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Ghaziabad News: बिहार के सृजन घोटाले में आरोपी सचिव रजनीप्रिया को सीबीआई ने किया गिरफ्तार
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गाजियाबाद। बिहार के अरबों रुपये के सृजन घोटाले की आरोपी सचिव रजनी प्रिया को सीबीआई दिल्ली और पटना शाखा ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर इंदिरापुरम से गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने पटना कोर्ट में पेश करने से पहले गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया।
सीबीआई ने बताया कि अरबों रुपये के इस घोटाले में 27 आरोपी हैं, इनमें से 12 जेल में हैं। सीबीआई अदालत ने तीन आरोपियों केपी रमैया, अमित कुमार और रजनी प्रिया के खिलाफ कुर्की वारंट भी जारी किया था। इसके बाद सीबीआई ने अमित और रजनी प्रिया की 13 चल व अचल संपत्ति की कुर्की भी कर चुकी है।
ये है घोटाला
भागलपुर में 2003 में जिलाधिकारी रहते हुए केपी रमैया ने सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को पत्र जारी कर सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के बैंक खाते में रुपये जमा कराने के लिए कहा था। इसके बाद इस एनजीओ के बैंक खाते में रुपये जमा कराए गए थे। सृजन एनजीओ की सचिव मनोरमा देवी ने अपनी मृत्यु से पहले ही पुत्रवधू रजनी प्रिया को एनजीओ का सचिव बना दिया था। कई विभागों के अधिकारी मिलकर सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खाते में रुपये डालते थे, जिसे बाद में मिलकर बंदरबांट कर लेते थे।
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तत्कालीन जिलाधिकारी आदेश तितरमारे ने एक सरकारी विभाग के लिए चेक भेजा तो यह कहकर चेक वापस कर दिया गया था कि बैंक में रुपये कम हैं। इसके बाद तितरमारे ने शक के आधार पर जांच कराई, तब घोटाला सामने आया। पटना की सीबीआई अदालत ने रजनी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इंदिरापुरम में छिपे होने की जानकारी मिलने पर पटना सीबीआई शाखा ने दिल्ली सीबीआई के साथ मिलकर बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे रजनी को गिरफ्तार कर सीबीआई अदालत अदालत में पेश किया।
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सीबीआई ने बताया कि अरबों रुपये के इस घोटाले में 27 आरोपी हैं, इनमें से 12 जेल में हैं। सीबीआई अदालत ने तीन आरोपियों केपी रमैया, अमित कुमार और रजनी प्रिया के खिलाफ कुर्की वारंट भी जारी किया था। इसके बाद सीबीआई ने अमित और रजनी प्रिया की 13 चल व अचल संपत्ति की कुर्की भी कर चुकी है।
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ये है घोटाला
भागलपुर में 2003 में जिलाधिकारी रहते हुए केपी रमैया ने सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को पत्र जारी कर सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के बैंक खाते में रुपये जमा कराने के लिए कहा था। इसके बाद इस एनजीओ के बैंक खाते में रुपये जमा कराए गए थे। सृजन एनजीओ की सचिव मनोरमा देवी ने अपनी मृत्यु से पहले ही पुत्रवधू रजनी प्रिया को एनजीओ का सचिव बना दिया था। कई विभागों के अधिकारी मिलकर सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खाते में रुपये डालते थे, जिसे बाद में मिलकर बंदरबांट कर लेते थे।
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तत्कालीन जिलाधिकारी आदेश तितरमारे ने एक सरकारी विभाग के लिए चेक भेजा तो यह कहकर चेक वापस कर दिया गया था कि बैंक में रुपये कम हैं। इसके बाद तितरमारे ने शक के आधार पर जांच कराई, तब घोटाला सामने आया। पटना की सीबीआई अदालत ने रजनी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इंदिरापुरम में छिपे होने की जानकारी मिलने पर पटना सीबीआई शाखा ने दिल्ली सीबीआई के साथ मिलकर बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे रजनी को गिरफ्तार कर सीबीआई अदालत अदालत में पेश किया।