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लूटे गए मोबाइल का आईएमईआई बदलने वाले दबोचे-Cordination
Updated Fri, 07 Jul 2017 04:51 PM IST
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500 से अधिक मोबाइल लूटने वाले चार शातिर लुटेरे गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच और साहिबाबाद पुलिस ने मोबाइल फोन लूटने और फिर उनका आईएमईआई नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को बुधवार रात शालीमार गार्डन से दबोचा गया।
उनके पास से 19 आईफोन के अलावा कई स्मार्टफोन समेत 146 मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों में दो बदमाश मोबाइल झपटते थे जबकि बाकी दो उनका आईएमईआई नंबर चेंज करते थे। शालीमार गार्डन में चारों लुटेरे अरमान कम्युनिकेशन के नाम से मोबाइल शॉप चलाते थे। चारों 500 से अधिक मोबाइल लूटकर उनकी आईएमईआई नंबर बदल चुके हैं।
एसपी क्राइम ब्रिजेश कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शालीमार गार्डन की एक मोबाइल शॉप पर छापामारी कर चारों बदमाशों को पकड़ा गया।
उनके पास से कुल 146 मोबाइल बरामद हुए हैं, जिनमें 19 आईफोन हैं। इसके अलावा दो कंप्यूटर, पांच डाटा केबल, सात आईएमईआई चेंज-की के अलावा आईएमईआई नंबर चेंज करने वाले दो साफ्टवेयर डिवाइस बरामद किए गए हैं।
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पकड़े गए बदमाशों में गिरोह का सरगना गुलफाम और डीयू से बीए का छात्र आमिर निवासी साहिबाबाद आईएमईआई नंबर बदलते थे। इन्होंने गफ्फार मार्केट दिल्ली से आईएमईआई नंबर चेंज करने वाला साफ्टवेयर और डिवाइस खरीदा था।
इस काम के वह 500 से 1000 रुपये तक लेते थे। पकड़े गए नासिर और आबिद निवासी पसौंडा स्नैचिंग करते थे। पुलिस इनके मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है कि 17 मई को पकड़े गए गिरोह की तरह ये व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान या अन्य देशों से तो नहीं जुड़े थे। एसएसपी ने बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
गुलफाम ने बताया कि उसका संपर्क पहले से स्नैचिंग करने वाले नासिर और आबिद से था। उसने यू ट्यूब से मोबाइल के आईएमईआई बदलने का तरीका सीखा। इसके बाद गफ्फार मार्केट से जाकर संबंधित सॉफ्टवेयर और चेंजर ले आया और आबिद और नासिर के साथ मिलकर अपना गिरोह बना लिया।
शहीदनगर में ही रहने वाले डीयू में बीए द्वितीय वर्ष छात्र आमिर को भी रुपयों का लालच देकर अपने साथ जोड़ा। आमिर दिल्ली केएक नामी इंस्टीट्यूट से होटल मैनेजमेंट भी कर रहा है।
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क्राइम ब्रांच और साहिबाबाद पुलिस ने मोबाइल फोन लूटने और फिर उनका आईएमईआई नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को बुधवार रात शालीमार गार्डन से दबोचा गया।
उनके पास से 19 आईफोन के अलावा कई स्मार्टफोन समेत 146 मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों में दो बदमाश मोबाइल झपटते थे जबकि बाकी दो उनका आईएमईआई नंबर चेंज करते थे। शालीमार गार्डन में चारों लुटेरे अरमान कम्युनिकेशन के नाम से मोबाइल शॉप चलाते थे। चारों 500 से अधिक मोबाइल लूटकर उनकी आईएमईआई नंबर बदल चुके हैं।
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एसपी क्राइम ब्रिजेश कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शालीमार गार्डन की एक मोबाइल शॉप पर छापामारी कर चारों बदमाशों को पकड़ा गया।
उनके पास से कुल 146 मोबाइल बरामद हुए हैं, जिनमें 19 आईफोन हैं। इसके अलावा दो कंप्यूटर, पांच डाटा केबल, सात आईएमईआई चेंज-की के अलावा आईएमईआई नंबर चेंज करने वाले दो साफ्टवेयर डिवाइस बरामद किए गए हैं।
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पकड़े गए बदमाशों में गिरोह का सरगना गुलफाम और डीयू से बीए का छात्र आमिर निवासी साहिबाबाद आईएमईआई नंबर बदलते थे। इन्होंने गफ्फार मार्केट दिल्ली से आईएमईआई नंबर चेंज करने वाला साफ्टवेयर और डिवाइस खरीदा था।
इस काम के वह 500 से 1000 रुपये तक लेते थे। पकड़े गए नासिर और आबिद निवासी पसौंडा स्नैचिंग करते थे। पुलिस इनके मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है कि 17 मई को पकड़े गए गिरोह की तरह ये व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान या अन्य देशों से तो नहीं जुड़े थे। एसएसपी ने बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
गुलफाम ने बताया कि उसका संपर्क पहले से स्नैचिंग करने वाले नासिर और आबिद से था। उसने यू ट्यूब से मोबाइल के आईएमईआई बदलने का तरीका सीखा। इसके बाद गफ्फार मार्केट से जाकर संबंधित सॉफ्टवेयर और चेंजर ले आया और आबिद और नासिर के साथ मिलकर अपना गिरोह बना लिया।
शहीदनगर में ही रहने वाले डीयू में बीए द्वितीय वर्ष छात्र आमिर को भी रुपयों का लालच देकर अपने साथ जोड़ा। आमिर दिल्ली केएक नामी इंस्टीट्यूट से होटल मैनेजमेंट भी कर रहा है।