल्यूआर बनाए जाने की मांग की जा रही है। निगम अधिकारी इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहे। गर्मी बढ़ने से पानी की किल्लत भी बढ़ने लगी है। जल्द ही इसका निर्माण नहीं कराया गया तो जनता के साथ निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करूंगा। - कुलदीप, स्थानीय पार्षद
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