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Ghaziabad News: रेलवे स्टेशन के बाहर धूल का गुबार...यात्री परेशान
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गाजियाबाद। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क का अधूरा निर्माण यात्रियों के लिए लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। शुक्रवार दोपहर आई आंधी के दौरान सड़क पर फैली मिट्टी धूल के गुबार में तब्दील हो गई। स्टेशन पहुंच रहे यात्री आंखों और मुंह को कपड़े से ढककर आगे बढ़ते नजर आए। अधूरी सड़क, भारी वाहनों की आवाजाही और धूल के बीच यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ी। पिछले कई दिनों से इस अव्यवस्था की पड़ताल की जा रही है, लेकिन यात्रियों को तत्काल राहत देने के लिए कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जीटी रोड से रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग का निर्माण जुलाई में शुरू हुआ था। सड़क का एक हिस्सा तैयार कर दिया गया, जबकि दूसरा हिस्सा अब भी अधूरा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित है। अगस्त और सितंबर में हुई बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण निर्माण प्रभावित हुआ है। वहीं, निर्माण कार्य रुकने के बाद से ही यात्रियों को धूल और अव्यवस्थित आवाजाही के बीच स्टेशन तक पहुंचना पड़ रहा है। शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
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यातायात व्यवस्था ठीक करने की मांग
सड़क निर्माण की समय-सीमा नवंबर के अंत तक निर्धारित है, लेकिन यात्रियों की परेशानी उससे पहले कम करने के लिए धूल पर नियंत्रण और यातायात प्रबंधन जरूरी है। यात्रियों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए और व्यस्त समय में यातायात को व्यवस्थित करने की व्यवस्था की जाए। इस संबंध में पिछले कई दिनों से रेलवे अधिकारियों से यात्रियों की सहूलियत के लिए किए जाने वाले उपायों की जानकारी मांगी जा रही है। शुक्रवार को भी दिल्ली मंडल के पीआरओ अजय माइकल को मौके की स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक धूल रोकने और यातायात को व्यवस्थित करने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी जानकारी नहीं मिली।
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बोले यात्री
मैं छह महीने बाद स्टेशन आया हूं। सड़क का एक हिस्सा तो बन गया, लेकिन दूसरे हिस्से के अधूरे होने से परेशानी अब भी बनी हुई है। धूल के कारण स्टेशन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। — राजेश, यात्री
सुबह और शाम स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए, ताकि यात्रियों को रोजाना परेशानी न उठानी पड़े। — मेघराज, यात्री
सड़क का निर्माण जब पूरा होगा, तब होगा। लेकिन तब तक यात्रियों की सहूलियत के लिए पानी का छिड़काव और यातायात संभालने के लिए जवानों की तैनाती होनी चाहिए।
— वैभव, यात्री
लखनऊ से दिल्ली की ओर सफर कर रहा हूं। गाजियाबाद स्टेशन पर उतरकर कैब पकड़ने पहुंचे। लेकिन बाहर ट्रालों की आवाजाही, धूल और जाम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन के बाहर सड़क के हालात हाल्ट से भी खराब हैं। -गौरव भटनागर